Fri Oct 30, 2026 | 07:06 PM IST

Medically Reviewed by Dr Gopal Agrawal , Clinical Director – Paediatrics & Neonatology

शिशु को जरूरत से ज्यादा दूध पिलाना हो सकता है खतरनाक, जानें 5 बड़े नुकसान

दूध में प्रोटीन, कैल्‍श‍ियम जैसे पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं। यह बच्‍चों की मांसपेश‍ियों और हड्ड‍ियों को मजबूत करने में मदद करता है, लेक‍िन कई माता-प‍िता श‍िशु को अध‍िक मात्रा में दूध प‍िला देते हैं ज‍िससे उनकी सेहत खराब हो सकती है। डॉक्‍टर से जानें ऐसे 5 नुकसान।
शिशु को जरूरत से ज्यादा दूध पिलाना हो सकता है खतरनाक, जानें 5 बड़े नुकसानशिशु को जरूरत से ज्यादा दूध पिलाना हो सकता है खतरनाक, जानें 5 बड़े नुकसान

बच्चे को जरूरत से ज्यादा दूध या खाना खिलाना उसकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कई बार माता-पिता बच्चे का पेट भर जाने के बाद भी उसे जबरदस्ती दूध पिलाते या खाना खिलाते रहते हैं। इससे बच्चे को उल्टी, पेट फूलना, गैस और पेट में असहजता जैसी पाचन संबंधि‍त समस्याएं हो सकती हैं। शिशु को जरूरत से ज्यादा दूध पिलाने पर वह दूध को मुंह से बाहर भी न‍िकाल सकता है। बार-बार जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलने से वजन तेजी से बढ़ने का खतरा हो सकता है, जिससे आगे चलकर मोटापा और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की आशंका बढ़ सकती है। आइए व‍िस्‍तार से समझते हैं श‍िशु को ओवरफीड‍िंग कराने के नुकसान। बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Gopal Aggarwal, Director- Department Of Pediatrics And Neonatology At Cloudnine Group of Hospitals, Gurugram से बात की।

American Academy Of Pediatrics के मुताब‍िक, बोतल से दूध पीने वाले ज्यादातर नवजात शिशु हर 2 से 3 घंटे में दूध पीते हैं। 24 घंटे में कम से कम 8 बार दूध पिलाने की सलाह आमतौर पर दी जाती है। स्तनपान करने वाले नवजात शिशु आमतौर पर हर 2 घंटे में दूध पीते हैं। इस तरह 24 घंटे में 10 से 12 बार स्तनपान करना सामान्य है।

श‍िशु की उम्र दूध की मात्रा दूध प‍िलाने का अंतराल 
शुरुआती कुछ हफ्ते (स्तनपान) लगभग 30 से 60 मिलीलीटर हर 2 घंटे में, 24 घंटे में लगभग 10–12 बार
1 साल की उम्र तक (स्तनपान) लगभग 133 मिलीलीटर शिशु की भूख और जरूरत के अनुसार
जन्म के पहले 1–2 दिन (बोतल से दूध) लगभग 15 मिलीलीटर हर 2–3 घंटे में
पहले महीने के अंत तक (बोतल से दूध) लगभग 90–120 मिलीलीटर हर 3–4 घंटे में
6 महीने की उम्र तक (बोतल से दूध) लगभग 180–240 मिलीलीटर 24 घंटे में 4–5 बार

ये American Academy Of Pediatrics द्वारा दी गई अनुमानित मात्राएं हैं। हर शिशु की दूध पीने की जरूरत अलग होती है। स्तनपान करने वाले शिशु में म‍िल्‍क इनटेक की सटीक मात्रा मापना आमतौर पर संभव नहीं होता। शिशु को जबरदस्ती दूध न पिलाएं और उसकी भूख व पेट भरने के संकेतों पर ध्यान दें।

ओवरफीडिंग शिशु के लिए क्यों हानिकारक है?

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1. ओवरफीडिंग से शिशु के पाचन तंत्र पर पड़ने वाला असर

  • जरूरत से ज्यादा दूध पिलाने से श‍िशु के पेट में गैस, पेट फूलना और दूध निकालने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • हालांकि, शिशुओं में थोड़ा दूध निकालना सामान्य भी हो सकता है और हर बार इसका कारण ओवरफीडिंग नहीं होता है।
  • बोतल से दूध पीने वाले शिशुओं को दूध तेजी से पेट में जाने के कारण ओवरफीड‍िंग की आशंका हो सकती है। इसलिए दूध पिलाते समय बीच-बीच में रुकें और शिशु को डकार दिलाएं।

2. उल्टी और दूध बाहर निकलने की समस्या

शिशु का पेट भर जाने के बाद भी दूध पिलाते रहने से वह अतिरिक्त दूध आसानी से पचा नहीं पाता है और उल्टी हो सकती है या दूध बाहर न‍िकालने की समस्या बढ़ सकती है। दूध पिलाने के बाद शिशु को कुछ देर गोद में सीधा रखें और डकार द‍िलाएं।

3. जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ने का खतरा

अगर शिशु को लगातार जरूरत से ज्यादा दूध या कैलोरी दी जाती हैं, तो उसका वजन तेजी से बढ़ सकता है। लंबे समय तक जरूरत से ज्यादा कैलोरी मिलने से आगे चलकर मोटापे का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि, शिशु का वजन तेजी से बढ़ना हमेशा ओवरफीडिंग का संकेत नहीं होता।

यह भी पढ़ें- दूध पीने के बाद शिशु बार-बार दूध निकालता है, क्या यह नॉर्मल है? डॉक्टर से जानें कब चिंता की बात

4. शिशु की बेचैनी हो सकती है

जरूरत से ज्यादा दूध पीने के बाद शिशु को पेट में भारीपन, गैस या दूध लौटने के कारण परेशानी हो सकती है। इससे वह दूध पीने के बाद रोने लगता है और बेचैन हो सकता है।

5. श‍िशु की नींद प्रभावित हो सकती है

ज्‍यादा दूध प‍िलाने से पाचन समस्‍याएं और असहजता के कारण श‍िशु को आराम से सोने में कठिनाई महसूस हो सकती है। अगर शिशु बार-बार जागता है, तो पहले देखें कि शिशु को डकार, डायपर बदलने, गोद या आराम की जरूरत तो नहीं है। अगर वह भूख के संकेत दे रहा है, तो ही दूध पिलाएं।

शिशु को ज्यादा दूध पिलाने के शुरुआती संकेत

शि‍शु को ज्‍यादा दूध प‍िलाने के कई शुरुआती संकेत हो सकते हैं जैसे-

  • बार-बार दूध मुंह से न‍िकालना
  • उल्‍टी होना
  • पेट फूला हुआ लगना
  • पेट में गैस होना
  • बेचैनी होना

श‍िशु का पेट भर गया है यह कैसे पहचानें?

  • ओवरफीड‍िंग की पुष्‍टि नहीं की जा सकती, लेक‍िन अगर श‍िशु का पेट भर गया है, तो यह संभव है क‍ि वह बार-बार मुंह फेर सकता है और बोतल की न‍िप्‍पल से दूध चूसना बंद कर देता है।
  • श‍िशु मुंह बंद कर लेता है, तो यह पेट भरने का संकेत हो सकता है। ऐसे में श‍िशु को दूध न प‍िलाएं।

शिशु को दूध पिलाने का तरीके

  • दूध प‍िलाते समय श‍िशु को गोद में सीधा रखें और बोतल को उसके मुंह में जबरदस्‍ती न लगाएं।
  • दूध पि‍लाते समय जब श‍िशु मुंह फेरने लगे या बोतल से दूर हटे, तो दूध प‍िलाना रोक दें।

डॉक्‍टर से संपर्क कब करें?

  • अगर शिशु को बार-बार तेज उल्टी हो
  • हरी उल्टी होना या उल्‍टी के साथ ब्‍लड आना
  • पेट फूलना
  • पेशाब कम होना
  • श‍िशु का सुस्‍त होना

न‍िष्‍कर्ष:

श‍िशुओं की डाइट में दूध को शाम‍िल करने से उन्‍हें प्रोटीन, कैल्‍श‍ियम जैसे पोषक तत्‍व म‍िलते हैं। श‍िशु को ज्‍यादा दूध प‍िलाने से बार-बार दूध मुंह से न‍िकालना, उल्‍टी होना, पेट फूलना, पेट में गैस और बेचैनी जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं। जरूरत से ज्‍यादा दूध प‍िलाने पर श‍िशु को असहजता और बेचैनी महसूस हो सकती है, नींद प्रभाव‍ित हो सकती है और वजन बढ़ सकता है।अगर श‍िशु का पेट भर गया है, तो वह बार-बार न‍िप्‍पल से मुंह फेर सकता है या मुंह बंद कर सकता है। ऐसे में उसे ओवरफीड‍िंग नहीं करानी चाह‍िए। दूध प‍िलाते समय श‍िशु को गोद में सीधा रखें और बोतल को उसके मुंह में जबरदस्‍ती न लगाएं।

image credit: magnific

FAQ

  • मां का दूध पर्याप्त है या नहीं कैसे पता करें?

    अगर श‍िशु नियमित रूप से दूध पी रहा है, दूध निगलने की आवाज आती है, पेशाब की मात्रा सामान्‍य है और उसका वजन धीरे-धीरे बढ़ रहा है, तो ये संकेत बताते हैं कि उसे पर्याप्त दूध मिल रहा है।
  • क्या नवजात शिशु को पानी पिलाना चाहिए?

    नहीं। जन्म से छह महीने तक बच्चे को अलग से पानी देने की जरूरत नहीं होती। मां के दूध से उसे पोषण के साथ पर्याप्त पानी भी मिलता है।

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    Oct 30, 2026 15:34 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Gopal Agrawal