Thu Nov 5, 2026 | 07:27 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vighnesh Y , Sr. Consultant – General Medicine

धनतेरस पर बर्तन खरीदने से पहले जानें स्टील, तांबा या पीतल, सेहत के लिहाज से कौन-सी धातु है बेहतर?

धनतेरस के मौके पर घर में नए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इस दौरान कई लोग स्टील, तांबे और पीतल के बर्तन खरीदना पसंद करते हैं, लेक‍िन क्‍या आपको पता है सेहत के ल‍िए सबसे अच्‍छा बर्तन कौन सा है? डॉक्‍टर से जानें सही जवाब।
धनतेरस पर बर्तन खरीदने से पहले जानें स्टील, तांबा या पीतल, सेहत के लिहाज से कौन-सी धातु है बेहतर?धनतेरस पर बर्तन खरीदने से पहले जानें स्टील, तांबा या पीतल, सेहत के लिहाज से कौन-सी धातु है बेहतर?

स्टील, तांबा और पीतल में से कौन सी धातु सबसे बेहतर है?: अगर तीनों धातुओं की तुलना करें, तो स्टेनलेस स्टील ज्यादातर परिवारों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। तांबे का इस्तेमाल सावधानी के साथ पानी रखने के लिए किया जा सकता है, जबकि पीतल के बर्तन ड्राई चीजों को परोसने के लिए उपयोगी हो सकते हैं। आइए जानते हैं सेहत के ल‍िए कौन से धातु वाले बर्तन का चुनाव करें और क्‍यों? बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने Dr. Vighnesh Y, Sr. Consultant General Physician At Yashoda Hospitals, Secunderabad से बात की।

ScienceDirect के मुताब‍िक, स्टेनलेस स्टील कई तरह की मिश्र धातुओं ने बनता है। इसमें कम कार्बन वाले स्टील के साथ कम से कम 10 प्रतिशत क्रोमियम होता है। इसे स्टेनलेस स्टील इसलिए कहा जाता है क्योंकि सामान्य स्टील की तुलना में इस पर दाग, जंग और खरोंच का असर कम होता है।

रोजाना इस्‍तेमाल के ल‍िए स्‍टील के बर्तन चुन सकते हैं

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ज्यादातर परिवारों के लिए फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील (खाने के लिए बनाए गए सुरक्षित स्टील के बर्तन) सबसे अच्छा विकल्प माने जाते हैं। यह लंबे समय तक चलते हैं, इसे साफ करना आसान है और यह सिरका, टमाटर, इमली, नींबू या दही जैसे खट्टे खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता। स्टेनलेस स्टील से आमतौर पर सेहत को नुकसान होने का खतरा बहुत कम होता है। इसलिए रोजाना खाना बनाने और परोसने के लिए इसका इस्तेमाल करना अच्छा विकल्प है।

स्टील के बर्तनों के फायदे:

  • रोजाना खाना बनाने और परोसने के लिए उपयोगी।
  • साफ करना आसान और टिकाऊ।
  • इनमें खट्टे खाद्य पदार्थों का इस्‍तेमाल क‍िया जा सकता है।
  • सही क्वालिटी का स्टील जंग और टूट-फूट से बचाव करता है।

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तांबे के बर्तन खट्टी चीजें रखने से बचें

तांबे की सतह में बैक्टीरिया को कम करने की क्षमता होती है। तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल मुख्य रूप से पीने का पानी रखने के लिए किया जाता है, लेकिन तांबा शरीर के लिए जरूरी खनिज है और इसकी अधिक मात्रा शरीर में जाने से मतली, उल्टी और दस्त हो सकते हैं। इसलिए तांबे के बर्तन पर अंदर से सुरक्षित परत कलई (ट‍िन कोट‍िंग) होनी चाहिए और इसकी सफाई भी सावधानी से करनी चाहिए। बिना कलई वाले तांबे के बर्तन में खट्टे खाद्य पदार्थ पकाने या रखने से बचें।

