Gokshura/Gokhru: क्या हैं गोखरू (गोक्षुर) से होने वाले 6 फायदे? जानें इसके नुकसान भी

गोखरू का उपयोग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है। लेकिन इसके अधिक सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके फायदे और नुकसान

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Apr 15, 2021Updated at: Apr 15, 2021
Gokshura/Gokhru: क्या हैं गोखरू (गोक्षुर) से होने वाले 6 फायदे? जानें इसके नुकसान भी

गोखरू (Gokshura/gokhru) का एक नाम गोक्षुर भी है। बता दें कि ये एक पौधा है जो अनेक औषधीय गुणों से भरपूर है। इसे काफी शक्तिशाली और पोषण से भरपूर पौधा माना जाता है। ऐसे में इसका उपयोग आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में किया जाता है। ना केवल इस पौधे का फल, बल्कि इसकी जड़, चूर्ण सेहत की कई समस्याओं को दूर रखने में बेहद मददगार है। बता दें कि इसके अंदर मूत्र वर्धक गुणों के साथ-साथ एनीमिया, खांसी, अर्थराइटिस आदि दूर की जा सकती है। बता दें कि इसकी तासीर गर्म होती है ऐसे में गर्मियों में इसका सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से मात्रा का ज्ञान लेना जरूरी है। आज हम आपको लेख के माध्यम से बताएंगे कि गोखरू (गोक्षुर) से उपयोग से क्या-क्या फायदे (gokshura benefits) होते हैं। साथ ही इसके नुकसान (side effects of gokhru) के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

1 - साइटिका से लड़े गोखरू (गोक्षुर)

बता दें कि गोखरू (गोक्षुर) के अंदर सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा यह दर्द को कम करने में भी बेहद उपयोगी है। ऐसे में अगर साइटिका के कारण दर्द और सूजन पैदा होती है तो आप गोखरू (गोक्षुर) के उपयोग से दर्द, सूजन को दूर कर सकते हैं। साथ ही मांसपेशियों की जकड़न को दूर करने के साथ-साथ गतिशीलता को भी सुधार सकते हैं।

2 - अर्थराइटिस के लिए अच्छा है गोखरू (गोक्षुर)

बता दें कि अर्थराइटिस में अक्सर लोगों के जोड़ों में दर्द, सूजन की समस्या रहती है, जिसके कारण की गतिशीलता धीमी पड़ जाती है। ऐसे में गठिया के उपचार में गोखरू (गोक्षुर) का उपयोग बेहद उपयोगी है। बता दें कि गोखरू (गोक्षुर) का उपयोग प्राकृतिक इलाज के रूप में भी किया जाता है। जैसा कि हमने पहले भी बताया यह मांसपेशियों की अकड़न को दूर कर सकता है। साथ ही मांसपेशियों में आराम भी पहुंचाता है। ऐसे में जोड़ों के दर्द के साथ साथ ये मांसपेशियों के दर्द को भी कम करने में बेहद मददगार है। इसके उपयोग से सूजन को भी दूर किया जा सकता है। अगर आपको पीठ में दर्द, घुटनों में दर्द, गठिया की समस्या है तो गोखरू पाउडर को पानी में सूखे अदरक के साथ उबालें और इसका सेवन करें। खाली पेट सेवन करने से ज्यादा फायदा मिलता है।

इसे भी पढ़ें- आयुर्वेद के अनुसार विधारा का पौधा कई रोगों में है फायदेमंद, जानें इसके 6 स्वास्थ्य फायदे

3 - त्वचा में चमक बनाएं गोखरू (गोक्षुर)

बता दें कि अगर आप चमकती त्वचा पाना चाहते हैं या तो त्वचा किसी भी समस्या से परेशान हैं तो गोखरू (गोक्षुर) के उपयोग से समस्या को दूर किया जा सकता है। बता दें कि अगर आपकी त्वचा में जलन रहती है या आप खुजली व सूजन से परेशान रहते हैं तो गोखरू (गोक्षुर) के उपयोग से समस्या को दूर किया जा सकता है। साथ ही यह एजिंग की समस्या के साथ झुर्रियों को भी दूर करता है।

