Wed Sep 23, 2026 | 05:39 PM IST

Medically Reviewed by Dr Vineeta Singh Tandon , Sr. Consultant – Internal Medicine

बिना चोट शरीर पर पड़ रहे हैं नीले निशान, जानें कारण और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?

कई बार लोगों को पता ही नहीं चलता कि उनके शरीर पर नीले रंग के छोटे-छोटे निशान बन गए हैं। इसका कारण चोट लगना नहीं होता, फिर भी समय-समय पर ऐसे निशान पड़ने लगते हैं। इसके कारणों को जानना बहुत जरूरी है, जो डॉक्टर ने इस लेख में विस्तार से समझाए हैं। 
बिना चोट शरीर पर पड़ रहे हैं नीले निशान, जानें कारण और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?बिना चोट शरीर पर पड़ रहे हैं नीले निशान, जानें कारण और कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?

कई लोगों को अक्सर हाथ, पैर या शरीर के दूसरे हिस्सों पर अचानक ही नीले या बैंगनी रंग के निशान दिखने लगते हैं। ऐसे निशान चोट की वजह से नहीं लगे होते, लेकिन इसका कारण भी उन्हें समझ नहीं आता। हालांकि, कुछ मामलों में हल्की टक्कर लगने पर भी निशान पड़ सकते हैं, लेकिन अगर बार-बार नीले निशान दिखें, तो इसके कारणों पर ध्यान देने की जरूरत होती है। इस बारे में दिल्ली के ISIC Multispeciality Hospital के Internal Medicine की Senior Consultant Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि बिना चोट के बार-बार नीले निशान पड़ने लगें और साथ में खून बहने जैसे दूसरे लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी होता है।

शरीर पर नीले निशान पड़ने के 5 कारण

Dr. Vineeta Singh Tandon कहती हैं, “शरीर पर पड़ने वाले इन निशानों को ब्रूस कहते हैं। ये तब बनते हैं, जब स्किन के नीचे मौजूद छोटी ब्लड वेसल्स खून बाहर निकलकर आसपास के टिश्यू में जमा हो जाता है। आमतौर पर निशान कुछ समय में धीरे-धीरे हल्का पड़ने लगता है, लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार ऐसे निशान बन रहे हैं, तो इसके कारणों को जानना जरूरी है।

1. बढ़ती उम्र

Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “उम्र बढ़ने के साथ स्किन में बदलाव आने लगते हैं। त्वचा पहले के मुकाबले पतली हो सकती है और उसके नीचे मौजूद ब्लड वेसल्स पर हल्की चोट लगने से भी नीला निशान पड़ सकता है। कई बार व्यक्ति को यह याद भी नहीं रहता कि उसे चोट कब लगी थी। हालांकि, हर उम्र में बार-बार या बिना वजह बड़े निशान बनने पर उसकी जांच कराना बहुत जरूरी है।”

2. कुछ दवाइयों का असर

Dr. Vineeta Singh Tandon ने बताया कि जो लोग रोजाना दवा लेते हैं, उनके शरीर पर भी नीले निशान पड़ सकते हैं। कुछ लोग खून पतला करने वाली दवाएं, पेनकिलर और स्टेरॉयड दवाएं लेते हैं, उन्हें बहुत आसानी से नीले या बैंगनी निशान पड़ सकते हैं। कुछ सप्लीमेंट्स भी खून के जमने की प्रक्रिया या दवाओं के असर को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए अगर कोई नई दवा शुरू करने के बाद शरीर पर निशान ज्यादा दिखाई दे, तो डॉक्टर को इसकी जानकारी देनी चाहिए। कोई भी दवा खुद से न छोड़ें और खासतौर पर अगर किसी बीमारी की रोजाना दवा ली जा रही है, तो बिल्कुल दवा लेना न छोड़ें।

3. न्यूट्रिशन की कमी

Dr. Vineeta Singh Tandon का कहना है, “शरीर को सेहतमंद रखने के लिए न्यूट्रिशन की जरूरत होती है। इसमें विटामिन C और विटामिन K लेना जरूरी होता है, जो ब्लड वेसल्स और खून के सामान्य तरीके से जमने के प्रोसेस में मदद करते हैं। अगर किसी के शरीर में इन न्यूट्रिशन की कमी होती है, तो कुछ लोगों को आसानी से चोट लग सकती है। आयरन की कमी के कारण भी शरीर पर नीले रंग के निशान पड़ सकते हैं।”

