Fri Sep 11, 2026 | 06:52 PM IST

Medically Reviewed by Dr Karuna Malhotra , Cosmetologist, Skin specialist & Homoeopath Physician

बार-बार फट जाते हैं होंठ? डॉक्टर से जानें मौसम बदलने के अलावा किन समस्याओं के कारण ऐसा हो सकता है

अगर आपके होंठ भी बार-बार फटते हैं, तो इसे हल्के में न लें। यह सिर्फ मौसमी समस्या नहीं है। कई बार डिहाइड्रेशन, लंबे समय से चल रही दवाओं का प्रभाव भी हो सकता है। जानें, होंठ फटने के अन्य कारणों के बारे में।

आपने देखा होगा कि मानसून आते ही होंठों के फटने की समस्या शुरू हो जाती है। आमतौर पर लोग इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं। उन्हें लगता है कोई गंभीर समस्या नहीं और कुछ घरेलू उपायों की मदद से समस्या से निपटने की कोशिश करते हैं। बहरहाल, क्या आप जानते हैं कि कई बार होंठों का फटना सिर्फ मौसमी कारणों से नहीं होता है? कभी-कभी यह किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है, जैसे डिहाइड्रेशन और लंबे समय तक ली जाने वाली दवा का असर। यहां राजौरी गार्डन स्थित कॉस्मेटिक स्किन क्लिनिक की कॉस्मेटोलॉजिस्ट और त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. करुणा मल्होत्रा आपको बता रही हैं कि होंठों के फटने के क्या-क्या कारण हो सकते हैं।

बार-बार होंठ फटने के कारण

what causes chapped lips apart from seasonal changes 01 (25)

डिहाइड्रेशन से फट सकते हैं होंठ

डॉ. करुणा मल्होत्रा के अनुसार, "अगर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो होंठ फटने लगते हैं। दरअसल, होंठों के पास ऑयल ग्लैंड नहीं होती हैं। इसलिए, जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है, तो बॉडी अंदरूनी हिस्सों को अधिक महत्व देता है। यही कारण है कि इस दौरान होंठ सूखकर फटने लगते हैं। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए जरूरी है कि आप बॉडी को हाइड्रेट रखें। समय-समय पर पानी पिएं। इससे डिहाइड्रेशन की समस्या भी नहीं होगी।"

विटामिन कमी से फट सकते हैं होंठ

डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "शरीर में किसी भी तरह के पोषक तत्वों की कमी होने लगती है, तो उसके लक्षण उभरने लगते हैं। इसी तरह, शरीर में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन बी 12 की कमी होने के कारण सबसे पहले त्वचा को नुकसान होता है और होंठ ड्राई होने लगते हैं।"

इस प्रक्रिया को डॉ. करुणा मल्होत्रा आगे समझाती हैं, "शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण सेल्स रिपेयर करने और म्यूकस मेम्ब्रेन (त्वचा की अंदरूनी कोमल परत) को स्वस्थ रखने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। विटामिन बी-कॉम्प्लेक्स (जैसे बी2 और बी6), आयरन या जिंक जैसे पोषकतत्वों की कमी के कारण होंठ सूखने गते हैं, क्योंकि उसकी सुरक्षात्मक लेयर क्षतिग्रस्त हो जाती है। ऐसे में होंठों के फटने की समस्या देखने को मिलती है।"

साल 2016 में BMC Oral Health में प्रकाशित आर्टिकल से भी पता चलता है कि विटामिन B12 की कमी से होंठों के फटने की समस्या हो सकती है। 

लंबे समय से दवा का होंठों पर असर

डॉ. करुणा मल्होत्रा कहती हैं, "कई ऐसी दवाएं हैं, जिन्हें लंबे समय तक लिया जाए, तो इसका बुरा प्रभाव होंठों पर पड़ सकता है। असल में, कुछ दवाएं शरीर की नमी को कम कर देती हैं और ऑयल प्रोडक्शन के स्तर में भी कमी आती है। ऐसे में होंठों की त्वचा सूख जाती है, जिससे होंठों के फटने की समस्या होने लगती है। यही नहीं, लंबे समय तक दवा लेने के कारण शरीर में आई नमी की कमी होंठों की पतली परत को कमजोर कर देती है, जिससे उसमें दरारें और पपड़ी जमने की समस्या होने लगती है।"

