देशभर में 17 मई तक जारी रहेगा लॉकडाउन, कोरोना मामलों की संख्या हुई 37 हजार के पार

देश में लागू लॉकडाउन के दूसरे चरण के समाप्त होने से पहले ही भारत सरकार ने लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: May 02, 2020Updated at: May 02, 2020
देशभर में 17 मई तक जारी रहेगा लॉकडाउन, कोरोना मामलों की संख्या हुई 37 हजार के पार

भारत ने तेजी से फैलते COVID-19 संक्रमण को रोकने के लिए देशव्यापी बंद को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के आंकड़ों के मुताबिक, इस बीच, देश में कोरोना मामलों की संख्या 37,336 हो गई है और 1,152 लोगों की जान चली गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर, COVID-19 मामलों की संख्या 3,175,111 तक पहुंच गई है, जिसमें 224,172 मौतें शामिल हैं। इसके अलावा शुक्रवार को भारत सरकार ने अस्पतालों में PPE किट पहनने और कार्यस्थलों में सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े प्रावधानों को मानने के लिए एक बार भी नए तरीके से दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 

insidecovid-19

गृह मंत्रालय ने 4 मई से शुरू होने वाले इस दो और हफ्तों के लॉकडाउन के लिए कुछ नए दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, जिसमें क्या करना है और क्या नहीं, इस बारे में नए तरीके से बताया गया है। मंत्रालय ने अपने आदेश में हर राज्य को तीन जोन जैसे कि- रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटने और यहां शुरू होने वाले गतिविधियों के बारे में भी बताया है। इसके साथ ही मंत्रालय ने यहां शुरु होने वाली आर्थिक गतिविधियों और सुविधाओं की भी एक सूची जारी की है।

निजी और सार्वजनिक क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप अनिवार्य

एमएचए ने निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के कार्यालयों के सभी कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु ऐप को अनिवार्य कर दिया, इसके अलावा उनके लिए अन्य सुरक्षा नियमों को पालने करने के लिए सूची जारी की है। साथ ही कर्मचारियों के बीच इस ऐप के 100% कवरेज को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित संगठनों के प्रमुख की जिम्मेदारी होगी।

इसे भी पढ़ें : COVID-19: कोरोनावायरस को लेकर WHO की सलाह, इन 14 अफवाहों से रहें दूर

अस्पताल में काम करने वाले लोगों के लिए जारी किए दिशा निर्देश, PPE किट पहनना जरूरी

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के मरीजों का उपचार नहीं कर रहे अस्पतालों में कार्यरत स्वास्थ्यसेवा कर्मियों द्वारा व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (PPE) के तर्कसंगत इस्तेमाल को लेकर शुक्रवार को अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए। मंत्रालय ने बताया कि कम, मध्यम या अधिक खतरे वाले क्षेत्रों में किस प्रकार से पीपीई का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। मंत्रालय के अस्पताल के विभिन्न विभागों को कम, मध्यम एवं अधिक खतरे वाले क्षेत्रों में विभाजित करने को भी कहा है। दिशा-निर्देशों के अनुसार

  • - उच्च जोखिम वाले विभागों में पीपीई के सभी घटकों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
  • - कम खतरे वाले विभागों में तिहरी परत वाला मास्क और दस्ताने पहनने अनिवार्य हैं।
  • - इसके अलावा सैनिटाइजर का बार-बार इस्तेमाल करने और सामाजिक दूरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।
  • - मध्यम खतरे वाले विभागों में एन-95 मास्क, चश्मे और दस्ताने पहनने की सलाह दी गई है।
insidecoronavirus

इसे भी पढ़ें : बार-बार संक्रमित कर सकता है कोरोनावायरस, WHO ने 'इम्यूनिटी पासपोर्ट' जारी करने को लेकर दी चेतावनी

कार्यस्थलों के लिए स्वास्थ्य से जुड़े राष्ट्रव्यापी दिशानिर्देश 

    • -सभी कार्य स्थानों पर फेस कवर पहनना यानी कि फेस मास्क पहनना अनिवार्य है।
    • - कर्मचारियों के लिए थर्मल फ्रीजिंग, हैंडवाश और सैनिटाइजर उपलब्ध कराने  के लिए प्रावधान किए जाने का निर्देश जारी किया है। 
    • -संपूर्ण कार्यस्थल में सोशल डिस्टेंसिंग और स्वच्छता जैसे कि दरवाजे के हैंडल और शेयरिंग प्वाइंट्स की सफाई का ख्याल रखने की बात कही गई है।
    • -65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, पुराने बीमारी वाले व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर रहने के लिए कहा गया है।

Read more articles on Health-News in Hindi

Disclaimer