Wed Oct 7, 2026 | 02:18 AM IST

Medically Reviewed by Dt Meena Kumari , Dietician

सुबह खाली पेट 2-3 खजूर खाने से शरीर को मिल सकते हैं ये 5 फायदे, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें सेवन का सही तरीका

सुबह खाली पेट खजूर खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। खजूर में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं, जो पूरा दिन शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ शरीर को भी सेहतमंद रखते हैं। इसलिए कुछ लोग इसे प्री-वर्कआउट से पहले लेना पसंद करते हैं।
सुबह खाली पेट 2-3 खजूर खाने से शरीर को मिल सकते हैं ये 5 फायदे, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें सेवन का सही तरीकासुबह खाली पेट 2-3 खजूर खाने से शरीर को मिल सकते हैं ये 5 फायदे, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें सेवन का सही तरीका

सुबह की शुरुआत अगर खजूर से करना काफी अच्छा विकल्प है। हालांकि, कुछ लोग मीठे की वजह से इसे सुबह खाना प्रेफर नहीं करते, लेकिन खजूर में नेचुरल शुगर होती है और साथ ही फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं। इस वजह से कुछ लोग सुबह खाली पेट 2-3 खजूर खाते हैं, तो कुछ लोग इसे दूध या बादाम के साथ लेते हैं, जबकि कुछ लोग इसे वर्कआउट से पहले खाना पसंद करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि सुबह खाली पेट खजूर खाना कितना फायदेमंद है और इसे कैसे खाना चाहिए? इस बारे में जानने के लिए हमने Meena Kumari, Chief Dietician - Dietetics, Sarvodaya Hospital, Faridabad से बात की।

सुबह खाली पेट खजूर खाने के 5 फायदे

Chief Dietician Meena Kumari कहती हैं, “बैलेंस्ड डाइट के लिए सुबह 2-3 खजूर खाए जा सकेत हैं, लेकिन इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह शरीर को सिर्फ पोषक तत्व देता है। इसे खाने के कई फायदे हो सकते हैं।”

1. खजूर से शरीर को एनर्जी मिलना

Chief Dietician Meena Kumari ने कहा, “सुबह उठने के बाद कई लोगों को सुस्ती या कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में खजूर एक आसान स्नैक हो सकता है। इसमें नेचुरल शुगर होती है, जो शरीर को तुरंत एनर्जी देती है। इस वजह से कुछ लोग एक्सरसाइज या वर्कआउट से पहले भी खजूर खाना पसंद करते हैं। अगर आपको सुबह जिम या वॉक करने की आदत है, तो 1-2 खजूर आपके प्री-वर्कआउट स्नैक का हिस्सा हो सकते हैं। हालांकि, सिर्फ खजूर खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहेगा, ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए इसके साथ कुछ नट्स या दूसरे प्रोटीन स्नैक्स ले सकते हैं।”

2. कब्ज और पाचन में मददगार

Meena Kumari ने बताया कि खजूर में डाइटरी फाइबर मौजूद होता है। फाइबर आंतों को नॉर्मल फंक्शन करने में सपोर्ट करता है। इसलिए जिन लोगों को कब्ज की समस्या है, उन्हें दिन में पर्याप्त पानी और संतुलित डाइट के साथ खजूर को डाइट में शामिल करना चाहिए। यह काफी फायदेमंद हो सकता है। इसके साथ यह भी समझना जरूरी है कि अगर कब्ज लंबे समय से है या इसके साथ पेट दर्द, खून आना या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो सिर्फ खजूर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसी कंडीशन में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

3. पोटैशियम और मैग्नीशियम का मिलना

Meena Kumari का कहना है, “खजूर में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। ये शरीर की नॉर्मल फंक्शन के लिए बहुत जरूर होते हैं। पोटैशियम शरीर में फ्लूड बैलेंस, मांसपेशियों और नर्व सिस्टम के लिए जरूरी है, तो वहीं मैग्नीशियम मांसपेशियों और नर्व फंक्शन समेत शरीर के कई प्रोसेस में मदद करता है। इसलिए रोजाना सुबह 2-3 खजूर खाने से मैग्नीशियम और पोटैशियम मिल सकता है।”