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बार-बार होंठों को चूसना

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे बार-बार अपने होंठों को चूसते या उस पर जीभ लगाते रहते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि हमारी लार में पाचक (Digestive) एंजाइम्स होते हैं, जो कि स्किन की सुरक्षात्मक लेयर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए, लार लगने के तुरंत बाद जैसे ही यह सूखती है, यह होंठों की प्राकृतिक नमी को भी खींच लेती है। ऐसे में होंठ सूजे हुए नजर आते हैं और सेंसिटिव होने के कारण होंठ फटने भी लगते हैं।

DermNet के अनुसार बार-बार होंठों को चूसने वालों को लिप लिकर कहा जाता है। इसकी वजह से लिप लिकर डर्मेटाइटिस जैसी समस्या का कारण बनता है। इसमें लार त्वचा और होंठों के संपर्क में आती है, जिससे होंठों के फटने की समस्या होने लगती है।

केमिकल के संपर्क में आना

डॉ. करुणा मल्होत्रा आगे कहती हैं, "होंठों को मुलायम बनाए रखने के लिए हम लिप बाम का इस्तेमाल करते हैं। इसमें कई तरह के इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल होता है। इसी तरह, टूथपेस्ट में भी कई तरह के केमिकल्स का उपयोग किया जाता है, जो कि जलन पैदा कर सकते हैं, जैसे मेंथॉल, कपूर, सैलिसिलिक एसिड और आर्टिफिशियल फ्रेगरेंस। ये केमिकल्स होंठों की प्राकृतिक नमी छीन लेते हैं, जिससे होंठों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचने लगता है। वहीं, अगर किसी को इन तमाम प्रोडक्ट में मौजूद किसी भी इंग्रीडिएंट से एलर्जी हो, तो यह समस्या हो सकती है।"

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फटे होठों की समस्या से कैसे राहत पाएं?

  1. नियमित रूप से होंठों की केयर करें।
  2. अच्छी कंपनी के पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल करें।
  3. नियमित रूप से शरीर को हाइड्रेटेड रखें।
  4. होंठों पर ऐसे लिप बाम लगाएं, जिसमें एसपीएफ 30 मौजूद हो।
  5. होंठों को बार-बार चूसना या जीभ लगाना बंद करें।
  6. अगर होंठों से पपड़ी निकल रही है, तो उसे हाथ से खींचे नहीं।
  7. मेंथॉल या कपूर युक्त लिप प्रोडक्ट्स का उपयोग न करें।

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निष्कर्ष

होंठों के फटने का कारण सिर्फ बदलता मौसम नहीं है। इसके अलावा, बार-बार होंठों को चूसना, होंठों पर हार्श केमिकल युक्त उत्पाद का इस्तेमाल करना भी होंठों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा, पोषक तत्वों की कमी तथा डिहाइड्रेशन भी होंठों की बाहरी परत को नुकसान पहुंचाता है, जिससे होंठ फटने लगते हैं। होंठों की केयर करना ज्यादा मुश्किल नहीं है। नियमित रूप से लिप बाम लगाएं और होंठों को अंदरूनी तरफ से खूबसूरत बनाने के लिए खुद को हाइड्रेटेड जरूर रखें।

All Image Credit: Magnific

FAQ

  • क्या थायराइड के कारण भी होंठ बार-बार फट सकते हैं?

    हाइपोथायराइडिज्म होने पर होंठ बार-बार फट सकते हैं। दरअसल, इस समस्या में थायराइड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में हार्मोन नहीं बना पाती। इससे मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है और पसीने व प्राकृतिक ऑयल का उत्पादन घट जाता है। ऐसे में पूरी बॉडी ड्राई हो जाती है और होंठ में दरारे पड़ने लगती हैं। 
  • क्या मुंह से सांस लेने की आदत के कारण होंठों में ड्राईनेस हो सकती है?

    जो लोग सोते समय या नाक बंद होने के कारण मुंह से सांस लेते हैं, उन्हें मुंह से सास लेना पड़ता है। हवा के बार-बार मुंह के जरिए बाहर आने-जानें से होंठों की प्राकृतिक नमी तेजी से सूख जाती है। नतीजतन, होंठ पपड़ीदार होकर फटने लगते हैं।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

Meera Tagore

Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Aug 07, 2026 15:21 IST

    Modified By : Meera Tagore
  • Aug 07, 2026 15:21 IST

    Published By : Meera Tagore
    Reviewed By : Dr Karuna Malhotra

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