Mon Oct 5, 2026 | 02:08 PM IST

Medically Reviewed by Dr Abhishek Chopra , Pediatrician and Neonatologist

Preterm Baby Care: समय से पहले जन्मे शिशु की मालिश कब शुरू करें? डॉक्टर से जानें सही समय और सुरक्षित तरीका

जो शिशु समय से पहले जन्म लेते हैं, वे काफी कमजोर हो सकते हैं। इसलिए उनकी मालिश करने से पहले डॉक्टर की सलाह बहुत जरूरी होती है। इस लेख में डॉक्टर ने प्री-मैच्योर शिशु की मालिश करने से जुड़े सभी पहलुओं को विस्तार से समझाया है।
Preterm Baby Care: समय से पहले जन्मे शिशु की मालिश कब शुरू करें? डॉक्टर से जानें सही समय और सुरक्षित तरीकाPreterm Baby Care: समय से पहले जन्मे शिशु की मालिश कब शुरू करें? डॉक्टर से जानें सही समय और सुरक्षित तरीका

समय से पहले जन्मे शिशु को लेकर अक्सर पेरेंट्स सोचते हैं कि शिशु की मालिश की जाए, ताकि इसकी ग्रोथ जल्द से जल्द हो सके। अगर शिशु प्री-मैच्योर है, तो उसकी स्किन, मांसपेशियां और शरीर का तापमान स्वस्थ शिशुओं के मुकाबले अलग हो सकता है। इसलिए समय से पहले जन्मे शिशुओं की मालिश करने से पहले डॉक्टर से पूरी जानकारी लेना बहुत महत्वपूर्ण है। इस बारे में Dr. Abhishek Chopra, Senior Consultant, Pediatrician and Neonatologist, Cloudnine Group of Hospitals, New Delhi का कहना है कि हर प्री-मैच्योर शिशु की मालिश उसकी हेल्थ कंडीशन को देखकर दी जाती है। इसलिए मालिश कब शुरू करनी चाहिए, इसका हर शिशु के लिए कोई तय समय नहीं है।

समय से पहले जन्मे शिशु की मालिश कब करें?

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “प्री-मैच्योर शिशु की मालिश शुरू करने से पहले यह चेक किया जाता है कि शिशु कितने हफ्ते में पैदा हुआ, जन्म के समय उसका वजन कितना था, अभी उसकी सेहत कैसी है, सांस लेने में कोई परेशानी तो नहीं है और NICU में शिशु का किस तरह का इलाज चल रहा है? इन सभी बातों को देखकर डॉक्टर फैसला करते हैं कि शिशु के लिए मालिश कब सुरक्षित होगी। अगर शिशु की कंडीशन पूरी तरह से स्थिर नहीं हुई है, तो पेरेंट्स को शिशु की मालिश शुरू नहीं करनी चाहिए।”

मालिश शुरू करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Indian Pediatrics जर्नल के अनुसार, अगर शिशु को हार्ट या किसी भी तरह की समस्या है, तो मालिश करने से बचना चाहिए। मालिश के दौरान शिशु को बहुत ही हल्के हाथ का इस्तेमाल करें और अगर शिशु असहज दिखे, तो मालिश तुरंत रोक दे।

Dr. Abhishek Chopra ने बताया कि जब डॉक्टर शिशु की मालिश करने की सलाह दें, तो कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि प्री-मैच्योर शिशु की कंडीशन समय पर जन्मे शिशुओं से थोड़ी अलग होती है। मालिश करते समय कुछ गलतियां शिशु को परेशान कर सकती हैं। इसलिए सावधानी से मालिश करना जरूरी है।

  • शिशु के आस-पास का वातावरण गर्म और शांत रखें।
  • मालिश करने वाले के हाथ साफ और हल्के गर्म होने चाहिए।
  • बहुत ही हल्के हाथ से मालिश करनी चाहिए।
  • प्रीमैच्योर बच्चे को लंबे समय तक कपड़े उतारकर खुला रखना भी ठीक नहीं है, इसलिए देर तक मालिश न करें।
  • हाथ और पैरों पर धीरे-धीरे स्ट्रोकिंग की जा सकती है।
  • पेट और छाती के हिस्से पर बिल्कुल भी दबाव नहीं देना चाहिए।
  • सिर के ऊपर मौजूद नरम हिस्से पर बिल्कुल भी दबाव नहीं डालना चाहिए।
  • शिशु की हड्डियों और जोड़ों को खींचना, ज्यादा मोड़ना या दबाना भी सही तरीका नहीं है।

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शिशु की मालिश कब तक करनी चाहिए?

