गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से दूर होती हैं शरीर की ये 5 समस्याएं, जानें अभ्यास का तरीका

गतिशील गोमुखासन का नियमित अभ्यास करने से आपकी मानसिक समस्याएं दूर होती हैं और कई अन्य फायदे मिलते हैं, जानें अभ्यास का तरीका।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 03, 2022Updated at: May 03, 2022
गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से दूर होती हैं शरीर की ये 5 समस्याएं, जानें अभ्यास का तरीका

आज के समय में भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण लोगों में कई तरह की सेहत से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं। व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अपनी फित्न्स के लिए समय भी नहीं निकाल पाते हैं। असंतुलित खानपान और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण आपकी शारीरिक सेहत पर तो बुरा असर पड़ता ही है बल्कि इसकी वजह से आपकी मानसिक सेहत भी खराब होती है। लोगों में बढ़ता तनाव, डिप्रेशन और अन्य मानसिक समस्याएं एक बड़ी चिंता के रूप में उभर रही हैं। तनाव को दूर करने और शरीर को मानसिक व शारीरिक रूप से फिट रखने के लिए योग का नियमित अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। रोजाना योगाभ्यास करने से आपका शरीर सिर्फ फिट नहीं होता है बल्कि इससे आप शरीर को बीमारियों की चपेट में आने से बचा सकते हैं। तनाव, चिंता, बेचैनी और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य स्थितियों से छुटकारा पाने के लिए रोजाना गतिशील गोमुखासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। इसका अभ्यास करने से मानसिक शांति मिलती है और तनाव, डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं। आइये जानते हैं गतिशील गोमुखासन के फायदे और अभ्यास का तरीका।

गतिशील गोमुखासन के फायदे (Gatisheel Gomukhasana Benefits in Hindi)

योग न सिर्फ आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में फायदेमंद होते हैं बल्कि आपको मानसिक रूप से भी फिट और हेल्दी बनाये रखने का काम करते हैं। नियमित रूप से गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से आपका शरीर निरोगी होता है और कई गंभीर मानसिक समस्याएं दूर होती हैं। आज के समय में लोगों में डिप्रेशन, चिंता और तनाव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और ये पूरी दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल रही हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद है। गतिशील गोमुखासन एक मध्यम श्रेणी का योगासन है। यह गोमुखासन का अभ्यास करने जैसा ही है, लेकिन इसमें कुछ बदलाव किये गए हैं। आइये जानते हैं गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने के फायदे।

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 Gatisheel-Gomukhasana-Benefits

1. तनाव और चिंता दूर करने में फायदेमंद

भागदौड़ भरी जीवनशैली और कामकाज की वजह से लोगों में बढ़ता तनाव सेहत से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा है। दिन ब दिन यह समस्या लोगों में बढ़ती जा रही है। तनाव और चिंता को दूर करने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक खानपान के अलावा आपकी जीवनशैली ठीक होनी चाहिए। रोजाना गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से इन समस्याओं में फायदा मिलता है। इसका अभ्यास करने से आपके शरीर में कुछ हैप्पी हॉर्मोन रिलीज होते हैं जो तनाव और चिंता जैसी मानसिक समस्याओं को दूर कर शरीर और मन को हैप्पी और हेल्दी रखते हैं।

2. लिवर की समस्याओं में फायदेमंद

लिवर से जुड़ी समस्या खानपान में गड़बड़ी के कारण होती है। लिवर शरीर का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण अंग माना जाता है और इसका हेल्दी रहना बहुत जरूरी है। लिवर को हेल्दी रखने के लिए रोजाना गतिशील गोमुखासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। लिवर को एक्टिव करने और लिवर में ऑक्सीजन व खून के प्रवाह को तेज करने के लिए गोमुखासन का अभ्यास किया जाता है। इसके अभ्यास से लिवर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।

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3. रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद

गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से आपकी रीढ़ की हड्डी को बहुत फायदा मिलता है। रोजाना गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से न सिर्फ रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है बल्कि इसे लचीला बनाने में भी फायदा मिलता है। खानपान में गड़बड़ी और गलत पोश्चर की वजह से कई लोगों में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं होती हैं। इन समस्याओं को दूर करने और रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाने के लिए गतिशील गोमुखासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है।

4. अस्थमा के मरीजों के लिए उपयोगी

अस्थमा की समस्या सांस से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। अस्थमा के मरीजों को रोजाना गतिशील गोमुखासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए। अस्थमा के मरीजों के लिए भी इस मुद्रा के कई फायदे है। इससे छाती वाले हिस्से में फैलाव आता है और इसके नियमित अभ्यास से श्वसन संबंधी समस्याएं दूर होती है। 

5. शरीर को लचीला बनाने में फायदेमंद

गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने से आपका शरीर लचीला और सुडौल होता है। इसका नियमित अभ्यास करने से मांसपेशियों को भी फायदा मिलता है।

गतिशील गोमुखासन का अभ्यास करने का तरीका (Steps To Do Gatisheel Gomukhasana in Hindi)

  • सबसे पहले सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • अब अपने बाएं पैर को शरीर की तरफ लेकर आएं।
  • इसके बाद दाहिने पैर को बाएं पैर की जांघों पर रखें और शरीर के करीब लेकर जाएं।
  • दाहिने हाथ को अपने कंधे पर रखें और इसे मोड़ते हुए जितना हो सके पीछे ले जाएं।
  • इसके बाद बाएं हाथ को कोहनी से किनारे की तरफ मोड़ें और पीछे ले जाएं।
  • अब दोनों हाथों को जोड़ने की कोशिश करें।
  • पीठ के पीछे दोनों हाथों को एक दूसरे से पकड़ें।
  • कुछ देर इसी मुद्रा में रहें और वापस धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आएं।

मानसिक समस्याओं को दूर करने और शरीर को निरोगी बनाने के लिए इस योगासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। आप रोजाना इस योगासन का अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको कंधे, घुटने और गर्दन में दर्द की समस्या है तो इस योगासन का अभ्यास न करें। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी गतिशील गोमुखासन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

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