World Cerebral Palsy Day 2021: बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

सेरेब्रल पाल्सी बच्चाें में हाेने वाली एक बीमारी है। इसमें बच्चाें काे चलने, उठने में परेशानी हाेती है। जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव टिप्स- 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Oct 05, 2021
World Cerebral Palsy Day 2021: बच्चों में सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) यानी सीपी (CP) क्या है? सेरेब्रल पाल्सी या सीपी मस्तिष्क विकाराें का एक समूह है, जाे मांसपेशियाें की गति और समन्वय काे प्रभावित करता है। यह मस्तिष्क और मांसपेशियाें से जुड़ी एक समस्या है। कई बार सेरेब्रल पाल्सी से आंख और कान भी प्रभावित हाेते हैं। सेरेब्रल पाल्सी में सेरेब्रल का मतलब मस्तिष्क से संबंधित है। जबकि पाल्सी का मतलब कमजाेरी या शरीर के हिलने-डुलने से है। सेरेब्रल पाल्सी हजार बच्चाें में से 2 से 4 बच्चे काे प्रभावित करता है। यह एक आम समस्या बिल्कुल नहीं है।

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(Image Source : penfieldbuildingblocks.org)

सेरेब्रल पाल्सी नामक बीमारी संक्रामक नहीं है। यानी यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। इसके अलावा यह प्राेग्रेसिव बीमारी भी नहीं है। यानी समय के साथ इस बीमारी के लक्षण बढ़ते या बिगड़ते नहीं है। इसके लक्षण सभी बच्चाें में अलग-अलग हाे सकते हैं। स्थिति की गंभीरता काे देखते हुए इनका इलाज किया जाता है। बच्चाें में सेरेब्रल पाल्सी की बीमारी हाेने पर कई लक्षण देखने काे मिलते हैं। हर साल 6 अक्टूबर काे सेरेब्रल पाल्सी दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर मणिपाल हॉस्पिटल की पीडियाट्रिक न्यूराेलॉजिस्ट डॉक्टर उषा मल्लिनाथ (Dr. Usha Mallinath, Pediatric Neurologist at Manipal Hospital) से जानते हैं सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण, कारण और बचाव (Cerebral Palsy Symptoms Causes and Prevention Tips)-

बच्चाें में सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण ( Cerebral Palsy Symptoms in Children)

मणिपाल हॉस्पिटल की पीडियाट्रिक न्यूराेलॉजिस्ट डॉक्टर उषा मल्लिनाथ बताती हैं कि सेरेब्रल पाल्सी के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हाेते हैं। इसके लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हाे सकते हैं। इसमें कुछ बच्चाें में मामूली लक्षण जैसे उठने, बैठने और चलने में परेशानी हाे सकती है। ताे कुछ बच्चाें काे निगलने और बाेलने में भी परेशानी हाे सकती है।

  • समय के साथ-साथ इसके लक्षण कम से गंभीर तक पहुंच सकते हैं। 
  • चलने और बैठने में कठिनाई हाेना
  • वस्तुओं काे पकड़ने में परेशानी
  • मांसपेशियाें की टाेन में बदलाव
  • बाेलने में कठिनाई
  • निगलने में परेशानी हाेना
  • अत्याधिक लार निकलना
  • दौरे पड़ना
  • बौद्धिक अक्षमता

सेलेब्रल पाल्सी के लक्षण आमतौर बच्चाें में 3-4 साल की उम्र से पहले देखने काे मिल जाते हैं। अगर आपके बच्चे में ये सभी लक्षण इस उम्र से पहले दिखाई दे रहे हैं, ताे इस स्थिति में आपकाे डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करना चाहिए। समय पर इसका उपचार करने से बच्चे काे ठीक भी किया जा सकता है।

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(Image Source : Thaichildcare.com)

सेरेब्रल पाल्सी के कारण (Cerebral Palsy Causes in Children)

सेरेब्रल पाल्सी एक मस्तिष्क विकार है। सेरेब्रल पाल्सी हाेने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हाेते हैं। सेरेब्रल पाल्सी आमतौर पर जन्म से पहले हाेती है, लेकिन यह जन्म के दौरान या जीवन के पहले कुछ वर्षाें में भी हाे सकती है। सेरेब्रल पाल्सी हाेने का मुख्य कारण गर्भाशय में बच्चे काे ऑक्सीजन की सही मात्रा न मिल पाना हाेता है। सेरेब्रल पाल्सी के कारण हैं-

  • मस्तिष्क के असामान्य विकास या विकासशील मस्तिष्क में चाेट लगने की वजह से सेरेब्रल पाल्सी हाे सकता है।
  • श्वासावराेध नवजात या प्रसव के दौरान मस्तिष्क में ऑक्सीजन की कमी हाेना।
  • ऐसे जीन उत्परिवर्तन जिसकी वजह से असामान्य मस्तिष्क विकास हाेता है।
  • शिशु में गंभीर पीलिया 
  • प्रसव के दौरान मांओं में संक्रमण (खसरा और हर्पीज)
  • मस्तिष्क संक्रमण
  • मस्तिष्क में ब्लीडिंग
  • प्रेगनेंसी के दौरान गिरना, एक्सीडेंट आदि की वजह से सिर में चाेट लगना
  • मस्तिष्क में सही तरीके से रक्त प्रवाह न हाेने के कारण सिर पर चाेट लगना
  • दिमाग में चाेट