Dr. Abhishek Chopra के मुताबिक, समय से पहले जन्मे शिशु के मामले में मालिश शिशु की स्थिति देखकर तय करनी चाहिए। शुरुआत में मालिश का समय बहुत कम समय रखा जा सकता है, लेकिन अगर शिशु को आराम मिल रहा है, तो इसे धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। अगर मालिश करते समय शिशु रो रहा हो या उसे सांस लेने में तकलीफ दिखाई दे, तो मालिश तुरंत रोक देनी चाहिए। शिशु की स्किन का रंग नीला पड़ना, असामान्य रूप से पीला दिखना या शरीर के तापमान में बदलाव महसूस होने जैसे संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में शिशु को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

प्री-मैच्योर शिशु के लिए तेल कौन सा चुनें?

Indian Pediatrics जर्नल के अनुसार, शिशु की मालिश करने के लिए नारियल का तेल, तिल का तेल या सूरजमुखी का तेल सबसे बेहतर माने जाते हैं, क्योंकि ये स्किन में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं और शिशु के शरीर को न्यूट्रिशन देने में मददगार होते हैं।

Dr. Abhishek Chopra कहते हैं, “समय से पहले जन्मे शिशु की स्किन काफी सेंसेटिव होती है। इसलिए एसेंशियल तेल, खुशबू वाला तेल या घर पर बने किसी तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। किसी भी तेल को लगाने से पहले डॉक्टर से जरूर सलाह लें।”

डॉक्टर की सलाह

Dr. Abhishek Chopra सलाह देते हैं कि प्री-मैच्योर शिशुओं की मालिश उन्हें आराम देने के मकसद से करनी चाहिए। कई पेरेंट्स सोचते हैं कि मालिश करने से शिशु की ग्रोथ जल्दी होगी, लेकिन ऐसा नहीं सोचना चाहिए। इसके साथ ही प्रीमैच्योर बच्चे के मामले में एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए कि उनकी मालिश शुरू करने की जल्दी न करें। पहले बच्चे की मेडिकल कंडीशन ठीक होनी चाहिए। इसके बाद डॉक्टर की सलाह लेकर ही मालिश शुरू करें।

निष्कर्ष
समय से पहले जन्मे शिशुओं को मालिश करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। अगर शिशु NICU से आया है, तो तुरंत ही उसकी मालिश शुरू न करें। शिशु के तेल और उसकी मालिश को लेकर डॉक्टर से पूरी जानकारी लेनी चाहिए। इसके बाद ही प्री-मैच्योर शिशु की मालिश शुरू करनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या NICU से डिस्चार्ज होते ही प्रीटर्म बेबी की मालिश शुरू कर सकते हैं?

    डिस्चार्ज के तुरंत बाद घर के माहौल में ढलने के लिए शिशु को कुछ समय चाहिए होता है। डिस्चार्ज समरी पर डॉक्टर की लिखी बातों को जरूर पढ़ें और फॉलो-अप विजिट में पीडियाट्रिशियन की सलाह के बाद ही मालिश शुरू करें। 
  • मालिश के बाद प्रीटर्म बेबी को नहलाने का सही तरीका क्या है?

    मालिश के तुरंत बाद न नहलाएं। स्पंज बाथ देना ज्यादा सुरक्षित है। नहलाने के लिए पानी का तापमान और शरीर का तापमान लगभग एक जैसा होना चाहिए। इसके अलावा, नहलाने में बहुत समय नहीं देना चाहिए।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 05, 2026 12:20 IST

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    Reviewed By : Dr Abhishek Chopra