फोलिक एसिड का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में सीधे प्रेग्नेंसी सामने आ जाती है। यह विटामिन सिर्फ प्रेग्नेंसी के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) से पीड़ित महिलाओं के लिए भी एक जरूरी पोषक तत्व है। फोलिक एसिड फोलेट का सिंथेटिक रूप होता है हमारा शरीर खुद इस विटामिन का निर्माण नहीं कर सकता है, इसलिए हमें इसे बाहरी सोर्स जैसे सप्लीमेंट्स या फोर्टिफाइड फूड्स के जरिए लेना पड़ता है। यह सेल डिविजन और डीएनए को बनाने में अहम भूमिका निभाता है। PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए फोलिक एसिड बहुत जरूरी होता है, क्योंकि यह प्रजनन क्षमता को बेहतर रखने में भी मदद करता है। दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लिनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि, PCOS में फोलिक एसिड बहुत फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह ओव्यूलेशन को नियमित करने के साथ अंडे की गुणवत्ता को बेहतर करने और इंसुलिन रेजिस्टेंस कम करने में मदद करता है।
PCOS में Folic Acid के क्या फायदे हैं?
PCOS में फोलिक एसिड लेना सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, PCOS में फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेने से हार्मोन्स को संतुलित रखने और प्रजनन स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है, क्योंकि यह महिलाओं में एग क्वालिटी में सुधार करते हैं, जिससे ओव्यूलेशन की प्रक्रिया सही रहती है। इसके अलावा यह इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और होमोसिस्टीन लेवल को कंट्रोल करने में फायदेमंद होता है, जिससे मेटाबॉलिक स्वास्थ्य बेहतर होता है और दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।
Sciencedirect में Advances in Nutrition में 2022 में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया है कि, फोलिक एसिड में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-कैंसर, दिल और नर्वस सिस्टम की सुरक्षा करने वाले गुण होते हैं, जो PCOS से पीड़ित महिलाओं के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, क्योंकि इन महिलाओं में आमतौर पर पूरे शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और दिल की बीमारियों का जोखिम बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, फोलेट एसिड सप्लीमेंट्स लेने से PCOS से पीड़ित महिलाओं में अक्सर बढ़ी हुई होमोसिस्टीन (Homocysteine) की सांद्रता को नॉर्मल लेवल पर लाया जा सकता है।
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इस स्टडी में PCOS और ज्यादा वजन से पीड़ित महिलाओं में फोलेट सप्लीमेंट्स के फायदों पर स्टडी के बारे में भी बताया गया है, जिसमें पाया गया कि 8 हफ्तों तक फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेने से महिलाओं में ग्लाइसेमिक, इंफ्लेमेटरी और ऑक्सीडेटिव तनाव में सुधार हुआ है।

होमोसिस्टीन का लेवल और PCOS
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन ने बताया कि, होमोसिस्टीन एक अमीनो एसिड होता है, जिसका लेवल PCOS वाली महिलाओं में अक्सर बढ़ा हुआ पाया जाता है। हाई होमोसिस्टीन लेवल महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा होता है, जिसमें दिल की बीमारियों का जोखिम, ब्लड क्लॉटिंग और कंसीव करने में मुश्किल होना जैसी परेशानियां शामिल हैं। फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेने से PCOS से पीड़ित महिलाओं में होमोसिस्टीन के लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
Journal Of Clinical And Diagnostic Research (2014) में प्रकाशित एक स्टडी से पता चलता है कि PCOS से जूझ रही महिलाओं में सी-रिएक्टिव प्रोटीन, होमोसिस्टीन और एडिपोनेक्टिन जैसे तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है। इन महिलाओं में होमोसिस्टीन की मात्रा काफी बढ़ी हुई पाई जाती है। इस कारण शरीर का वजन (BMI) और कमर की चर्बी जितनी ज्यादा बढ़ती है, होमोसिस्टीन का लेवल भी उतना ही ज्यादा हो जाता है। खासतौर पर मोटापे से परेशान महिलाओं में यह लेवल सबसे ज्यादा देखा गया है।
इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि, PCOS वाली महिलाओं में होमोसिस्टीन का मेटाबॉलिज्म खराब हो जाता है। PCOS का कनेक्शन इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा, ऑक्सीडेटिव तनाव और डिस्लिपिडेमिया जैसे अलग-अलग कारकों से है। ये कारक बदले में हाइपरहोमोसिस्टीनमिया के कारण प्रभावित होकर और ज्यादा गंभीर हो जाते हैं।
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नेचुरल सोर्स या सप्लीमेंट्स- क्या है ज्यादा बेहतर?
