कहीं आप क्रोनिक फटीग सिंड्रोम से ग्रस्‍त तो नहीं

कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये एक शोध के मुताबिक लगातार बिना रुके घंटों काम करने की आदत क्रोनिक फटीग सिंड्रोम का लक्षण भी हो सकती है।

Nachiketa Sharma
लेटेस्टWritten by: Nachiketa SharmaPublished at: Mar 10, 2015
कहीं आप क्रोनिक फटीग सिंड्रोम से ग्रस्‍त तो नहीं

लगातार बिना रुके घंटों काम करने की आदत आपके लिए शुभ संकेत नहीं है और न ही इससे साबित होता है कि आप बहुत ही मेहनती हैं। हाल ही में हुए एक शोध की मानें तो यह 'क्रोनिक फटीग सिंड्रोम' के लक्षण तो नहीं।

Chronic Fatigue Syndrome in Hindiवैज्ञानिकों की मानें तो, थकान के बावजूद लगातार काम करते रहने वाले व्यक्तियों के इम्यून सिस्टम यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता में बदलाव देखने को मिले हैं। वैज्ञानिक भाषा में इसे क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (सीएफएस) या मियालजिक एंसेफेलोपेथी (एमई) कहा जाता है।

कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये एक शोध के मुताबिक इससे शरीर में साइटोकाइनेस नामक इम्यून मॉलिक्यूल बढ़ जाते हैं।

'साइंस एडवांसेज' नामक पत्रिका में प्रकाशित इस रिसर्च में बताया गया है कि जो लोग तीन साल से अधिक इस समस्‍या से ग्रस्त रहते हैं उनमें बाद में कोई बड़ी बीमारी होने की संभावना अधिक रहती है।

सीएफएस यानी जबरदस्त थकान, जो सोने या शरीर को आराम देने के बावजूद भी नहीं जा पाती। ऐसे लोगों में मांसपेशियों में दर्द, वायरल इंफेक्शंस और ध्यान संबंधी समस्याएं होने की भी संभावना अधिक रहती है।

एक अनुमान के मुताबिक केवल ब्रिटेन में करीब ढाई लाख लोग एमई से ग्रस्त हैं।

 

News Source - BBC

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