Monkeypox Guideline: मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को लेकर सरकार अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

दुनियाभर में मंकीपॉक्स के तेजी से बढ़ रहे मामलों को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से गाइडलाइन जारी की गयी है, जानें कगाइडलाइन में क्या है?

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 01, 2022Updated at: Jun 01, 2022
Monkeypox Guideline: मंकीपॉक्स के बढ़ते खतरे को लेकर सरकार अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

Monkeypox Guidelines: दुनियाभर के कई देशों में मंकीपॉक्स वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि अगर इसी तरह से यह बीमारी फैलती रही तो आगे चलकर स्थितयां गंभीर हो सकती हैं। भारत सरकार भी मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर अलर्ट पर है। मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंकीपॉक्स वायरस के खतरे को देखते हुए राज्य सरकारों के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये हैं। हालांकि देश में अभी तक मंकीपॉक्स का कोई भी मामला देखने को नहीं मिला है। लेकिन सरकार इसको लेकर गंभीर है और मंकीपॉक्स की निगरानी, जांच और इलाज को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी कर राज्यों को निर्देश दिया है कि मंकीपॉक्स संक्रमण के लेकर राज्य सरकारें अपने स्तर पर अलर्ट रहें। इस गाइडलाइन में कहा गया है कि मरीज में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद 21 दिनों तक लगातार उसकी निगरानी जरूर की जाए।

मंकीपॉक्स को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन (Monkeypox Disease Guideline in Hindi)

दुनियाभर में तेजी से फैल रहे मंकीपॉक्स संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि अन्य देशों में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में भारत को भी अलर्ट रहने की जरूरत है। इस दिशानिर्देश के मुताबिक राज्य सरकारों को संक्रमण की पहचान करने और इसके सोर्स का पता लगाने पर जोर देने के लिए रणनीतिक प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा मंकीपॉक्स का संक्रमण मिलने के बाद मरीज की क्लिनिकल देखभाल और इलाज पर जोर देने के लिए दिशा निर्देश जारी किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा मंकीपॉक्स के संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन में इन प्रमुख बातों पर जोर दिया गया है।

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1. केंद्र सरकार द्वारा मंकीपॉक्स वायरस को लेकर जारी किये गए गाइडलाइन में कहा गया है कि संदिग्ध मरीज का पता चलने पर उसके सैंपल को जांच के लिए एनआईवी पुणे में भेजा जायेगा।

2. ऐसे मामलों को संदिग्ध माना जाएगा जिन्होनें पिछले 21 दिनों में विदेश की यात्रा की हो और उन्हें बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, शरीर पर दानें या रैशेज के लक्षण दिखाई दे रहे हों।

3. ऐसे मरीजों की 21 दिनों तक लगातार निगरानी की जाएगी। मरीजों को आइसोलेशन के लिए अलग रूम या घर में रखा जाएगा।

4. मरीज में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद उसका इलाज करते समय 21 दिनों तक लगातार निगरानी में रखा जाएगा और उसे ट्रिपल लेयर मास्क पहनना होगा। 

5. संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीज के संपर्क में आये लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की जाएगी और सोर्स का पता लगाया जाएगा। संपर्क में आये लोगों की जांच और निगरानी की जाएगी।

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6. मंकीपॉक्स को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी की गयी गाइडलाइन में स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पताल में काम करने वाले लोगों की रक्षा पर जोर देने की बात कही गयी है।

7. गाइडलाइन में कहा गया है कि विदेश से यात्रा कर भारत लौटे यात्रियों में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करना चाहिए। राज्य सरकारों को इस स्थिति की कड़ी निगरानी करने की सलाह दी है।

8. पोलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) और म्यूटेशन द्वारा वायरल डीएनए की पहचान के लिए टेस्टिंग में सैंपल को  जिले या राज्य के एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) नेटवर्क के माध्यम ICMR और NIV पुणे भेजा जाएगा।

9. मध्य और पश्चिम अफ्रीकी देशों से यात्रा कर भारत आने वाले लोगों की कड़ी निगरानी के आदेश जारी किये गए है।

10. मंकीपॉक्स के संक्रमण को रोकने, संक्रमण के इलाज और टीकाकरण को लेकर लगातार सरकार की तरफ से स्टडी जारी है।

30 देशों में 300 मंकीपॉक्स के मामलों की खबर (Monkeypox Cases Worldwide in Hindi)

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक मंकीपॉक्स के मामले 30 देशों में फैल चुके हैं। इन 30 देशों में मंकीपॉक्स के 300 से ज्यादा मामले पाए गए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पुर्तगाल, स्पेन, स्वीडन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ऑस्ट्रिया, इजराइल और स्विटजरलैंड जैसे देशों में मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं। इसके अलावा कई अफ्रीकी देशों में जैसे कोटे डी आइवर, कांगो, कैमरून, गैबन, लाइबेरिया, नाइजीरिया, कांगो गणराज्य और सिएरा लियोन में मंकीपॉक्स को स्थानीय बीमारी का नाम दिया गया है। गौरतलब हो कि मंकीपॉक्स जानवरों से इंसानों में फैलने वाला एक संक्रमण है। इसके पुष्टि सबसे पहले अफीका में हुई थी। मंकीपॉक्स का संक्रमण होने पर दिखने वाले लक्षण चेचक की बीमारी के लक्षण दिखाई देते हैं। गाइडलाइन में कहा गया है कि मंकीपॉक्स से जुड़े लक्षण दिखने पर सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी जांच कराएं।

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