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चंद्र नमस्कार योग से दूर करें शरीर की ये समस्याएं, जानें तरीका और सावधानियां

चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास शरीर और मन दोनों के लिए बहुत फायदेमंद है, जानें फायदे, अभ्यास का तरीका और सावधानियां।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 19, 2022Updated at: Jun 19, 2022
चंद्र नमस्कार योग से दूर करें शरीर की ये समस्याएं, जानें तरीका और सावधानियां

शरीर को हेल्दी रखने के लिए योगासनों का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। नियमित रूप से योगाभ्यास कर आप अपने शरीर को फिट और बीमारियों से मुक्त रख सकते हैं। आपमें से बहुत से लोगों को सूर्य नमस्कार योग के बारे में जानकारी तो होगी लेकिन क्या आप जानते हैं की सूर्य नमस्कार की तरह ही चंद्र नमस्कार योग (Chandra Namaskar Yoga in Hindi) का अभ्यास भी शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है। चंद्र नमस्कार का अभ्यास करने से शरीर की कई बीमारियों को दूर करने में फायदा मिलता है। जिस तरह से सूर्य नमस्कार का अभ्यास करते समय आप 12 आसनों का अभ्यास करते हैं उसी तरह से चंद्र नमस्कार में भी 14 अलग-अलग आसनों का अभ्यास किया जाता है। योग के फायदे और महत्व को देखते हुए अब दुनियाभर में इसको लेकर जागरूकता फैली है। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर Onlymyhealth आपके लिए एक विशेष सीरीज लेकर आया है जिसमें हम आपको सुप्रसिद्ध योग गुरु ग्रैंड मास्टर अक्षर से रोजाना 1 योगासन के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। आइए इस लेख में योग गुरु अक्षर से जानते हैं चंद्र नमस्कार योग के फायदे और तरीका।

चंद्र नमस्कार का अभ्यास करने के फायदे (Chandra Namaskar Benefits in Hindi)

चंद्र नमस्कार का अभ्यास शरीर को शांत और निरोगी बनाए रखने के लिए बहुत फायदेमंद है। रोजाना इस योगासन का अभ्यास करने से आपका मन शांत रहता है और शरीर को सुकून मिलता है। नींद से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना चंद्र नमस्कार का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप सही ढंग से रोजाना चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास करते हैं तो आपके शरीर को ये फायदे मिलते हैं-

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1. तनाव और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। 

2. रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने और शरीर का संतुलन ठीक रखने के लिए रोजाना चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है।

3.  श्वसन तंत्र और सर्कुलेटरी सिस्टम को बेहतर बनाने और इनसे जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए रोजाना चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है।

4. शरीर के निचले हिस्से में दर्द की समस्या होने पर चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है।

5. माइग्रेन की समस्या होने पर रोजाना चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद माना जाता है।

6. हार्ट को हेल्दी रखने और हार्ट से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम करने के लिए भी चंद्र नमस्कार का रोजाना अभ्यास फायदेमंद होता है।

चंद्र नमस्कार योग के आसन (Chandra Namaskar Yoga Poses Names in Hindi)

चंद्र नमस्कार योग कई योगासनों का समूह है। चंद्र नमस्कार में कुल 14 योगासन शामिल होते हैं और इनके नाम इस प्रकार हैं-

1. प्रणामासन

2. हस्त उत्तानासन

3. पाद हस्तासन

4. अश्व संचालनासन

5. अर्ध चंद्रासन

6. सन्तुलनासन

7. अष्टांग नमस्कार

8. भुजंगासन

9. अधो मुख शवासन

इन 9 योगासनों के बाद आपको दोबारा इनमें से कुछ योगासनों का अभ्यास करना होता है, जो इस प्रकार से हैं-

10. अश्व संचालनासन 

11. अर्ध चंद्रासन

12. पाद हस्तासन

13. हस्त उत्तानासन

14. प्रणामासन

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चंद्र नमस्कार के अभ्यास का तरीका (How To Do Chandra Namaskar in Hindi)

चंद्र नमस्कार का अभ्यास करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें-

  • सबसे पहले प्रणामासन की मुद्रा में खड़े हों और गर्दन को सीधी रखते हुए प्रार्थना या प्रणाम करने की मुद्रा में आएं।
  • हाथों को पीछे धकेल कर पीछे की ओर झुकें और सांस लेते हुए, हाथों को आगे और ऊपर लाएं।
  • श्वास बाहर निकालते हुए आगे की ओर झुकें। हाथों को फर्श पर रखें। घुटनों को मोड़ें इसके बाद फर्श पर हाथों के साथ, घुटनों को सीधा करें।
  • दाएं पैर को जितना संभव हो उतना पीछे धकेलें, फर्श पर दाहिने घुटने को छुकाते हुए ऊपर देखें।
  • सांस रोककर, बाएं पैर को पीछे धकेलें। घुटनों को सीधा रखते हुए शरीर को एक सीधी रेखा में लाएं।
  • सांस छोड़ें और वापस खींचें। कूल्हों को एड़ी तक ले जाएं, घुटनों की ओर माथे और हाथों को सामने की तरफ मजबूती से रखें।
  • ठोड़ी को जमीन के पास रखते हुए आगे की ओर बढ़ें। आपकी ठोड़ी, छाती, आपके हाथ की हथेलियां, घुटने, और पैर के तलवे छूते हुए ये आसान करें।
  • श्वास लेते हुए कोबरा स्थिति में जाएं। कंधों के नीचे हाथ, कोहनी को एड़ी एक साथ लाते हुए ये आसान करें। श्रोणि को जमीन से दबाएं और ऊपर उठाएं। ऊपरी पीठ में झुकने पर ध्यान दें।
  • श्वास लें और उल्टे 'V’ स्थिति में हाथ और पैर को फैलाएं। जमीन पर एड़ी के टिकाते हुए ऊपर की ओर देखें।
  • इसके बाद दोबारा प्रणामासन की मुद्रा में आएं और इस तरह से चंद्र नमस्कार का एक क्रम पूरा हुआ।

चंद्र नमस्कार से जुड़ी सावधानियां (Chandra Namaskar Precautions in Hindi)

चंद्र नमस्कार का अभ्यास करते समय आपको समय का सही ध्यान रखना चाहिए। इस योगासन का अभ्यास रात के समय में करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा इसका अभ्यास करते समय पेट पूरी तरह से खाली होना चाहिए। जिन लोगों के कमर में दर्द की समस्या रहती है उन्हें चंद्र नमस्कार योग का अभ्यास नहीं करना चाहिए। अगर आपके हड्डियों में कोई समस्या है तो इस योगासन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को भी चंद्र नमस्कार का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

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