Punarnava Benefits and Side Effects: पुनर्नवा का पौधा कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है। आयुर्वेद में पुनर्नवा के पौधों का इस्तेमाल कई बीमारियों का इलाज में किया जाता है। पुनर्नवा के सूखे फूल को पीसकर चूर्ण और सिरप के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इससे शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है और कई बीमारियों को दूर रखा जा सकता है। पुनर्नवा के आयुर्वेदिक फायदों के देखते हुए हमने Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की। उन्होंने कहा, "पुनर्नवा का वानस्पतिक नाम Boerhavia diffusa है। आयुर्वेदिक चिकित्सा में इसकी जड़, पत्तियों और अन्य भागों का इस्तेमाल विभिन्न औषधीय बीमारियों को मैनेज करने के लिए किया जाता है।"
एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, पुनर्नवा में इम्यूनो मॉड्यूलेशन, हेपेटो प्रोटेक्शन, एंटी कैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटी-इन्फ्लेमेशन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों से बचाव करने में मदद करते हैं।
पुनर्नवा क्या है? – What is Punarnava in Hindi
Dr. Chetan Sharma का कहना है कि पुनर्नवा मुख्य रूप से नाइसटैजिनेसी परिवार से संबंध रखता है। आयुर्वेद में पुनर्नवा को ऊर्जावान यानि की शक्तिशाली कहकर बुलाया जाता है। मुख्य रूप से पुनर्नवा का इस्तेमाल भारत, अफ्रीका, म्यांमार और उत्तर व दक्षिण अमेरिका में किया जाता है।
पुनर्नवा के फायदे – Benefits of Punarnava in Hindi
पुनर्नवा का चूर्ण बनाकर कई बीमारियों में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन जिन लोगों को गंभीर बीमारियां हैं और वह पुनर्नवा का सेवन करना चाहते हैं, तो इसके बारे में पहले डॉक्टर से बात करें।
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1. वजन घटाने में करता है मददगार- Punarnava helps in Weight Loss
MDPI में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक, पुनर्नवा का पाउडर चूहों पर इस्तेमाल किया गया। इसमें पाया गया कि जिन चूहों पर पुनर्नवा पाउडर दिया गया, उनमें वजन कम हुआ था। इससे पता चलता है कि इसका सेवन करने से वजन घटाने में मदद कर सकता है। दरअसल, पुनर्नवा में प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। फाइबर शरीर का मेटाबॉलिज्म बूस्ट करने में मदद घटाने में सहायक होता है। रिसर्च के अनुसार, पुनर्नवा में एंटी-ओबेसिटी गुण होते हैं, जो शरीर से एक्स्ट्रा फैट और वजन घटाते हैं। जो लोग वजन घटाना चाहते हैं वह एक सीमित मात्रा में पुनर्नवा का सेवन कर सकते हैं।
2. स्ट्रेस को करता है कम
Pharmacological Activities of Boerhaavia Diffusa रिव्यू के अनुसार, भागदौड़ भरी लाइफ के बीच जिन लोगों तनाव ज्यादा होता है, पुनर्नवा उनके लिए भी बहुत फायदेमंद है। पुनर्नवा की जड़ में एंटीस्ट्रेस और एंटीडिप्रेसेंट गुण होते हैं जो शरीर में स्ट्रेस के लेवल को कम करते हैं। स्ट्रेस लेवल कम होने से तनाव, डिप्रेशन और अन्य प्रकार की मानसिक परेशानियों से बचा जा सकता है। पुनर्नवा का सीमित मात्रा में सेवन करने से मूड को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है।
3. आंखों को रखता है हेल्दी
Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry के अनुसार, आंखों को स्वस्थ्य बनाए रखने में भी पुनर्नवा काफी फायदेमंद होता है। पुनर्नवा में एंटीमाइक्रोबियल तत्व पाए जाते हैं जो आंखों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। पुनर्नवा को कई लोग रतौंधी या कंजंक्टिवाइटिस के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन पुनर्नवा का सेवन किस तरह से और कितनी मात्रा में करना चाहिए, इसके बारे में जानने के लिए आयुर्वेदाचार्य या डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
4. डायबिटीज को करता है कंट्रोल
Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry के मुताबिक, शरीर का ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी पुनर्नवा काफी फायदेमंद होता है। पुनर्नवा के इस्तेमाल से खून में ग्लूकोज का स्तर नियंत्रित हो सकता है, जिससे डायबिटीज जैसी प्रॉब्लम से बचा जा सकता है। इसके साथ यह डायबिटीज के कारण किडनी डैमेज को भी सुधारने में मदद कर सकता है। डायबिटीज रोगी इसे लेने से पहले आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जरूर बात करें।
पुनर्नवा किन 4 बीमारियों में मददगार हो सकता है?
