Fri Sep 11, 2026 | 08:25 PM IST

Medically Reviewed by Dr Shobha Gupta , Medical Director and IVF Consultant

सीमा हैदर ने 11 महीने में दिया दूसरे बच्चे को जन्म, डॉक्टर से जानें इतनी जल्दी दोबारा प्रेग्नेंसी के खतरे

हाल ही में सीमा हैदर ने अपने छठे बच्चे को जन्म दिया है। हालांकि, चिंता का विषय यह है कि महज 11 महीने के अंदर उन्होंने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया। आइए, जानते हैं कि ऐसा किया जाना महिला स्वास्थ्य के लिए कितना जोखिमभरा हो सकता है।

इन दिनों इंटरनेट में एक खबर ने खासा तूल पकड़ ली है कि सीमा हैदर के घर छठी बार नन्हीं किलकारियां गूंज रही हैं। इसका मतलब है कि उन्होंने अपने छठे बच्चे को जन्म दिया है। हैरानी की बात ये कि सीमा हैदर ने 11 महीने के अंदर ही दो बच्चों को जन्म दिया है। इस खबर से इंटरनेट पर यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि दो बच्चों के बीच इतना कम गैप कितना सही है और इसका महिला स्वास्थ्य पर किस तरह का असर पड़ता है? अगर आप भी उन महिलाओं में हैं, जो अपने दूसरे बच्चे की प्लानिंग कर रही हैं, तो इस लेख को जरूर पढ़ें। इस लेख में Mumma's Blessing IVF और वृंदावन स्थित Birthing Paradise की Medical Director and IVF Specialist डॉ. शोभा गुप्ता आपको बताएंगी कि 11 महीने में दो बच्चों को जन्म देना कितना सेफ है?

क्या 11 महीने में दो बच्चों को जन्म देना सुरक्षित है?

11 महीने में दो बच्चों को जन्म देना किसी भी लिहाज से सही नहीं माना जाता है। इस संबंध में डॉ. शोभा गुप्ता समझाती हैं, ‘11 महीने में दो बच्चों को जन्म देने का मतलब है कि डिलीवरी के बाद दो-तीन महीने के अंदर ही महिला ने कंसीव कर लिया। आमतौर पर इसे हाई रिस्क प्रेग्नेंसी माना जाता है।’ डॉ. शोभा गुप्ता आगे बताती हैं, ‘दो बच्चों के बीच कम से कम 18 महीने का गैप होना चाहिए। यह न सिर्फ दो बच्चों की ग्रोथ के लिए बेहतर होता है, बल्कि महिला की रिकवरी बेहतर होती है और दूसरी प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह का जोखिम कम होता है।’ NCBI की रिपोर्ट भी यह साबित करती है कि 6-18 महीने से पहले दूसरी बार कंसीव करने से महिला की हेल्थ बुरी तरह प्रभावित होती है, गर्भाशय को भारी नुकसान हो सकता है और यह शिशु के लिए भी सही नहीं है।

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शिशु के लिए जोखिम

अगर मां 11 महीने में दो बच्चों को जन्म देती हैं, तो इसकी वजह से शिशु का स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है-

  • समय से पहले बच्चे का जन्मः अगर महिला 11 महीने में ही दो बच्चों को जन्म देती है, तो यह दूसरे बच्चे के लिए ज्यादा खतरनाक होता है। उसका समय से पहले जन्म हो सकता है। जाहिर है, इसका उनके विकास पर भी असर पड़ता है।
  • जन्म के समय अंडरवेट होनाः 11 महीने में दो बच्चों के जन्म का मतलब है कि दूसरी प्रेग्नेंसी में महिला को पर्याप्त पोषण और रेस्ट नहीं मिला है। वहीं, अगर महिला पहले बच्चे को ब्रेस्टफीड करवा रही है, तो गर्भ में पल रहे शिशु दूसरे शिशु के विकास पर असर पड़ता है। नतीजतन, डिलीवरी के दौरान बच्चा जन्म के समय अंडरवेट हो सकता है।
  • जन्म के समय मृत्युः 11 महीने के अंदर दो बच्चों का जन्म दूसरे बच्चे के बचने की संभावना को कम कर देता है। इसका मतलब है कि अगर प्रेग्नेंसी के दौरान महिला को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है, तो इसका गर्भ पर बुरा असर पड़ सकता है। यहां तक कि महिला को मेडिकल कंडीशन जैसे जेस्टेशनल डायबिटीज आदि हो सकते हैं।

