Sat Oct 31, 2026 | 11:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vighnesh Y , Sr. Consultant – General Medicine

प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर सब्जियां काटते हैं, डॉक्‍टर से जानें यह सेहत के ल‍िए क्‍यों है खतरा?

प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड अपने आप में असुरक्षित नहीं होते हैं। साथ ही, इनसे सेहत को कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं। डॉक्‍टर से जानें प्‍लास्‍ट‍िक सेहत को कैसे प्रभाव‍ित करता है? 
प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर सब्जियां काटते हैं, डॉक्‍टर से जानें यह सेहत के ल‍िए क्‍यों है खतरा?प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर सब्जियां काटते हैं, डॉक्‍टर से जानें यह सेहत के ल‍िए क्‍यों है खतरा?

जब भी चाकू से प्लास्टिक के बोर्ड पर कुछ काटा जाता है, तो उसमें से प्लास्टिक के बहुत छोटे कण निकल सकते हैं। इन्हें माइक्रोप्लास्टिक और नैनोप्लास्टिक कहते हैं। ये कण खाने की चीजों पर चिपक सकते हैं और भोजन के साथ शरीर में पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, चाकू से बार-बार काटने के कारण बोर्ड पर गहरे निशान बन सकते हैं। इन निशानों में बैक्टीरिया और खाने के छोटे-छोटे टुकड़े फंस सकते हैं। Dr. Vighnesh Y, Sr. Consultant General Physician At Yashoda Hospitals, Secunderabad ने बताया क‍ि कच्चा मांस और सब्जियां काटने के लिए दो अलग-अलग बोर्ड इस्तेमाल करें। हर बार इस्तेमाल के बाद बोर्ड को गर्म पानी और साबुन से धोएं और नियमित रूप से कीटाणुमुक्त करें। अगर बोर्ड पर बहुत ज्यादा खरोंच या गहरे निशान बन गए हैं, तो उसे बदल दें। लकड़ी, बांस या कांच के बोर्ड भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं, बशर्ते उनकी सही तरीके से सफाई और देखभाल की जाए।

1. खाने में माइक्रोप्लास्टिक के कण मिल सकते हैं

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प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर चाकू चलाने से उसकी सतह धीरे-धीरे घिसती है। इस दौरान प्लास्टिक के छोटे-छोटे कण निकल सकते हैं, जो कटी हुई सब्जियों और फलों के साथ खाने में पहुंच सकते हैं। साल 2023 में Environmental Science & Technology जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में पॉलीप्रोपाइलीन और पॉलीइथिलीन से बने चॉपिंग बोर्ड पर सब्जियां काटने के दौरान माइक्रोप्लास्टिक निकल सकते हैं। इसका मतलब है कि रोजाना इस्तेमाल से माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आने की आशंका बढ़ सकती है।

2. शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस का खतरा

कुछ प्रयोगात्मक अध्ययनों में माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ने और कोशिकाओं में सूजन से जुड़े बदलाव देखे गए हैं। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर में फ्री रेडिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट के बीच संतुलन बिगड़ जाता है।

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3. बोर्ड में बैक्टीरिया पनप सकते हैं

प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर बार-बार चाकू चलाने से गहरी खरोंच बन जाती हैं। इन खरोंच में सब्जियों के छोटे टुकड़े, नमी और खाने के अवशेष फंस सकते हैं। अगर बोर्ड को ठीक से साफ नहीं किया जाता, तो वहां बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है। इससे खाने में बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं और फूड पॉइजनिंग की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए ज्यादा खरोंच वाले बोर्ड को बदल देना चाहिए।

4. बोर्ड की खराब सतह से पाचन समस्‍याओं का खतरा

प्लास्टिक का बोर्ड जितना पुराना होता जाता है, उस पर चाकू के निशान और दरारें बनने की आशंका उतनी ही बढ़ती है। इससे बोर्ड की सतह असमान हो सकती है और उसकी सफाई करना मुश्किल हो सकता है और खाने के कण फंसकर ताजे खाने के साथ म‍िल सकते हैं, इससे पाचन समस्‍याएं और फूड पॉइजन‍िंग का खतरा रहता है। अगर बोर्ड से प्लास्टिक के टुकड़े निकलने लगे हैं, वह टूट गया है या उसमें गहरी दरारें हैं, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए।

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प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड की जगह कौन सा बोर्ड इस्तेमाल करें?

अगर आप प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड का इस्‍तेमाल करने से बचना चाहते हैं, तो स्टेनलेस स्टील के चॉपिंग बोर्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे साफ करना और सैनिटाइज करना भी आसान होता है। इसमें लकड़ी की तरह नमी के कारण फफूंद लगने की आशंका कम रहती है। अगर इसका इस्तेमाल करते हैं, तो अच्छी क्वालिटी का फूड-ग्रेड और जंग-रोधी स्टील चुनें।

रसोई में चॉपिंग बोर्ड चुनते समय किन बातों का रखें खास ध्यान?

  • चॉपिंग बोर्ड खरीदते समय उसके मटेरियल और फूड-ग्रेड क्वालिटी का ध्यान रखें।
  • बोर्ड की सतह चिकनी होनी चाहिए, उसमें पहले से कट, दरारें या गहरे निशान नहीं होने चाहिए।
  • ऐसा बोर्ड चुनें जो चाकू की धार को जल्दी खराब न करे।
  • बोर्ड का आकार इतना बड़ा हो कि सब्जियां आसानी से काटी जा सकें।
  • बोर्ड की सामग्री ऐसी होनी चाहिए जो नमी के कारण जल्दी खराब न हो।
  • सब्जियों, फलों और कच्चे मांस के लिए अलग-अलग चॉपिंग बोर्ड रखें।

न‍िष्‍कर्ष:

प्लास्टिक के चॉपिंग बोर्ड पर सब्जियां काटने से माइक्रोप्लास्टिक के कण खाने में मिल सकते हैं और सेहत पर इसका बुरा असर हो सकता है।। बोर्ड पर गहरी खरोंचें होने से बैक्टीरिया पनपने और फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए कच्चे मांस और सब्जियों के लिए अलग बोर्ड रखें और इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह साफ करें। चॉपिंग बोर्ड चुनते समय उसकी क्वालिटी, सफाई और मजबूती का ध्यान रखें और ज्यादा खराब होने पर उसे बदल दें। प्लास्टिक की जगह लकड़ी, बांस या अच्छी क्वालिटी का स्टेनलेस स्टील बोर्ड इस्तेमाल कर सकते हैं।

image credit: magnific

FAQ

  • क्या प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड से निकलने वाले माइक्रोप्लास्टिक से कैंसर हो सकता है?

    अभी तक ऐसे पर्याप्त अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं जो यह साबित करें कि प्लास्टिक चॉपिंग बोर्ड से निकलने वाले माइक्रोप्लास्टिक कैंसर का कारण बनते हैं। इसलिए इसे कैंसर का सीधा कारण नहीं मान सकते।
  • क्या माइक्रोप्लास्टिक शरीर में जमा हो सकता है?

    ब्‍लड, मल, मूत्र और कुछ अंगों के नमूनों में माइक्रोप्लास्टिक पाए गए हैं। इससे पता चलता है कि इनका संपर्क शरीर से हो सकता है।

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  • Current Version

    Oct 31, 2026 22:01 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Vighnesh Y