मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है फुल टर्म प्रेग्नेंसी, जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

    डिलीवरी के समय फुल टर्म प्रेगनेंसी को सबसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। क्योंकि इस दौरान बच्चे का पूर्ण विकास हो जाता है। 

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Dec 04, 2021 00:00 IST
मां और शिशु दोनों की सेहत के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है फुल टर्म प्रेग्नेंसी, जानें इससे जुड़ी जरूरी बातें

फुल टर्म प्रेग्नेंसी जैसे अपने नाम से ही सुझा रहा है कि इस प्रेग्नेंसी में बच्चा 9 महीने का समय पूरा होने के बाद ही पैदा होता है। इस प्रेग्नेंसी में न तो समय से पहले और न ही समय के बाद बल्कि पूरे 36 हफ्ते में ही बच्चा पैदा होता है। यह सबसे हेल्दी प्रेग्नेंसी मानी जाती है और इस प्रेग्नेंसी में बच्चा और मां पूरी तरह से स्वस्थ भी रहते हैं। अधिकतर प्रेग्नेंसी फुल टर्म प्रेग्नेंसी ही होती हैं। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल में सीनियर आब्सट्रिशियन एंड गायनोकोलॉजिस्ट डॉ मनीषा रंजन बताती हैं कि लगभग 6 फीसदी डिलीवरी 41 सप्ताह में होती हैं। जिसको लेट प्रेगनेंसी भी माना जाता है। यदि यही डिलीवरी 42 सप्ताह से अधिक में होती है तो इसे पोस्ट टर्म प्रेगनेंसी कहते हैं। इस प्रेगनेंसी में बच्चे के लिए रिस्क बढ़ जाता है। जैसे कि लो ब्लड शुगर या जन्म के समय बच्चे की मृत्यु या फिर जन्म के समय बच्चे को कोई चोट आदि की समस्या हो सकती है। बच्चे ADHD, ऑटिज्म जैसी बीमारियों के रिस्क से घिरे रहते हैं। अगर इसके बाद बच्चे का जन्म होता है तो मां को बच्चे के जन्म के बाद अधिक ब्लीडिंग जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। जबकि फुल टर्म प्रेगनेंसी में बच्चे का पूरी तरह विकास हो चुका होता है। अगर इससे पहले या इसके बाद बच्चा पैदा होता है तो मां और बच्चे को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।तो आप कैसे अपनी प्रेग्नेंसी को फुल टर्म प्रेग्नेंसी बना सकती हैं? जानिए इन टिप्स के माध्यम से।

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फुल टर्म प्रेगनेंसी के हेल्दी टिप्स-tips for full term pregnancy in hindi

1. अपने आप को बीमार होने से बचाएं (Protect From Getting Ill)

प्रेग्नेंसी के दौरान आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है क्योंकि आपके शरीर का पूरा ध्यान बच्चे और उसके विकास पर ही रहता है। इस समय आपको इंफेक्शन और अन्य बीमारियां होने का अधिक खतरा रहता है। इसलिए अपने आप को हर उन चीजों से बचा कर रखें जिनमें बैक्टेरिया और वायरस आदि पाए जा सकते हैं। बीमार लोगों के पास न जाएं और अपने हाथ बार बार धोती रहें।

2. हाइड्रेटेड रहें और हेल्दी डाइट का पालन भी करें (Keep Hydrated)

अगर आप अधिकतर ताजी चीजें, फल और सब्जियां खायेंगी तो आपका बीमार होने का रिस्क भी कम होगा। समय पर ही बच्चा होने की संभावना बढ़ेगी। इसलिए आपको संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। इस दौरान अपने आप को हाइड्रेटेड रखना भी काफी जरूरी होता है। साथ ही आप भरपूर मात्रा में पानी पिएं। तली भुनी और बाहर की चीजों से दूरी ही बना कर रखेंगी तो अच्छा रहेगा।

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3. प्रसव पूर्व केयर में न छोड़ें कोई भी कसर (Take Good Care Of Yourself)

जैसे ही आपको पता चलता है कि आप गर्भवती हैं तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट बुक कर लेना चाहिए। अपने डॉक्टर से अपने लिए जरूरी सलाह लें और अपना पूरा ध्यान रखें। समय समय पर अपने चेक अप करवाती रहें और यह भी ख्याल रखें कि आपका जो वजन बढ़ रहा है, वह केवल हेल्दी वजन ही हो।

4. दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच रखें समय (Wait At Least 2 Years For Second Pregnancy)

अगर आपने अभी एक बच्चे को जन्म दिया है और आप तुरंत दूसरे बच्चे की प्लानिंग कर रही हैं तो इससे समय से पहले बच्चे का जन्म होने का रिस्क बढ़ता है। इसलिए आपको दूसरी बार मां बनने के लिए बीच में कम से कम दो साल का अंतर बना कर रखना चाहिए।

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5. अपने जीवन से स्ट्रेस को कर दें पूरी तरह खत्म (Remove Stress)

प्रेग्नेंसी में मूड स्विंग होते रहना है और किसी किसी चीज के बारे में बुरे ख्याल आना आम रहता है। लेकिन अगर आप स्ट्रेस लेती हैं तो इससे आपके बीमार होने और समय से पहले बच्चे का जन्म होने का खतरा बढ़ जाता है। जब भी आपके मन में बुरे ख्याल या स्ट्रेस आता है तो यह सोचें कि आप इसके बारे में कुछ नहीं कर सकती हैं और अपने आप को वर्तमान में रखने की ही कोशिश करें।

इन टिप्स से आप फुल टर्म प्रेग्नेंसी के लक्ष्य को प्राप्त कर सकती हैं और बच्चे और मां दोनों की सेहत को स्वस्थ रख सकती हैं।

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