पीतल के बर्तन में केवल ड्राई खाद्य पदार्थ ही रखें

पीतल दि‍खने में सुंदर होता है और इसका पारंपरिक महत्व भी है, लेकिन यह तांबे और जिंक को मिलाकर बनाया जाता है। गर्म करने पर यह नमक और खट्टे खाद्य पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है। अगर आप पीतल का बर्तन खरीदते हैं, तो उसमें सूखे खाद्य पदार्थ परोसें, पानी रखें या धार्म‍िक कार्यों में इस्तेमाल करें। नींबू, दही, इमली या टमाटर से बनी चीजें इसमें पकाने से बचें। पीतल के बर्तनों पर की जाने वाली पारंपरिक टिन की परत (कलई) इस प्रतिक्रिया को कम करती है, लेकिन समय-समय पर इसकी देखभाल जरूरी है।

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डॉक्‍टर की सलाह

रोजाना खाना बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी के स्टेनलेस स्टील के बर्तन खरीदें। अगर आपको पसंद है, तो पानी रखने के लिए तांबे का बर्तन भी ले सकते हैं। टूटे, बिना कलई वाले या बहुत ज्यादा खरोंच लगे धातु के बर्तनों का इस्तेमाल न करें। ध्यान रखें कि कोई भी बर्तन संतुलित आहार, साफ पानी, स्वच्छता या डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का विकल्प नहीं हो सकता है।

धनतेरस पर बर्तन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  • धनतेरस पर बर्तन खरीदते समय सिर्फ धातु का नाम देखकर फैसला न करें। उसकी क्वालिटी, बनावट और इस्तेमाल का तरीका भी समझें।
  • रोजाना खाना बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी का फूड-ग्रेड स्टेनलेस स्टील खरीदें।
  • तांबे का बर्तन खरीदते समय उसकी अंदरूनी परत और गुणवत्ता जांचें।
  • पीतल के बर्तन में कलई की स्थिति देखें।
  • बहुत ज्यादा खरोंच लगे, टूटे या अंदर से खराब हो चुके बर्तनों का इस्तेमाल न करें।
  • बर्तनों को नियमित रूप से साफ और सूखा रखें।

धनतेरस पर बर्तन खरीदना एक अच्छी परंपरा है, लेकिन सेहत के लिहाज से ऐसे बर्तन चुनें जिनका इस्तेमाल आप रोजाना सुरक्षित तरीके से कर सकें। यह उम्मीद न करें कि कोई बर्तन आपको बीमारियों से ठीक कर देगा।

न‍िष्‍कर्ष:

धनतेरस पर बर्तन खरीदने जा रहे हैं, तो स्‍टेनलेस स्‍टील का चुनाव कर सकते हैं। वहीं तांबे के बर्तन में बैक्टीरिया को कम करने की क्षमता होती है, लेक‍िन इसे ज्‍यादा मात्रा में लेने से मतली, उल्टी और दस्त का खतरा रहता है। बिना कलई वाले तांबे के बर्तन में खट्टे खाद्य पदार्थ रखने से वह खाने के साथ र‍िएक्‍ट कर सकता है और खाने को खराब कर सकता है। पीतल के बर्तनों की बात करें, तो इसे केवल सूखे खाद्य पदार्थ रखने के ल‍िए इस्‍तेमाल करना चाह‍िए या पानी के ल‍िए। इसमें खट्टी चीजों को पकाने से बचना चाह‍िए क्‍योंक‍ि इसमें रखी गई खट्टी चीजें पीतल के साथ र‍िएक्‍ट होकर खराब हो सकती हैं।

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FAQ

  • क्या स्टील के बर्तन में स्‍टोर करने से खाना खराब हो सकता है?

    सिर्फ स्टील के बर्तन में खाना रखने से खराब नहीं होता, लेकिन अगर खाना लंबे समय तक गलत तापमान पर रखा जाए या बर्तन साफ न हो, तो बैक्टीरिया पनप सकते हैं और फूड पॉइजन‍िंग का खतरा बढ़ सकता है।
  • क्या स्टील के बर्तन में नींबू का अचार रख सकते हैं?

    स्टेनलेस स्टील के बर्तन में थोड़े समय के लिए खट्टी चीजें रख सकते हैं। हालांकि, लंबे समय तक अचार रखने के लिए कांच या अच्‍छी क्वालिटी वाला फूड-ग्रेड सिरेमिक का इस्तेमाल करना चाह‍िए।

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    Nov 05, 2026 18:27 IST

    Published By : Yashaswi Mathur
    Reviewed By : Dr Vighnesh Y