Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

पेट के खराब बैक्टीरिया कैसे आपके लिवर को पहुंचाते हैं नुकसान? जानें डॉक्टर से

खराब लाइफस्टाइल के कारण पेट के गुड और बैड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ सकता है। जानिए कैसे गट के खराब बैक्टीरिया लिवर को बीमार करते हैं और इसे ठीक रखने के उपाय।

अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण बहुत से लोग पाचन से जुड़ी किसी न किसी समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे में पाचन को दुरुस्त रखने के लिए अक्सर लोगों को हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करने की सलाह दी जाती है। वहीं, लिवर शरीर के जरूरी अंगों में से एक है, जो पाचन और शरीर को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है। अक्सर लोग लिवर की समस्याओं के लिए ऑयली खाने, अल्कोहल और दवाइयों को जिम्मेदार मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेट में रहने वाले बैक्टीरिया भी लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं? ऐसे में आइए आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉ. शरद मल्होत्रा से जानें क्या पेट के खराब बैक्टीरिया लिवर को नुकसान पहुंचाते हैं?

पेट के बैक्टीरिया क्या करते हैं?

डॉ. शरद मल्होत्रा के अनुसार, हमारी हट में बहुत सारे बैक्टीरिया होते हैं। इनमें कुछ अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो खाने को पचाने, पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर करने, इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। वहीं, कुछ बैड बैक्टीरिया भी होते हैं, इनका स्तर बढ़ने से स्वास्थ्य पर बुरा असर भी हो सकता है। आज के समय में खराब लाइफस्टाइन, अनहेल्दी खानपान, लंबे समय तक स्ट्रेस में रहने और कई अन्य कारणों से लोगों के पेट में गुड और बैड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ जाता है।

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गट के बैड बैक्टीरिया से लिवर को कैसे नुकसान होता है?

डॉ. शरद मल्होत्रा का कहना है, जब गट में बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ता है, तो इसका असर सिर्फ पाचन पर ही नहीं, बल्कि लिवर जैसे शरीर के अन्य अंगों पर भी बुरा असर होता है। गट में जब बैड बैक्टीरिया का स्तर बढ़ जाता है, तो गट में कुछ हानिकारक तत्व बनते हैं, जिसके कारण आंतों की प्रोटेक्टिव परत कमजोर होने लगती है। इसके कारण बैड बैक्टीरिया और हानिकारक तत्व ब्लड के जरिए लिवर तक पहुंत सकते हैं। ऐसे में लंबे समय तक इन बैक्टीरिया के संपर्क में रहने के कारण लिवर पर प्रेशर पड़ने लगता है, जिसके कारण लिवर में सूजन आने और इसके कार्यों के प्रभावित होने की समस्या होती है।

डॉ. शरद आगे कहते हैं, लिवर पर लगातार प्रेशर पड़ने या इसके ठीक से काम न करने की समस्या हो सकती है, लेकिन लिवर को नुकसान सिर्फ बैड बैक्टीरिया के कारण नहीं होता है, बल्कि ऐसा अनहेल्दी खानपान, मोटापे, ब्लड शुगर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकता है।

how do harmful gut bacteria damage the liver explains doctor 1 (4)

साल 2018 में Medical Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, आंतों में गुड और बैड बैक्टीरिया का बैलेंस बिगड़ने को इंटेस्टाइनल डिस्बायोसिस (intestinal dysbiosis) कहा जाता है और यह समस्या लिवर की कई पुरानी बीमारियों में देखी जाती है, जैसे फैटी लिवर (NAFLD), अल्कोहल की वजह से होने वाली लिवर की बीमारी (ALD), ऑटोइम्यून लिवर डिजीज, लिवर सिरोसिस और लिवर का कैंसर। अब ऐसे कई ऐविडेंस मिल रहे हैं जो बताते हैं कि आंतों के बैक्टीरिया का यह असंतुलन इन बीमारियों को शुरू करने और उन्हें गंभीर बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है।

गट में बैक्टीरिया का बैलेंस क्यों बिगड़ता है?

डॉ. शरद का कहना है, ज्यादा जंक फूड खाने, फाइबर की कमी वाला खाना खाने, लंबे समय तक बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन करने, अधिक स्ट्रेस में रहने, पर्याप्त नींद न लेने जैसी रोज की आदतों के कारण गट में बैक्टीरिया के असंतुलित होने की समस्या हो सकती है।

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गट और लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

गट और लिवर के स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए डाइट में ताजा फल, सब्जियों, साबुत अनाज और नट्स जैसे फाइबर और अन्य पोषक तत्वों से युक्त फूड्स को डाइट में शामिल करें। इससके अलावा, नियमित रूप से पर्याप्त पानी पिएं, स्ट्रेस को मैनेज करे, फिजिकल एक्टिविटीज करें और भरपूर नींद लें। अगर लंबे समय तक पेट की समस्या या लिवर से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

साल 2018 में Medical Sciences में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, प्रीबायोटिक्स (prebiotics), प्रोबायोटिक्स (probiotics) और फेकल माइक्रोबायोटा ट्रांसप्लांटेशन (FMT - अच्छे बैक्टीरिया को ट्रांसफर करना) के जरिए आंतों के इस असंतुलन को ठीक करके आंतों की प्रोटेक्टिव लेयर (gut-barrier) को मजबूत बनाया जा सकता है। लिवर की पुरानी बीमारियों के इलाज और उन्हें कंट्रोल करने के लिए इसे एक बहुत ही असरदार और नया तरीका माना जा रहा है।

निष्कर्ष

गट में खराब बैक्टीरिया का स्तर बढ़ने से हानिकारक तत्व ब्लड के जरिए लिवर तक पहुंचकर सूजन और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आंतों के इस बैलेंस को रोकने के लिए फाइबर युक्त डाइट लें, प्रोबायोटिक्स, हेल्दी लाइफस्टाइल और स्ट्रेस को मैनेज करने से गट और लिवर दोनों को हेल्दी रखा जा सकता है।

All Images Credit- Freepik

FAQ

  • पेट खराब होने से क्या-क्या परेशानी होती है?

    पेट खराब होने पर व्यक्ति को मरोड़, पेट दर्द, दस्त, सूजन, गैस, मतली, उल्टी, भारीपन और सूजन होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें।
  • लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण क्या हैं?

    लिवर खराब होने पर व्यक्ति को लगातार थकान होने, जी मिचलाने, भूख न लगने, पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द होने, भारीपन महसूस होने, पीलिया होने और पेशाब का रंग गहरा होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

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Priyanka Sharma

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Sub Editor

प्रियंका शर्मा हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की है। फिलहाल प्रियंका जागरण न्यू मीडिया (Onlymyhealth) में बतौर सब एडिटर काम कर रही हैं। प्रियंका को स्वास्थ्य, पोषण, स्किन केयर और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नलिज्म की है। Editorial Policy: प्रियंका द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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