बहुत से लोग बिल्ली को पालने के शौकीन होते हैं या उनके घर के आसपास बिल्ली होती है। बिल्ली जैसे पालतू जानवरों से प्यार होना लाजमी है, लेकिन आपको बता दें कि बिल्ली का काटने आपकी सेहत के लिए जानलेवा हो सकता है। जानवरों के काटने पर सबसे बड़ी चिंता संक्रमण की होती है। जब कोई जानवर काटता है, तो उसके मुंह में मौजूद बैक्टीरिया घाव के अंदर पहुंच सकते हैं और वहां बढ़ने लगते हैं। इंफेक्शन के कारण दर्द, शरीर के टिशूज को नुकसान और यहां तक कि जानलेवा समस्याएं भी हो सकती हैं। बिल्ली के काटने के तुरंत बाद, प्राथमिक उपचार करवाना जरूरी है। इस लेख में हम जानेंगे कि बिल्ली के काटने के बाद क्या करना चाहिए? बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. M. Sheetal Kumar, Consultant Physicians And Diabetologists At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।
साल 2014 में The Journal Of Hand Surgery में प्रकाशित Mayo Clinic की एक स्टडी में शोधकर्ताओं ने बिल्ली के काटने से घायल हुए मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि 30% मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। कलाई या हाथ के किसी जोड़ के ऊपर काटने वाले मरीजों में अस्पताल में भर्ती होने की आशंका अधिक थी।
Johns Hopkins Medicine के मुताबिक, बिल्ली के खरोंचने से बैक्टीरियल इंफेक्शन भी फैल सकती है। अन्य जानवरों के काटने या खरोंचने से रेबीज और टिटनेस का खतरा भी हो सकता है। जिन घावों में त्वचा कट जाती है, उनमें संक्रमण होने की आशंका और ज्यादा होती है।
बिल्ली के काटने से गंभीर इंफेक्शन हो सकता है
बिल्ली के काटने से इंफेक्शन हो सकता है, भले ही घाव छोटा दिखाई दे। American Society For Surgery Of The Hand के मुताबिक, बिल्ली के काटने पर इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है, क्योंकि उसके नुकीले दांत त्वचा में गहरा घाव बना सकते हैं। ऐसे में त्वचा जल्दी बंद हो सकती है और बैक्टीरिया घाव के अंदर फंस सकते हैं। हालांकि, समय पर और सही इलाज कराने से संक्रमण के खतरे को रोका या कम किया जा सकता है।
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बिल्ली के काटने पर तुरंत क्या करें?
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- सबसे पहले, काटे गए हिस्से को साबुन और पानी से 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।
- अगर घाव से खून निकल रहा है, तो साफ गॉज से हल्का और लगातार दबाव डालें।
- इसके बाद घाव को साफ पट्टी से ढक दें।
जांच के बाद रेबीज वैक्सीन लगवाएं
- अगर बिल्ली को रेबीज की डोज नहीं दी गई है, तो उसके काटने पर आपको रेबीज से सुरक्षा के लिए रेबीज वैक्सीन लेनी पड़ सकती है।
- रेबीज के 5 टीके लगाए जाते हैं। अगर पहले से रेबीज का टीका लगा है, तो 2 टीके ही लगाए जाएंगे।
- टीका लगवाने में लापरवाही बिल्कुल न करें, वरना यह आपके लिए जानलेवा हो सकता है।
रेबीज टीके की स्थिति डॉक्टर को बताएं
डॉक्टर को यह जरूर बताएं कि बिल्ली को रेबीज का टीका लगा है या नहीं, वह पालतू है या आवारा और क्या उसका व्यवहार असामान्य है। घाव के आस-पास बढ़ती रेडनेस, सूजन, गर्माहट या दर्द पर ध्यान दें।
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बिल्ली के काटने पर क्या न करें?
