आजकल हर कोई फिट दिखना चाहता है। फिट दिखने के लिए लोग हेल्दी रूटीन फाॅलो करते हैं, लेकिन जब यही फिटनेस धीरे-धीरे जुनून या ऑब्सेशन बन जाता है, तो इसका असर सेहत पर भी पड़ सकता है। कई लोग फिटनेस को लेकर इतना ज्यादा सोचने लगते हैं कि वो हर वक्त फिटनेस को लेकर चिंता करते हैं। कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इससे व्यक्ति की मानसिक सेहत भी प्रभावित हो सकती है। फिटनेस ऑब्सेशन से मानसिक सेहत बिगड़ती है या नहीं, यह जानने के लिए हमने Director Ozefit Fitness Club, Australia & Certified Fitness Coach Payal Asthana से बात की।
फिटनेस ऑब्सेशन से प्रभावित हो सकती है मानसिक सेहत

फिटनेस ऑब्सेशन ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति अपनी बॉडी, वजन, कैलोरी या एक्सरसाइज को लेकर जरूरत से ज्यादा सोचने लगता है। ऐसे लोग अक्सर खुद पर परफेक्ट दिखने का दबाव डालते हैं और छोटी-छोटी शारीरिक बदलावों को लेकर भी स्ट्रेस में आ जाते हैं। साल 2026 में Journal Of Affective Disorders नामक जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इस स्टडी में बताया गया है कि लोगों में ज्यादा एक्सरसाइज करने के ऑब्सेशन से स्ट्रेस, डिप्रेशन, एंग्जायटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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फिटनेस ऑब्सेशन के संकेत
- हर समय डाइट या एक्सरसाइज के बारे में सोचना।
- एक्सरसाइज मिस होने पर बेचैनी महसूस करना।
- खुद की बॉडी से हमेशा असंतुष्ट रहना।
- फिटनेस ऑब्सेशन के कारण स्ट्रेस, एंग्जायटी या डिप्रेशन के लक्षण महसूस करना।
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मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित करता है फिटनेस ऑब्सेशन?
- कुछ लोग फिटनेस रूटीन के कारण दोस्तों, परिवार, सोशल एक्टिविटीज से दूरी बनाने लगते हैं। इससे अकेलापन और मानसिक थकान महसूस हो सकती है।
- जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करने से शरीर और दिमाग दोनों थक सकता है। शरीर को आराम न मिलने से चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- फिटनेस ऑब्सेशन वाले लोग अक्सर अपनी बॉडी से संतुष्ट नहीं होते हैं। वे लगातार खुद की तुलना दूसरों के साथ करते हैं, जिससे आत्मविश्वास कम हो सकता है।
- जब व्यक्ति हर समय एक्सरसाइज और डाइट को लेकर चिंतित रहता है, तो स्ट्रेस बढ़ सकता है। कई लोग ऐसे भी हैं जो एक
- दिन एक्सरसाइज मिस होने पर भी गिल्ट महसूस करते हैं।
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फिटनेस ऑब्सेशन से कैसे बचें?
- ऐसे लक्ष्य बनाएं जिन्हें आप आसानी से पूरा कर सकें।
- खुद की क्षमता को पहचानें और खुद की तुलना दूसरों के साथ न करें।
- अगर फिटनेस रूटीन को लेकर एंग्जायटी या डर महसूस कर रहे हैं, तो एक्सपर्ट की सलाह लें।
निष्कर्ष:
फिटनेस ऑब्सेशन के कारण शरीर को थकता ही है, साथ ही दिमाग भी थक जाता है जिससे स्ट्रेस, एंग्जायटी, डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा और मूड स्विंग्स जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर फिटनेस रूटीन से डर या स्ट्रेस महसूस होने लगे, तो समझ जाएं कि यह एक मानसिक समस्या बन रहा है।
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May 25, 2026 17:13 IST
Modified By : Yashaswi Mathur May 25, 2026 17:13 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Payal Asthana