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4. खजूर एंटीऑक्सीडेंट से है भरपूर

Meena Kumari के अनुसार, खजूर में पॉलीफेनॉल और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को मैनेज करने में मदद करते हैं। खजूर में फाइटोकेमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण एक्सपर्ट्स इसे खाने की सलाह देते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि रोज 2-3 खजूर खाने से कोई बीमारी अपने आप ठीक हो जाएगी। खजूर को सिर्फ एक पौष्टिक डाइट के तौर पर भी देखना चाहिए।

5. आंतों के लिए भी हो सकता है फायदेमंद

Turkish Journal of Agriculture - Food Science and Technology के अनुसार, खजूर में बायफिडोबैक्टीरियम और लैक्टोबेसिलस जैसे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। इससे आंतों की सेहत बेहतर होती है और और आंतों का बैरियर फंक्शन मजबूत होता है। इस स्टडी में कहा गया है कि खजूर शरीर में सूजन कम करता है और कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स के नुकसान को बचाता है। इसलिए खजूर को गट हेल्थ के लिए मददगार माना जाता है।

डायबिटीज के मरीजों के लिए खजूर फायदेमंद

Nutrients में प्रकाशित स्टडी में टाइप 2 डायबिटीज मरीजों को खजूर देकर चेक किया गया कि मरीजों पर खजूर से ब्लड शुगर कितना बढ़ता है। इसमें 79 मरीज शामिल थे, जिन्हें रोजाना 12 हफ्तों के लिए 60 ग्राम खजूर दिया गया। 12 हफ्तों बाद जब फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज किया गया, तो उसमें कोई खास फर्क नहीं था। लिपिड प्रोफाइल, ब्लड प्रेशर और सी-रिएक्टिव प्रोटीन में भी कोई बदलाव नहीं देखा गया। इससे पता चलता है कि रोजाना 60 ग्राम खजूर खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल पर कोई असर नहीं पड़ता।

खजूर खाने का सही तरीका क्या है?

Meena Kumari कहती हैं, “रोजाना दो से तीन खजूर सुबह नाश्ते के साथ या स्नैक्स के तौर पर ले सकते हैं। 2-3 खजूर के साथ 5-6 बादाम लेने से फाइबर, हेल्दी फैट और दूसरे पोषक तत्व भी मिलेंगे और इससे स्नैक ज्यादा बैलेंस्ड हो सकता है। अगर कोई वजन कम कर रहा है, तो उसे खजूर की मात्रा पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि खजूर में नेचुरल शुगर और कैलोरी बहुत ज्यादा होती है।”

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निष्कर्ष
Meena Kumari लोगों को सलाह देती हैं कि रोजाना दो तीन खजूर खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जिन लोगों को डायबिटीज, किडनी की बीमारी या किसी दूसरी मेडिकल कंडीशन से पीड़ित है, तो उन्हें अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डायटिशियन से सलाह लेनी चाहिए।

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FAQ

  • क्या खाली पेट खजूर खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है?

    खजूर में आयरन और कॉपर भरपूर मात्रा में होता है। रोज सुबह 2-3 भीगे खजूर खाने से लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से बनती है और थकान व कमजोरी दूर होती है।
  • क्या खजूर की तासीर गर्म होती है? गर्मियों में इसे कैसे खाना चाहिए?

    खजूर की तासीर गर्म होती है। इसलिए गर्मियों के मौसम में इसे रात भर पानी में भिगोकर ही सुबह खाना चाहिए, ताकि इसकी गर्मी शांत हो जाए और यह पेट में पित्त या मुहासे न बढ़ाए।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Aug 31, 2026 17:30 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dt Meena Kumari