- बिना डॉक्टर के सलाह के, घरेलू उपायों का इस्तेमाल न करें
- घाव को धोए बगैर एंटीसेप्टिक न लगाएं
- दर्द को अनदेखा न करें
- काटने के बाद घाव को तुरंत ढक देने से बचें
बिल्ली के काटने से बढ़ जाता है इन बीमारियों का खतरा
- बिल्ली के काटने पर अक्सर लोग ध्यान नहीं देते और इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बिल्ली का काटना (Cat Bite) जानलेवा हो सकता है। बिल्ली के दांत और मुंह में कई बैक्टीरिया होते हैं, जो काटने से शरीर में जा सकते हैं।
- बिल्ली के काटने से रेबीज (Rabies) हो सकता है। यह एक वायरल इंफेक्शन है जो नर्वस सिस्टम पर असर डालता है।
- इसके अलावा, कैट स्क्रैच डिजीज (Cat Scratch Disease) नाम का बैक्टीरियल इंफेक्शन भी हो सकता है। इससे लिम्फ नोड्स में सूजन, बुखार और थकान महसूस होती है।
- इसके साथ ही टिटनेस और सेप्सिस (खून का इंफेक्शन) भी हो सकता है।
- बिल्ली के काटने से स्किन इंफेक्शन जैसे सेल्युलाइटिस का भी खतरा रहता है।
- अगर आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या घाव गहरा है, तो इन बीमारियों का खतरा और बढ़ जाता है। इसलिए बिल्ली के काटने को नजरअंदाज न करें और तुरंत प्राथमिक उपचार और डॉक्टर की सलाह लें। समय पर इलाज ही इन बीमारियों से आपको बचा सकता है।
बिल्ली के काटने पर ये लक्षण हैं खतरनाक
- तेज बुखार आना
- काटने के स्थान पर तेज दर्द, सूजन या मवाद निकलना
- लिम्फ नोड्स में सूजन
- कमजोरी, थकान या चक्कर आना
डॉक्टर से संपर्क कब करें?
- अगर बिल्ली के काटने से त्वचा कट गई है, तो जल्द से जल्द डॉक्टर को दिखाएं। खासकर तब, जब घाव गहरा हो या हाथ, चेहरे अथवा किसी जोड़ के पास हो। डॉक्टर जांच करके बता सकते हैं कि आपको एंटीबायोटिक्स, टिटनेस का टीका या रेबीज से बचाव के लिए इलाज की जरूरत है या नहीं।
- घाव से मवाद निकलना, बुखार आना या घाव के आस-पास लाल धारियां दिखाई देना भी इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बिल्ली का काटना आम बात नहीं है। ऐसा होने पर तुरंत प्राथमिक उपचार, वैक्सीनेशन और डॉक्टर की सलाह की मदद लें।
निष्कर्ष:
बिल्ली के काटने पर सबसे पहले साबुन और पानी से कटे हुए हिस्से को धो लें। अगर ब्लीडिंग हो, तो गॉज या कॉटन को त्वचा पर दबाकर रखें। घाव को साफ किए बगैर एंटीसेप्टिक न लगाएं और घाव को तुरंत ढकने से बचें। अगर बिल्ली को रेबीज की डोज नहीं दी गई है, तो उसके काटने पर आपको रेबीज से सुरक्षा के लिए रेबीज वैक्सीन लेनी पड़ सकती है। रेबीज के 5 टीके लगाए जाते हैं। अगर पहले से रेबीज का टीका लगा है, तो 2 टीके ही लगाए जाएंगे। बिल्ली के काटने से बैक्टीरियल इंफेक्शन, रेबीज, कैट स्क्रैच डिजीज, टिटनेस और सेप्सिस भी हो सकता है। घाव से मवाद निकलना, बुखार आना या घाव के आस-पास लाल धारियां दिखाई देना भी इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
FAQ
बिल्ली के काटने से इंसान को क्या होता है?
बिल्ली के काटने से घाव में बैक्टीरिया चले जाते हैं। इस वजह से इंफेक्शन, सूजन, बुखार, कैट स्क्रैच डिजीज या रेबीज हो सकता है। गंभीर मामलों में सेप्सिस या नर्वस सिस्टम पर भी बुरा असर पड़ सकता है।क्या हर बिल्ली के काटने से रेबीज होता है?
नहीं, हर बिल्ली के काटने से रेबीज नहीं होता, लेकिन अगर बिल्ली आवारा हो या उसे रेबीज वैक्सीन न लगी हो, तो रेबीज का खतरा रहता है। इसलिए बिल्ली के काटने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
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Oct 13, 2026 18:36 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Oct 13, 2026 18:32 IST
Modified By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr M Sheetal KumarFeb 04, 2022 12:40 IST
Published By : Yashaswi Mathur