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन ने बताया कि, फोलिक एसिड की कमी पूरी करने के लिए इसके नेचुरल सोर्स और सप्लीमेंट्स दोनों का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार किया जाता है।
नेचुरल सोर्स
PCOS में महिलाओं के शरीर में फोलिक एसिड की कमी कम मात्रा में होने पर इसके नेचुरल सोर्स लेना फायदेमंद हो सकता है। Sciencedirect के Nutrition (2024) में प्रकाशित स्टडी के अनुसार फोलिक एसिड के नेचुरल सोर्स में आप पत्तागोभी, फूलगोभी, शिमला मिर्च, ब्रोकली, टमाटर और पालक जैसी सब्जियां और अनाज से बने प्रोडक्ट्स का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा, अंडे और फल भी इसके नेचुरल सोर्स होते हैं। इन फूड्स को खाने के कोई साइड इफेक्ट्स नहीं हैं, लेकिन कभी-कभी यह नेचुरल सोर्स काफी नहीं होते हैं। ऐसी स्थिति में PCOS में महिलाओं के लिए फोलिक एसिड के सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो सकता है।
सप्लीमेंट्स
PCOS की समस्या में महिलाओं के शरीर में फोलिक एसिड की बहुत ज्यादा कमी होने पर वे डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स ले सकते हैं। फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स सीमित मात्रा में लेना चाहिए क्योंकि यह बहुत जल्दी असर दिखाते हैं। हालांकि, सप्लीमेंट्स लेते समय कई बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि ज्यादा मात्रा में इस सप्लीमेंट को लेने से साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है कि अगर आपकी डाइट संतुलित है और आपके शरीर में फोलिक एसिड की बहुत ज्यादा कमी नहीं है तो आप इसकी कमी पूरी करने में नेचुरल सोर्स काफी हो सकते हैं। लेकिन अगर PCOS, प्रेग्नेंसी प्लानिंग या फोलिक एसिड की कमी ज्यादा है तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेना आपके लिए जरूरी हो सकता है।
फोलिक एसिड कब और कितनी मात्रा में लेना चाहिए?
डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार फोलिक एसिड सही मात्रा में लेना बहुत जरूरी है, इसलिए एक दिन में नॉर्मल महिलाएं 400 mcg ले सकती हैं, जबकि PCOS या प्रेग्नेंसी प्लानिंग करने वाली महिलाएं एक दिन में 400 से 800 mcg तक ले सकती हैं। कुछ खास मामलों में डॉक्टर मरीज की जरूरत के अनुसार इसे ज्यादा मात्रा में भी दे सकते हैं। फोलिक एसिड आप सुबह के समय ले सकते हैं या फिर खाने के बाद लेना भी ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। ध्यान रहे कि आपको रोजाना एक ही समय पर फोलिक एसिड सप्लीमेंट लेना चाहिए। कुछ लोगों को खाली पेट फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेने से मतली या गैस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए, इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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डॉक्टर से कब मिलें?
फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स लेना सुरक्षित माना जाता है, फिर भी इसे अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है। इसलिए, अगर आपके शरीर में PCOS के लक्षण जैसे अनियमित पीरियड्स, ज्यादा वजन बढ़ना, एक्ने और बालों का झड़ना जैसी समस्याएं होती हैं या फिर लंबे समय तक हार्मोनल असंतुलन की समस्या हो या फिर इनफर्टिलिटी हो तो आपको डॉक्टर से कंसल्ट करना बहुत जरूरी है।
निष्कर्ष
PCOS एक ऐसी स्थिति है, जिसे डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल की मदद से कंट्रोल में रखा जा सकता है। फोलिक एसिड का सेवन PCOS के लक्षणों को कंट्रोल करने और हार्मोन्स को संतुलित रखने में मदद कर सकता है। इसलिए, आप अपनी जरूरत के अनुसार फोलिक एसिड के नेचुरल सप्लीमेंट्स या डॉक्टर की सलाह पर इसके सप्लीमेंट्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
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FAQ
PCOS में क्या नहीं खाना चाहिए?
PCOS में हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कंट्रोल करने के लिए चीनी, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट फूड्स, प्रोसेस्ड फूड्स, तले हुए फूड्स और ज्यादा फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स से परहेज करना चाहिए।फोलिक एसिड किसे नहीं लेना चाहिए?
फोलिक एसिड आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन विटामिन बी12 की कमी वाले लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे नर्व सिस्टम डैमेज की समस्या छिप सकती है।फोलिक एसिड की कमी से कौन सा रोग होता है?
फोलिक एसिड की कमी से मेगालोब्लास्टिक एनीमिया (Megaloblastic Anemia) होता है, जिसमें रेड ब्लड सेल्स का आकार असामान्य रूप से बढ़ जाता है। इसके अलावा, प्रेग्नेंसी में इसकी कमी से होने वाले बच्चे में न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स जैसी गंभीर जन्मजात समस्याओं का जोखिम भी बढ़ जाता है।फोलिक एसिड से कब बचना चाहिए?
फोलिक एसिड आमतौर पर हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों जैसे एलर्जी या विटामिन बी12 की कमी होने पर लोगों को इसका सप्लीमेंट लेने से बचना चाहिए या डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।1 दिन में कितना फोलिक एसिड लेना चाहिए?
एक हेल्दी युवा को रोजाना 400 mcg फोलिक एसिड लेना पर्याप्त माना जाता है। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के लिए यह जरूरत बढ़ जाती है और उन्हें 600 mcg और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को एक दिन में 500 mcg तक हो सकता है।
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Current Version
Apr 12, 2026 12:05 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Apr 12, 2026 12:05 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin