रोजे के दौरान अपने वजन, लंबाई और उम्र के अनुसार ही करें भोजन, जानें एक्सपर्ट की राय

रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है और साथ ही तेज धूप, गर्मी और बीमारियों से घिरे मुस्लिमों के लिए धर्म के प्रति अपनी निष्ठा दिखाना किसी चुनौती से कम नहीं है। मधुमेह और हाई बीपी के मरीजों के लिए तो दिक्कतें और अधिक हैं। हालांकि आप रोजा खोलते वक्त अ

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: May 08, 2019
रोजे के दौरान अपने वजन, लंबाई और उम्र के अनुसार ही करें भोजन, जानें एक्सपर्ट की राय

रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है और साथ ही तेज धूप, गर्मी और बीमारियों से घिरे मुस्लिमों के लिए धर्म के प्रति अपनी निष्ठा दिखाना किसी चुनौती से कम नहीं है। मधुमेह और हाई बीपी के मरीजों के लिए तो दिक्कतें और अधिक हैं। हालांकि आप रोजा खोलते वक्त अपनी डाइट में कैलोरी की मात्रा पूरी कर अपने शरीर को थकान और बीमारियों से दूर रख सकते हैं। नोएडा स्थित जेपी अस्पताल की एचओडी डायटेटिक्स डिर्पाटमेंट कंसल्टेंट ओपीडी डॉ. करूणा चर्तुवेदी का कहना है कि रोजे के दौरान व्यक्ति को अपने वजन, लंबाई और उम्र के अनुसार ही भोजन करना चाहिए।

डॉ. करूणा चर्तुवेदी का कहना है कि कैलोरी के सेवन की मात्रा व्यक्ति के उम्र, लिंग, वजन, लंबाई और जीवनशैली पर निर्भर करती है। इसलिए रमजान में रोजा के दौरान व्यक्ति को अपने वजन, लंबाई और उम्र के अनुसार भोजन करना चाहिए।

रमजान के दौरान पूरे दिन ऊर्जा के लिए क्या करें, जिसपर डॉ. करूणा चर्तुवेदी का कहना है कि रमजान के पाक महीने में लोगों को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। रमजान में इफ्तार से सेहरी के समय में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इसके साथ ही खाने में खजूर का सेवन जरूर करना चाहिए, खजूर सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होने के साथ-साथ आयरन से भरपूर होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है।

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उन्होंने कहा, ''सहरी और इफ्तारी के समय अंडा, रोटी या पराठा, ताजे फल, हरी पत्तेदार सब्जियों एवं सलाद का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ज्यादा से ज्यादा फाइबरयुक्त भोजन करना चाहिए, जिससे शरीर में दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। अपने भोजन में पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेड और कुछ वसा जैसे एनर्जी फूड को शामिल करें। इस दौरान कुछ प्रोटीन, नमक और पानी युक्त संतुलित आहार का लेना ज़रूरी है।''

मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सलाह देते हुए डॉक्टर ने कहा जिन लोगों को मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है उन्हें रोजा रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टर द्वारा अपनी दवा की खुराक में परिवर्तन जरूर कराएं, क्योंकि गर्मी और पानी न पीने की वजह से रोजा के दौरान डीहाइड्रेशन होने की आंशका बढ़ जाती है। इसके साथ ही मधुमेह और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपने खान-पान पर ध्यान देना चाहिए, उन्हें फाइबरयुक्त भोजन जैसे हरी सब्जियां, दाल, फल आदि का सेवन करना चाहिए।

रोजा रखने से शरीर को क्या फायदा पहुंचता है?, जिसपर करूणा ने कहा कि रमजान के महीने में रोजा रखना एक हेल्दी प्रोसेस माना जाता है, रोजा रखना शरीर के लिए फायदेमंद होता है। इस हेल्दी प्रोसेस से हमारे शरीर के विषैले पर्दाथ को डिटॉक्स हो जाते है। 

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वहीं तेज गर्मी में रोजेदारों को डॉ. करूणा ने निम्न बातों का ध्यान रखने की सलाह दी

  • रमजान के पाक महीने में रोजा रखने वाले लोगों को गर्मी में विशेष ध्यान देना चाहिए। 
  • रोजा के दैरान लोग पानी से परहेज करते है, ऐसे में डिहाड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए रोजा खोलते समय सबसे पहले नींबू पानी के साथ अपना रोजा खोलें। 
  • खाना खाते समय एक साथ ही ज्यादा खाना खाने से बचना चाहिए। 
  • खाने में खजूर का सेवन अवश्य करना चाहिए। 
  • अगर आपका कोलेस्ट्रोल ज्यादा रहता है तो आपको अंडे का पीला भाग नहीं खाना चाहिए। 
  • इसके साथ ही ज्यादा तैलीय भोजन के सेवन से बचना चाहिए।

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