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महिला के लिए जोखिम

  • गर्भाशय का फटनाः महज 11 महीने के गैप में दो बच्चों को जन्म देने के कारण महिला का गर्भाशय कमजोर हो जाता है। इसी वजह से डिलीवरी के दौरान गर्भाशय के फटने का जोखिम बढ़ जाता है।
  • प्लेसेंटल एब्रेप्शनः डिलीवरी के तुरंत बाद कंसीव करने से प्लेसेंटा एब्रेप्शन का रिस्क बढ़ जाता है। इस कंडीशन में डिलीवरी से पहले ही प्लेसेंटा गर्भाशय से अलग हो जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है। इसमें महिला को ब्लीडिंग हो सकती है और शिशु में ऑक्सीजन तथा पोषक तत्व की कमी हो सकती है।
  • एनीमिया का रिस्कः इतने कम से समय में दो बार कंसीव करना, एक बच्चा ब्रेस्टफीड करे और दूसरे का गर्भ में विकास हो रहा है। इस तरह की स्थिति में महिला के शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिलते हैं और उन्हें एनीमिया होने का रिस्क बढ़ जाता है। ध्यान रखें कि एनीमिया होने पर शरीर में ब्लड सप्लाई कम हो जाती है, जो कि गर्भ में पल रहे दूसरे शिशु के विकास के लिए सही नहीं है।

निष्कर्ष

वैसे तो महिला को कब कंसीव करना है और अपने दो बच्चों के बीच कितने साल का गैप रखना है, यह सभी बातें महिला का निजी फैसला होता है। हालांकि, डॉक्टर सुझाव देते हैं कि दो बच्चों के बीच कम से कम 18 महीने का गैप होना जरूरी है। महिला को पहली डिलीवरी के बाद रिकवरी के लिए समय चाहिए होता है। दो बच्चों के बीच कम समय का गैप रखने के कारण महिला का शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, जिससे सेकेंड बेबी की डिलीवरी में जटिलताएं बढ़ जाती हैं।

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FAQ

  • दो बच्चों के बीच कम से कम कितना अंतर होना चाहिए?

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दो बच्चों के बीच कम से कम 18 से 24 महीने का अंतर होना चाहिए। यह मां की हेल्थ के लिए जरूरी है।
  • क्या सिजेरियन के बाद तुरंत दोबारा कंसीव करना अधिक खतरनाक है?

    एक्सपर्ट्स की मानें, तो यह सच है कि सिजेरियन डिलीवरी के तुरंत बाद कंसीव करना अध्कि खतरनाक हो सकता है। महिलाओं को सेकेंड प्रेग्नेंसी के लिए कम से कम 18 महीने का इंतजार जरूर करना चाहिए।
  • ब्रेस्टफीडिंग के दौरान दोबारा प्रेग्नेंट होने पर क्या चुनौतियां आती हैं?

    अगर महिला ब्रेस्टफीडिंग के दौरान कंसीव कर लेती है, तो इससे उनके शरीर पर दुगना बोझ बढ़ जाता है। दरअसल, पहले से ही ब्रेस्टफीड कराने के कारण महिला कमजोर होती है और कंसीव करने की वजह से गर्भ में पल रहे शिशु के विकास का बोझ भी महिला स्वास्थ्य पर पड़ने लगता है।

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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