Dr. Chetan Sharma कहते हैं, "पुनर्नवा को किसी भी बीमारी का निश्चित इलाज या उससे बचाव की गारंटी मानना सही नहीं है, लेकिन इसके फायदे मरीज की मेडिकल कंडीशन और औषधीय रूप और मात्रा पर निर्भर कर सकते हैं।
1. शरीर में सूजन और अतिरिक्त पानी को कम करने में सहायक
Dr. Chetan Sharma कहते हैं, "अगर शरीर के पैरों, टखनों या चेहरे पर सूजन दिखाई दें, तो कुछ मामलों में इसका कारण हार्ट, लिवर या किडनी से जुड़ा हो सकता है। आयुर्वेद में पुनर्नवा को पारंपरिक मूत्रवर्धक माना जाता है। जिन लोगों को लगातार पानी भरे रहने की समस्या रहती हैं, वे इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखें कि अगर सूजन लगातार बनी रही या सांस लेने में तकलीफ हो, पेशाब कम हो जाए, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।"
2. किडनी से जुड़ी समस्याएं
Dr. Chetan Sharma ने कहा, "पुनर्नवा को पेशाब से जुड़ी समस्याओं के लिए जाना जाता है और किडनी का फंक्शन भी शरीर में जमा विषैले पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालना है। ऐसे में किडनी से जुड़ी बीमारियों में पुनर्नवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ध्यान रखें कि किडनी के मरीजों में फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए पुनर्नवा लेने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेना बहुत जरूरी है।
3. लिवर के लिए फायदेमंद
Dr. Chetan Sharma ने बताया कि लिवर से जुड़ी बीमारियों में भी पुनर्नवा लेने की सलाह दी जा सकती है, लेकिन कुछ लोग मानते हैं कि पुनर्नवा फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर सिरोसिस को ठीक कर देता है। ऐसी सोच के साथ पुनर्नवा को न लें। ऐसी कंडीशन में रोगी को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
4. पेशाब से जुड़ी समस्याओं में मददगार
Dr. Chetan Sharma कहते हैं कि आयुर्वेद में पुनर्नवा को मूत्रवर्धक माना जाता है। अगर पेशाब से जुड़ी समस्या है, तो आर्युवेदिक एक्सपर्ट की सलाह लेकर इसे लिया जा सकता है, लेकिन पुनर्नवा को खुद से न लें, क्योंकि इसकी मात्रा और समय एक्सपर्ट की बता सकते हैं।
पुनर्नवा के नुकसान – Side Effects of Punarnava in Hindi
पिछले कुछ सालों में एलोपैथी दवाओं के चलन की वजह से पुनर्नवा का इस्तेमाल काफी कम हुआ है। आयुर्वेदाचार्य का कहना है कि पुनर्नवा का सेवन गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान नहीं करना चाहिए। स्तनपान के दौरान अगर पुनर्नवा का इस्तेमाल किया जाए तो यह शिशु को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, हार्ट और किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी इसका इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए। जिन लोगों को किसी खास तरह के खाद्य पदार्थ के सेवन से एलर्जी है, वह पुनर्नवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लें।
पुनर्नवा को कैसे लें?
Dr. Chetan Sharma लोगों को सलाह देते हैं कि पुनर्नवा का सही रूप और मात्रा व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और चल रही दवाओं अनुसार तय की जानी चाहिए।
- बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक पुनर्नवा को न लें।
- किसी विश्वसनीय प्रोडक्ट का ही लें और लेते समय उसकी क्वालिटी की जानकारी जरूर लें।
- कच्चे पौधे या पत्तियों को लेना खुद ही सुरक्षित न मानें।
- अगर पहले से किडनी, लिवर या हार्ट से जुड़ी दवाएं ले रहे हैं, तो डॉक्टर को इसके बारे में जरूर बताएं।
- पुनर्नवा की कोई एक मात्रा सभी लोगों के लिए सही नहीं होती। इसलिए मात्रा और समय सीमा जानने के लिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से ही लें।
निष्कर्ष
आयुर्वेद में पुनर्नवा को महत्वपूर्ण औषधि माना गया है, लेकन इसके साथ यह भी ध्यान रखें कि किसी भी औषधीय पौधे का इस्तेमाल सिर्फ उसके पॉपुलर होने के कारण न करें। किसी भी बीमारी में पुनर्नवा को लेते समय सिर्फ एक्सपर्ट की सलाह पर ही लें, क्योंकि खुद से ली गई औषधि के गंभीर नुकसान भी हो सकते हैं।
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FAQ
क्या बच्चों को पुनर्नवा देना सुरक्षित है?
बच्चों को बिना आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह के पुनर्नवा न दें। किसी भी बीमारी में एक्सपर्ट की सलाह लेना जरूरी है।क्या पुनर्नवा का सेवन करने से सांस की बीमारियों में लाभ होता है?
पुनर्नवा कफ और वात दोष को संतुलित करती है। यह रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट से अतिरिक्त बलगम और कंजेशन को साफ करने में मदद करती है, जिससे अस्थमा और पुरानी खांसी के मरीजों को सांस लेने में आसानी होती है।
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Oct 15, 2026 19:39 IST
Modified By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Dr Chetan Sharma Apr 22, 2025 12:25 IST
Modified By : Ashu Kumar DasApr 24, 2024 17:00 IST
Published By : Ashu Kumar Das