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4. प्लेटलेट्स या खून से जुड़ी परेशानी

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि अगर शरीर पर बार-बार बिना वजह नीले निशान बन रहे हैं, तो कभी-कभी इसके पीछे खून के जमने की प्रक्रिया से जुड़ी समस्या भी हो सकती है। प्लेटलेट्स खून का थक्का बनाने में मदद करते हैं। जब प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं, तो शरीर में आसानी से खून बहने लगता है। ऐसी स्थिति में कभी-कभी लोगों को हाथ, पैर या शरीर के हिस्सों पर नीले निशान दिखाई दे सकते हैं।

5. फेफड़ों और हार्ट से जुड़ी समस्याएं

MedlinePlus के मुताबिक, फेफड़ों की धमनियों में खून का थक्का जमने, बहुत ज्यादा ऊंचाई पर होने, सांस की नली में सूजन, हार्ट से जुड़ी समस्याएं और हार्ट फेलियर के कारण कई मरीजों को नीले या बैंगनी रंग के धब्बे पड़ सकते हैं।

डॉक्टर से कब सलाह लेना जरूरी है?

MedlinePlus के अनुसार, अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो स्किन पर नीला पड़ना गंभीर समस्या हो सकता है।
वयस्कों में नीले निशान होने के इमरजेंसी लक्षण
गहरी सांस न ले पाना
सांस लेने के लिए बैठते समय आगे की ओर झुकना पड़ा
पर्याप्त हवा अंदर खींचने के लिए जोर लगाना पड़े
छाती में दर्द
बहुत ज्यादा सुस्ती, नींद आना और भ्रम महसूस होना

बच्चों के लिए नीले निशान होने के इमरजेंसी लक्षण

  • सांस लेने में बहुत ज्यादा मुश्किल होना
  • सांस लेते समय गुर्राने या घुरघुराने जैसी आवाज आना
  • शरीर का ढीला पड़ जाना
  • खाना-पीना न लेना
  • सोने में दिक्कत होना

डॉक्टर की सलाह

Dr. Vineeta Singh Tandon ने कहा कि कभी-कभार छोटा निशान दिखना और बार-बार बिना वजह बड़े निशान बनना, दोनों अलग स्थितियां हैं। अगर निशान बार-बार बन रहे हैं या इनके साथ दूसरे लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। अगर किसी को नीले निशान पड़ने के साथ मसूड़ों से खून आने लगे या बिना वजह खून बहने लगे, तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर मरीज की मेडिकल हिस्ट्री, दवाओं और अन्य लक्षणों को देखकर इलाज की सलाह दे सकते हैं।

निष्कर्ष

शरीर पर नीले निशान हमेशा किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होते। इसका कारण बढ़ती उम्र या मामूली चोट भी भी हो सकती है, लेकिन अगर बिना किसी चोट के निशान बार-बार पड़े, तो इसका चेकअप कराना जरूरी है। समय पर डॉक्टर से सलाह लेकर इसका इलाज कराना महत्वपूर्ण है।

FAQ

  • क्या ईयरफोन लगाने से कानों के अलावा सिरदर्द और चक्कर की समस्या भी हो सकती है?

    ईयरकैनाल में ईयरबड्स का दबाव और लंबे समय तक तेज आवाज सीधे कान की नसों को एक्टिवेट करते हैं। इससे मायोफेशियल सिरदर्द और कान के आंतरिक संतुलन के बिगड़ने से हल्का चक्कर आने का अहसास हो सकता है। 
  • क्या सोते समय ईयरफोन लगाकर म्यूजिक या पॉडकास्ट सुनना कानों के लिए खतरनाक है?

    यह बहुत नुकसानदायक है। रातभर कानों में ईयरफोन लगे रहने से कानों को आराम नहीं मिलता, तकिए के दबाव से ईयरकैनाल की त्वचा छिल सकती है और अचानक तेज आवाज बजने से ईयरड्रम डैमेज होने का खतरा रहता है।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 23, 2026 15:51 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Sep 23, 2026 15:51 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Vineeta Singh Tandon

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