सेरेब्रल पाल्सी का खतरा किसे है? (Who’s at risk for cerebral palsy)

कई ऐसे कारक हैं, जाे बच्चाें में सेरेब्रल पाल्सी या सीपी के जाेखिम काे बढ़ा सकते हैं। इसमें शामिल हैं-

  • समय से पहले शिशु का जन्म
  • जन्म के समय शिशु का वजन काफी कम हाेना
  • जुड़वा बच्चे हाेना
  • ब्रीच बर्थ। ब्रीच बर्थ उस स्थिति काे कहा जाता है, जिसमें डिलीवरी या प्रसव से पहले सी बच्चे के नितंब और पैर बाहर आ जाते हैं। 
  • आरएच असंगति। आरएच असंगित उस स्थिति काे कहा जाता है, जब मां का रक्त आरएच का प्रकार बच्चे के आरएच प्रकार से काफी अलग हाेता है।

सेरेब्रल पाल्सी के प्रकार (Type of Cerebral Palsy)

बच्चाें में सेरेब्रल पाल्सी के लक्षणाें, मस्तिष्क के प्रभावित भाग के आधार पर सेरेब्रल पाल्सी काे बांटा गया है। यह चार प्रकार की हाेती है। इसमें शामिल हैं-

  • स्पासटीसिटी सेरेब्रल पाल्सी
  • डिस्किनेटिक सेरेब्रल पाल्सी
  • अटैक्सिक सेरेब्रल पाल्सी
  • मिक्सड सेरेब्रल पाल्सी

सेरेब्रल पाल्सी के लिए जरूर टेस्ट

वैसे ताे सेरेब्रल पाल्सी या सीपी के लिए काेई विशेष परीक्षण नहीं है। लेकिन कुछ ऐसी जांच हैं, जिनके द्वारा पता लगाया जा सकता है कि बच्चे काे सेरेब्रल पाल्सी है या नहीं। सेरेब्रल पाल्सी के लिए कुछ जरूरी टेस्ट-

ब्रेन स्कैन

इसमें एमआइआई, क्रेनियल और अल्ट्रासाउंड किया जाता है।

ईईजी

दौरे पड़ना भी सेरेब्रल पाल्सी का एक लक्षण हाेता है। जिन बच्चाें काे अकसर दौरे पड़ते हैं, उनका ईईजी करवाया जाता है। इसमें बच्चे के मस्तिष्क की गतिविधियाें काे रिकॉर्ड किया जाता है।

लेब टेस्ट

इसमें बच्चे काे रक्त और यूरिन संबंधित टेस्ट किए जाते हैं।

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(Image Source : Grupoioe.es)

सेरेब्रल पाल्सी के लिए बचाव टिप्स (Prevention Tips for Cerebral Palsy)

अकसर लाेगाें काे सवाल रहता है कि सेरेब्रल पाल्सी काे कैसे राेका जा सकता है? इस पर डॉक्टर उषा मल्लिनाथ बताती हैं कि सेरेब्रल पाल्सी का कारण बनने वाली अधिकांश समस्याओं काे हमेशा राेका नहीं जा सकता है। लेकिन अगर आप प्रेगनेंट हैं या गर्भवती हाेने की याेजना बना रही हैं, ताे सेरेब्रल पाल्सी की जटिलताओं काे कम करने के लिए कुछ उपाय कर सकती हैं।

  • भ्रूण के मस्तिष्क काे नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियाें के खिलाफ टीका जरूर लगवाएं।
  • डिलीवरी या प्रसव से पहले अत्याधिक देखभाल करना जरूर है।
  • गर्भावस्था के दौरान अपने डॉक्टर के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहें। जिससे समय से पहले जन्म, जन्म के समय कम वजन और संक्रमण काे राेकने में मदद मिल सकती है।

कैसे किया जाता है सेरेब्रल पाल्सी का इलाज

सेरेब्रल पाल्सी का इलाज का मतलब इसके लक्षणाें और जटिलताओं में कमी करना हाेता है। इसके उपचार में सहायता, दवाइयां और सर्जरी शामिल हैं। इसके अन्य उपचार में स्पीच थेरेपी, शारीरिक थेरेपी, व्यावसायिक चिकित्सा  आदि शामिल हैं। 

सेरेब्रल पाल्सी का काेई इलाज नहीं है। लेकिन इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया जा सकता है। सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित कुछ बच्चाें काे अधिक सहायता की जरूरत नहीं हाेती है। जबकि कुछ बच्चाें काे दीर्घकालिक देखभाल की जरूरत हाे सकती है। उनकी देखभाल और उचित उपचार से सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित बच्चाें के जीवन में सुधार किया जा सकता है। 

(Main Image Source : cerebralpalsynewstoday.com, enablingdevices.com)

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