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ब्रेस्ट में होने वाले बदलावों के जरिए महिलाएं लगा सकती हैं इन 5 बीमारियों का पता

ब्रेस्‍ट को सेल्‍फ चेक करके आप कई बीमार‍ियों के लक्षण का पता सकते हैं, जानते हैं कैसे  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Mar 25, 2022Updated at: Mar 25, 2022
ब्रेस्ट में होने वाले बदलावों के जरिए महिलाएं लगा सकती हैं इन 5 बीमारियों का पता

मह‍िलाओं में स्‍तन या ब्रेस्‍ट की हेल्‍थ कई दूसरी स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी समस्‍याओं की ओर संकेत करती है। ब्रेस्‍ट में आपको क‍िसी भी तरह के बदलाव नजर आ रहे हैं तो वो आपकी ब‍िगड़ती सेहत की ओर संकेत देते हैं, ऐसा जरूरी नहीं है क‍ि बीमारी ब्रेस्‍ट से जुड़ी हो, ब्रेस्‍ट का सेल्‍फ एग्‍जाम‍िनेशन करने पर अन्‍य बीमार‍ियों का पता भी चल सकता है। इस लेख में हम ऐसी 5 बीमार‍ियों के बारे में जानेंगे ज‍िनका पता ब्रेस्‍ट में हो रहे बदलाव से चल जाता है। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोज‍िस्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।  

breast changes

image source: feminisminindi

1. पीसीओएस (Polycystic Ovarian Syndrome in hindi)

अगर आपको पीसीओएस है तो आपको ब्रेस्‍ट में बदलाव नजर आ सकता है। पीसीओएस में ओवरीज, मेल हार्मोन ज्‍यादा बनाते हैं ज‍िसके कारण ओवरीज में स‍िस्‍ट हो सकती है। इस दौरान पीर‍ियड्स में अन‍ियम‍ितता, एक्‍ने, ब्रेस्‍ट में दर्द या सूजन जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। वहीं पीर‍ियड्स के दौरान भी हार्मोन में बदलाव आता है, इस दौरान आपको ब्रेस्‍ट में सूजन या खुजली की समस्‍या हो सकती है। ऐसा होने पर समझ जाएं क‍ि पीर‍ियड्स आना शुरू हो गए हैं।

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2. वजन बढ़ना या घटना (Weight gain or loss)

अगर आपके ब्रेस्‍ट हैवी हो रहे हैं तो ये सबसे पहले तो इस बात का संकेत हैं क‍ि आपका वजन बढ़ रहा है। वजन बढ़ने के कारण कई स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी समस्‍याएं हो सकती हैं जैसे ज्‍यादा खाना, ईट‍िंंग ड‍िसऑर्डर, अन‍िद्रा की समस्‍या आद‍ि। वहीं अगर आपका वजन कम हो रहा है तो ब्रेस्‍ट पर स्‍ट्रेच मॉर्क्स नजर आ सकते हैं। 

3. एलर्जी या रैशेज (Allergy or rashes in hindi)

ऐसा जरूरी नहीं है क‍ि हमेशा ब्रेस्‍ट में नजर आने वाले बदलाव ब्रेस्‍ट कैंसर के लक्षण हों जैसे अगर आपको ब्रेस्‍ट के आसपास रैशेज या रेडनेस है तो वो ब्रा की स्‍ट्र‍िप के कारण हो सकती है, ये समस्‍या ज्‍यादातर गर्मी के द‍िनों में होती है। गंदी ब्रा या पसीने में ज्‍यादा देर गीली हुई ब्रा पहनने से भी ये समस्‍या हो सकती है। इस समस्‍या को दूर करने के ल‍िए डॉक्‍टर आपको एंटी-फंगल या एंटी-बैक्‍टीर‍ियल क्रीम दे सकते हैं।  

4. ब्रेस्‍ट कैंसर (Breast cancer in hindi)

 breast cancer in hindi

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ब्रेस्‍ट फैटी ट‍िशू से बने होते हैं। जब आप वजन कम करते हैं तो उसका अच्‍छा या बुरा प्रभाव आप ब्रेस्‍ट पर ज्‍यादा जल्‍दी नोट‍िस कर पाते हैं। ब्रेस्‍ट में नजर आने वाली एब्‍नॉर्मल चेंज जैसे गांठ महसूस होना, ब्रेस्‍ट में सूजन, ब्रेस्‍ट में दर्द, एक ब्रेस्‍ट का साइज दूसरे से ज्‍यादा होना आद‍ि ब्रेस्‍ट कैंसर की ओर संकेत करते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर आप तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें।   

हर लक्षण ब्रेस्‍ट कैंसर नहीं होता 

ब्रेस्‍ट या न‍िप्‍पल एर‍िया में कभी-कभी प‍िंपल नजर आते हैं जो द‍िखने में सामान्‍य प‍िंपल से थोड़े बड़े होते हैं, इसे देखकर आपको लगेगा क‍ि ये ब्रेस्‍ट कैंसर के लक्षण हैं पर ऐसा नहीं है। दरअसल ब्रेस्‍ट में मौजूद म‍िल्‍क डक्‍ट के एंड पर बंप्‍स होते हैं जो कभी-कभी बाहर न‍िकल आते हैं। इसे आप ट्यूमर समझकर डरें नहीं।  

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5. दवाओं का बुरा प्रभाव (Side effects of medicines)

अगर ब्रेस्‍ट से दूध जैसा हल्‍का र‍िसाव या बूंद न‍िकल रही है तो घबराएं नहीं, ऐसा नहीं है क‍ि आप गर्भवती हैं। इस लक्षण को केवल गर्भवती नहीं बल्‍क‍ि कोई भी मह‍िला महसूस कर सकती है। ब्रेस्‍ट से बूंद न‍िकलने से परेशानी हो तो इसे दवा से ठीक क‍िया जा सकता है पर आपको बता दें क‍ि जो मह‍िलाएं एंटी-ड‍िप्रेसेंट दवाओं का सेवन करती हैं उनमें प्रोलैक्‍ट‍िन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है ज‍िससे म‍िल्‍क ब्रेस्‍ट से न‍िकल सकता है। कैफीन का ज्‍यादा सेवन करने के कारण भी ब्रेस्‍ट में सूजन नजर आ सकती है इसल‍िए उसका सेवन ज्‍यादा न करें। 

आपको हर हफ्ते ब्रेस्‍ट एग्‍जाम‍िनेशन करना चाह‍िए और थोड़ा भी बदलाव महसूस होने पर पहले डॉक्‍टर से संपर्क करें फ‍िर दवा या इलाज का कोर्स पूरा करें।        

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