4 - बॉडी बिल्डिंग के लिए गोखरू (गोक्षुर) है अच्छा

बता दें कि इसके उपयोग से ना केवल मांसपेशियों को ताकत मिलती है बल्कि उनमें मजबूती भी आती है। यह शरीर में ऊर्जा के स्तर को बरकरार रखता है। इसके अलावा शरीर की संरचना में सुधार लाने में भी यह बेहद महत्वपूर्ण योगदान देता है। अगर आप मांसपेशियों के संचालन में सुधार करना चाहते हैं तो गोखरू (गोक्षुर) को अपनी दिनचर्या में जोड़ें।

इसे भी पढ़ें- Ginkgo Biloba: गिंको बाइलोबा (जिंको बिलोबा) सेहत के लिए कैसे है उपयोगी? जानें इसके 7 फायदे और नुकसान

5 - मूत्र वर्धक है गोखरू (गोक्षुर)

ध्यान दें कि गोखरू (गोक्षुर) के अंदर मूत्र के विकारों को दूर करने के गुण पाए जाते हैं जो मूत्र प्रणाली के कार्य में सुधार लाते हैं। अगर आपको पथरी की समस्या है या मूत्र पथ में कोई संक्रमण है तो इन सभी विकारों से लड़ने में गोखरू (गोक्षुर) बेहद उपयोगी है। यह गुर्दों को साफ रखता है और मूत्र के प्रभाव को भी नियंत्रित करता है और यह पौरुष ग्रंथि के लिए एक अच्छा विकल्प है। इसके उपयोग से रक्त स्राव को रोकने का काम होता है और पेशाब के प्रभाव को बढ़ाया जा सकता है।

6 - बता दें कि इसके उपयोग से कामेच्छा की इच्छा बढ़ती है। यह न केवल वीर्य की मात्रा को बढ़ाता है बल्कि यौन अंग में ब्लड के प्रभाव को भी संचालित करता है। यह हार्मोन के प्राकृतिक उत्पादन को उत्तेजित कर सेक्स जीवन को अच्छा बनाता है। बांझपन यानी इनफर्टिलिटी और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी समस्याओं को भी दूर करता है। यह जीवन शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ स्तनपान को बढ़ाता है और फिर ऊर्जा का भी विकास करता है। यह पुरुष और महिलाओं में कामेच्छा को बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा को भी बढ़ाता है।

गोखरू (गोक्षुर) के नुकसान (Gokshura/gokhru Side Effects)

कहते हैं कि किसी भी चीज का अधिक सेवन सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है ऐसा ही कुछ गोखरू (गोक्षुर) के साथ भी है। जैसा कि हमने पहले भी बताया कि गोखरू (गोक्षुर) की तासीर गर्म होती है। ऐसे में इसके अधिक सेवन से सेहत को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जानते हैं उन परेशानियों के बारे में- 

1 - गोखरू (गोक्षुर) मासिक धर्म पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

2 - इसके अधिक सेवन से पीलिया की समस्या हो सकती है।

3 - गुर्दों की विकास को पैदा करने में भी इसका अधिक सेवन किया जा सकता है।

4 - मधुमेह के रोगियों या उच्च रक्तचाप से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर करें।

5 - गर्भावस्था के दौरान या जब आप बच्चे को स्तनपान करा रही हैं, तब इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

 इसे भी पढ़ें- आयुर्वेद के अनुसार अतिबला (कंघी) का पौधा होता है कई रोगों में फायदेमंद, जानें इसके 7 फायदे और प्रयोग का तरीका

नोट -  ऊपर बताए गए बिंदु से पता चलता है कि गोखरू (गोक्षुर) का सेवन या उपयोग सेहत के लिए उपयोगी है। लेकिन इसका अधिक सेवन सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट से सबसे पहले उसकी मात्रा की जानकारी लें। उसके बाद ही इसे अपनी डाइट में या दिनचर्या में जोड़ें। गर्भवती महिलाएं इसके उपयोग करने से पहले एक बार एक्सपर्ट से जरूर जानकारी लें। अगर आप कोई स्पेशल डाइट फॉलो कर रहे हैं तो बदलाव करने से पहले या इसे अपनी दिनचर्या में  जोड़ने से पहले डॉक्टर की राय जरूर लें। अगर आप किसी लंबी बीमारी से ग्रस्त हैं तब भी बदलाव करने से पहले या किसी भी चीज को अपनी दिनचर्या में जोड़ने से पहले एक बार डॉक्टर की राय जरूर लें।

Read More Articles on Ayurveda in Hindi

Disclaimer