प्रेगनेंसी के बाद आंखों की रोशनी क्यों होती है प्रभावित? जानें कारण, लक्षण और बचाव

गर्भावस्था के बाद अक्सर महिलाएं अपनी आंखों में विजन कम की समस्या का सामना करती हैं। जानते हैं इसके लक्षण, कारण और उपचार...

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 14, 2021Updated at: Jul 14, 2021
प्रेगनेंसी के बाद आंखों की रोशनी क्यों होती है प्रभावित? जानें कारण, लक्षण और बचाव

कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं, जिन्हें प्रेगनेंसी के बाद आंखों में समस्या का सामना करना पड़ता है। नवजात शिशु की देखभाल में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि खुद पर ध्यान देना ही भूल जाती हैं। महिलाओं को प्रेगनेंसी के बाद आंखों में कम रोशनी की शिकायत देखी गई है, जिसके कारण उन्हें अपने रोजमर्रा के कार्यों में परेशानी का सामना उठाना पड़ता है। ऐसे में इसके कारण के बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे की प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं की आंखों में कम रोशनी की समस्या क्यों होती है। साथ ही इसके लक्षण और बचाव के बारे में भी जानेंगे। पढ़ते हैं आगे...

प्रेगनेंसी के बाद आंख क्यों होती हैं प्रभावित?

  • प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं आई संबंधित समस्या ड्राई आई सिंड्रोम हो सकता है। यह समस्या प्रेगनेंसी के दौरान शुरू होती है, जिसका असर प्रेगनेंसी के बाद तक नजर आ सकता है।
  • प्रेगनेंसी के दौरान सीरम एस्ट्रोजन हार्मोन का विकास पिट्यूटरी ग्रंथि मैं होता है, जिसकी वजह से ट्यूमर के कारण आंखों पर प्रभाव पड़ता है। इससे संबंधित रिसर्च भी सामने आई है जो यह बताती है कि आंखों की कमजोरी या रोशनी का कम होना ट्यूमर के कारण हो सकती है। इससे संबंधित रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
  • जब महिलाएं प्रेग्नेंट होती हैं तो उस दौरान उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होने लगती है, जिससे प्री एक्लेंपसिया की समस्या हो सकती है। इसके कारण महिलाओं को धुंधलाहट रोशनी, आंखों के आगे दाग धब्बे आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह समस्या गर्भावस्था के बाद भी देखी जा सकती है।
  • रक्त वाहिकाओं या नर्व में प्रेगनेंसी के दौरान उच्च रक्त शर्करा के कारण क्षति पहुंच सकती हैं। ऐसे में इसका असर भी आंखों पर पड़ता है और गर्भावस्था के बाद भी डायबिटीज से जूझ रही महिलाएं कम रोशनी या धुंधला हट का शिकार हो जाती हैं।
  • इससे अलग एक कारण यह भी है कि गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर में काफी बदलाव आते हैं। ऐसे में इन बदलावों के कारण आंखें प्रभावित हो सकती हैं। इससे संबंधित एक रिसर्च के सामने आई है। जो यह बताती है कि बदलाव के कारण गर्भवती महिलाएं ड्राई आई सिंड्रोम जैसी समस्याओं का शिकार हो जाती है और उनकी आंखें कमजोर हो जाती हैं। रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

गर्भावस्था के बाद आंखों के प्रभाव के लक्षण

गर्भावस्था के बाद जब महिलाओं को आंखों से संबंधित समस्या होती है तो उस दौरान कुछ और भी लक्षण नजर आते हैं। जो इस प्रकार हैं-

1 - डबल विजन की समस्या यानी किसी एक चीज का डबल दिखना।

2 - आंखों में दर्द महसूस करना।

3 - आंखों में धुंधलापन या चक्कर का आना।

4 - किसी भी अक्षर को पढ़ने में दिक्कत महसूस करना।

5 - आंखों पर दबाव महसूस करना।

6 - प्रकाश में आते ही आंखों पर प्रभाव पड़ना।

7 - आंखों का तनाव ग्रस्त हो जाना।

8 - आंखों में खुजली हो जाना

9 - आंखों में थकान महसूस करना।

10 - आंखों के सामने धब्बे नजर आना।

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प्रेगनेंसी के बाद आंखों की कम रोशनी का इलाज

ऊपर बताए गए कारणों के अनुसार इलाज भी निम्न प्रकार है-

1 - अगर महिलाओं को ड्राई आई सिंड्रोम के कारण यह समस्या हो रही है तो यह समस्या खुद ब खुद ठीक नहीं हो सकती। इसके लिए महिलाओं को डॉक्टर की मदद लेनी जरूरी है और इसका उचित उचित उपचार कराना भी जरूरी है।

2 - महिलाओं को अगर यह समस्या जेस्टेशनल डायबिटीज होने पर होती है तो इसके लिए भी डॉक्टर ब्लड शुगर कम करने के लिए दवाई दे सकते हैं, जिससे उनकी डायबिटीज कंट्रोल रहे और आंखों की समस्या में राहत मिल सके।

3 - अगर यह समस्या पिट्यूटरी ग्रंथि के कारण हो रही है तो डॉक्टर इसके लिए एस्ट्रोजन हार्मोन के विकास के कारण होने वाले ट्यूमर को रोकने की दवाई दे सकते हैं, जिससे आंखों की समस्या से राहत मिल सके।

4 - अगर यह समस्या प्री एक्लेंपसिया के कारण हो रही है तो यह समस्या कुछ महीनों बाद खुद ही ठीक हो जाती है। अगर यह सब ठीक नहीं हो तो महिलाएं डॉक्टर की मदद ले सकती हैं और इस समस्या को ठीक कर सकती हैं।

नोट- ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि कुछ महिलाओं को गर्भावस्था के बाद आंखों की समस्या का सामना करना पड़ता है। आंखों की रोशनी कम होने के पीछे कुछ कारण होते हैं, कारण खुद ब खुद ठीक हो जाते हैं और कुछ को डॉक्टर द्वारा ठीक किया जाता है। ऐसे में अगर गर्भवती महिलाएं अपनी आंखों में किसी भी प्रकार का दबाव महसूस करें या दर्द महसूस करें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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