आज के समय में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन साथ ही एक सवाल भी अक्सर चर्चा में रहता है कि क्या खुश रहने वाले लोग ज्यादा लंबा और हेल्दी जीवन जीते हैं? कई लोग मानते हैं कि सकारात्मक यानी पॉजिटिव सोच और खुश रहना सीधे लंबी उम्र से जुड़ा है। मॉडर्न स्टडी और रिसर्च भी यह संकेत देती हैं कि जो लोग जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, वे अक्सर बेहतर लाइफस्टाइल अपनाते हैं, तनाव को बेहतर तरीके से संभालते हैं और सामाजिक रूप से ज्यादा एक्टिव रहते हैं। इस लेख में कैलाश अस्पताल, देहरादून के सीनियर कंसल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. गोपाल जी शर्मा और कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट डॉ. गौरव अग्रवाल से जानिए, क्या खुश रहने वाले लोग ज्यादा लंबी उम्र जीते हैं?
क्या खुश रहने वाले लोग ज्यादा लंबी उम्र जीते हैं?
डॉ. गौरव अग्रवाल के अनुसार, खुशी और पॉजिटिव मेंटल हेल्थ का संबंध बेहतर फिजिकल हेल्थ से देखा गया है। जो लोग जीवन के प्रति पॉजिटिव सोच रखते हैं, उनमें तनाव का लेवल अपेक्षाकृत कम होता है। कम तनाव का मतलब है शरीर पर कम हार्मोनल दबाव, जो कई बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है। हालांकि, केवल खुश रहना ही लंबी उम्र की गारंटी नहीं है, लेकिन यह उन जरूरी कारकों को प्रभावित कर सकता है जो हेल्दी जीवन जीने में मदद करते हैं।
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मेंटल और फिजिकल बैलेंस भी जरूरी
डॉ. गौरव अग्रवाल बताते हैं कि केवल खुश रहना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मेंटल और फिजिकल हेल्थ का संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति खुश है लेकिन अपनी शारीरिक सेहत का ध्यान नहीं रखता, तो इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता। इसी तरह, केवल शारीरिक रूप से हेल्दी रहना भी मानसिक शांति के बिना अधूरा है। दोनों का बैलेंस बहुत ज्यादा जरूरी है।
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do happy people live longer
साल 2023 में BMC Geriatrics में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, खुश रहने वाले लोग ज्यादा लंबा जीवन जीते हैं और उनमें मृत्यु का खतरा कम होता है। शुरुआत में देखा गया कि बहुत खुश रहने वाले लोगों में उदास रहने वालों के मुकाबले मृत्यु का जोखिम 43% तक कम था। हालांकि, जब रिसर्च में लोगों की उम्र, कमाई, लाइफस्टाइल, शारीरिक बीमारी और खासकर मानसिक स्वास्थ्य (Psychological Health) को शामिल किया गया, तो यह सीधा असर कम हो गया। इसका मतलब यह है कि खुशी अपने आप में कोई जादू नहीं है, बल्कि जो लोग मानसिक और शारीरिक रूप से हेल्दी होते हैं, वे ज्यादा खुश रहते हैं और इसी वजह से लंबा जीवन जीते हैं।
साल 2017 में Psychosomatic Medicine में प्रकाशित मेटा एनालिसिस के अनुसार-
- मानसिक और भावनात्मक खुशी हमारी सेहत के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग अंदर से खुश और संतुष्ट रहते हैं, उनमें समय से पहले मौत का खतरा कम होता है।
- यह फायदा पुरुषों और महिलाओं दोनों को मिलता है, हालांकि पुरुषों पर इसका असर थोड़ा ज्यादा देखा गया। भले ही इस बात को साबित करने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है कि 'खुशी ही लंबी उम्र का मुख्य कारण है', लेकिन यह साफ है कि मानसिक शांति और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
- अगर सरकारें और समाज लोगों की मानसिक खुशी और जीवन की गुणवत्ता (क्वालिटी ऑफ लाइफ) को सुधारने पर ध्यान दें, तो लोग न केवल लंबी बल्कि स्वस्थ जिंदगी जी सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर गोपाल जी शर्मा सलाह देते हैं कि खुश रहने के लिए जरूरी है कि व्यक्ति हेल्दी लाइफस्टाइल मेंटेन करे और खान-पान का खास ध्यान रखे। इसके अलावा हेल्दी और खुश रहने के लिए फिजिकली एक्टिव रहना भी बहुत जरूरी है, रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज या योग जरूर करें
निष्कर्ष
खुश रहना निश्चित रूप से स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन यह सीधे लंबी उम्र की गारंटी नहीं देता। पॉजिटिव सोच तनाव को कम करने, हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने में मदद कर सकती है। इसलिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य यानी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
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FAQ
पॉजिटिव सोच शरीर पर क्या असर डालती है?
पॉजिटिव सोच तनाव को कम करती है और हार्ट व इम्यून सिस्टम को बेहतर बना सकती है।क्या खुश रहने वाले लोग स्वस्थ होते हैं?
हां, अक्सर खुश लोग बेहतर लाइफस्टाइल अपनाते हैं जिससे सेहत अच्छी रहती है।हेल्दी जीवन के लिए सबसे जरूरी क्या है?
हेल्दी जीवन के लिए मेंटल और फिजिकल हेल्थ का बैलेंस बनाए रखना सबसे जरूरी है।
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Oct 01, 2026 11:34 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Gopal Jee Sharma
