प्रेगनेंसी में राजमा खाने के 5 फायदे और कुछ नुकसान और सावधानियां

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का राजमा का सेवन करना कितना सुरक्षित है और कितना है असुरक्षित? जानते हैं एक्सपर्ट से...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Aug 09, 2021Updated at: Aug 09, 2021
प्रेगनेंसी में राजमा खाने के 5 फायदे और कुछ नुकसान और सावधानियां

सभी लोगों को राजमा चावल बेहद पसंद आते हैं। जब घर में किसी स्पेशल मेहमान का वेलकम करना हो या किसी रूठे हुए को मनाना हो तो राजमा चावल आपकी हर इच्छा को पूरा कर सकते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या प्रेगनेंसी में राजमा खाया जा सकता है? प्रेगनेंसी के दौरान राजमा खाना सुरक्षित है या असुरक्षित होता है। बता दें कि राजमा किडनी के आकार का होता है जो बींस की प्रजातियों में से एक है। इसकी गिनती दालों में होती है। वहीं यह लाल भूरे रंग का पाया जाता है। अगर इसके अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व की बात की जाए तो यह आयरन, कॉपर, फाइबर, मैग्निशियम, कैलशियम, भरपूर विटामिंस आदि से समृद्ध है। आज का हमारा लेख भी इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि गर्भावस्था के दौरान राजमा खाना महिलाओं के लिए कितना फायदेमंद है और कितना नुकसानदेह। साथ ही हम यह भी जानेंगे की राजमा खाते वक्त महिलाओं को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए। इसके लिए हमने न्यूट्रिशनिस्ट और वैलनेस एक्सपर्ट वरुण कत्याल ( Nutritionist and wellness expert varun katyal) से भी बात की है। पढ़ते हैं आगे...

 

गर्भावस्था के दौरान राजमा का सेवन

बता दें कि प्रेगनेंसी के दौरान राजमा खाना सेहत के लिए सुरक्षित है। अकसर गर्भावस्था में महिलाओं को फोलेट, आयरन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों को डाइट में जोड़ने की सलाह दी जाती है। और हमने आपको ऊपर बताया कि राजमा के अंदर यह सभी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ऐसे में महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान राजमा का सेवन कर सकती हैं। राजमा प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है। ऐसे में जो महिलाएं मांसाहारी नहीं है वे अपनी डाइट में राजमा को जोड़कर प्रोटीन की कमी को पूरा कर सकती हैं।

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प्रेगनेंसी के दौरान राजमा खाने के फायदे

अगर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान खाती हैं तो उन्हें निम्न तरीकों से फायदा मिल सकता है, जानते हैं इनके बारे में-

1 - खून की कमी से बचाए राजमा

बता दें कि गर्भावस्था के दौरान यदि महिलाओं में आयरन की कमी हो जाए तो उन्हें खून की कमी का सामना करना पड़ता है। खून की कमी को मेडिकल भाषा में एनीमिया के नाम से जाना जाता है। ऐसे में डॉक्टर महिलाओं की डाइट में उन चीजों को जोड़ते हैं, जिनके अंदर भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। ऐसे में राजमा खाने की सलाह देते हैं कि राजमा के अंदर आयरन भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान खून की कमी को राजमा काफी हद तक कम कर सकता है।

2 - हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को करें दूर

यदि महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान हाई ब्लड प्रेशर की समस्याओं से ग्रस्त हो जाती है तो वह अपनी डाइट में लो फैट खाद्य पदार्थों को जोड़ें। बता दें कि राजमा के अंदर लॉ फैट खाद्य पदार्थ मौजूद होता है। साथ ही इसके अंदर डाइटरी फाइबर भी पाया जाता है जो खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम करने में उपयोगी है। साथ ही महिलाओं को हृदय रोग से भी बचाने में उपयोगी है।

3 - इम्यूनिटी को बढ़ाएं

राजमा इम्यूनिटी को बेहतर करने में भी उपयोगी है। बता दें कि राजमा के अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व कई बीमारियों से शरीर को सुरक्षित रख सकते हैं। ऐसे में यदि महिलाएं गर्भवती महिलाएं इसका सेवन करती हैं तो वह खुद को और अपने बच्चों को कई बीमारियों से बचा सकती हैं।

4 - बच्चे के विकास में मददगार

प्रेगनेंसी के दौरान यदि महिलाएं राजमा का सेवन करती हैं तो यह बच्चे की सेहत के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। बता दें कि राजमा के अंदर कैल्शियम, आयरन और फोलेट पाया जाता है जो न केवल बच्चे का विकास करता है बल्कि जन्म दोष से भी बचाव में उपयोगी है। इसके अलावा राजमे का सेवन प्रीमेच्योर डिलीवरी के जोखिम को भी कम करने में उपयोगी है।

5 - कब्ज की समस्या से मिलेगी राहत

बता दें कि राजमा के अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर भी मौजूद होता है जो न केवल गर्भावस्था के दौरान कब्ज की समस्या को दूर करने में उपयोगी है बल्कि यह मल को त्यागने में भी मदद करता है। ऐसे में यदि महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज की समस्या से बचना चाहती हैं तो वह अपनी डाइट में राजमा को जोड़ सकती हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान राजमा खाने के नुकसान

बता दें किसी भी चीज की अति सेहत के लिए नुकसानदेह होती है। ऐसा ही कुछ राजमा के साथ भी है। यदि गर्भवती महिलाएं आजमी का सेवन अधिक मात्रा में कई नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

1 - हाई ऑक्सलेट वाले खाद्य पदार्थ में राजमा भी शामिल है। ऐसे में इसका अधिक सेवन किडनी स्टोन की समस्या को बढ़ा सकता है।

2 - जैसा कि हमने पहले भी बताया राजमा के अंदर फाइबर भी भरपूर मात्रा में मौजूद है। ऐसे में फाइबर की अधिकता पेट की कई समस्याएं जैसे पेट फूलना, पेट में दर्द, गैस आदि से रूबरू करा सकती हैं।

गर्भावस्था के दौरान बरतने वाली सावधानी

1 - राजमा का सेवन हमेशा मात्रा में ही करना चाहिए। इसकी अधिकता सेहत को नुकसानदेह होती है।

2 - रजाजमा को पकाने से पहले उसे गुनगुने पानी में तकरीबन 5 से 6 घंटे पहले भिगोकर रखें।

3 - राजमा को अच्छी तरह से धोना चाहिए क्योंकि उसके अंदर टॉक्सिंस मौजूद होते हैं ऐसे में अच्छे से धोने से में टॉक्सिंस निकल जाते हैं।

4 - बासी राजमा का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

5 - कच्चा राजमा सेहत के लिए नुकसानदेह होता है ऐसे में राजमा को पूरी तरह से पका कर ही खाएं।

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नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि राजमा सेहत के लिए बेहद उपयोगी है। खासकर गर्भवती महिलाएं राजमा का सेवन शरीर में कई पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए कर सकती हैं। लेकिन इसकी अधिकता गर्भवती महिलाओं को समस्याओं का सामना करा सकती हैं। ऐसे में सबसे पहले राजमा की सीमित मात्रा का पता लगाएं उसके बाद ही गर्भवती महिलाएं राजमा को अपनी डाइट में जोड़ें। बता दें कि गर्भवती महिलाओं की परिस्थिति अलग-अलग होती है ऐसे में वह किसी भी चीज को अपनी डाइट में जोड़ने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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