Tue Oct 6, 2026 | 03:30 AM IST

Medically Reviewed by Dr Sharad Malhotra , Senior Consultant & Director – Gastroenterology, Hepatology & Therapeutic Endoscopy

क्या तरबूज का ज्यादा सेवन बिगाड़ सकता है आपका हाजमा? डॉक्टर से जानें सच्चाई

तरबूज गर्मियों का सुपरफूड है, लेकिन जरूरत से ज्यादा सेवन पाचन समस्याएं पैदा कर सकता है। ऐसे में तरबूज का सेवन सीमित मात्रा में किया जाना चाहिए।
क्या तरबूज का ज्यादा सेवन बिगाड़ सकता है आपका हाजमा? डॉक्टर से जानें सच्चाईक्या तरबूज का ज्यादा सेवन बिगाड़ सकता है आपका हाजमा? डॉक्टर से जानें सच्चाई

गर्मियों में तरबूज सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फल है, इसमें लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत देने में मदद करता है। तरबूज पेट के लिए हल्का, स्वाद में मीठा और तुरंत एनर्जी देने वाला माना जाता है, इसलिए लोग इसे बिना सोचे-समझे अक्सर ज्यादा मात्रा में खा लेते हैं लेकिन क्या ज्यादा तरबूज खाना डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए नुकसानदायक हो सकता है? इस विषय पर आकाश हेल्थकेयर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं थेराप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट और डायरेक्टर, डॉक्टर शरद मल्होत्रा बताते हैं कि किसी भी चीज का ज्यादा सेवन शरीर में असंतुलन पैदा कर सकता है और तरबूज भी इससे अलग नहीं है।

क्या ज्यादा तरबूज खाने से पाचन की दिक्कत हो सकती है?

डॉक्टर शरद मल्होत्रा बताते हैं कि तरबूज में पानी और नेचुरल शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। जब इसे सीमित मात्रा में खाया जाता है, तो यह पाचन को आसान बनाता है और शरीर को ठंडक देता है लेकिन अगर इसे रोजाना ज्यादा मात्रा में खा लिया जाए, तो यह पेट में भारीपन, गैस और अपच जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, ज्यादा तरबूज खाने से पेट में पानी की मात्रा अचानक बढ़ जाती है, जिससे डाइजेस्टिव प्रोसेस धीमी हो सकती है। इसके अलावा, डॉक्टर शरद का कहना है कि अगर तरबूज को सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो फूड पॉइजनिंग का खतरा भी बढ़ जाता है।

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  • डॉक्टर शरद मल्होत्रा बताते हैं कि ज्यादा मात्रा में तरबूज खाने से कुछ लोगों को ब्लोटिंग यानी पेट फूलने की समस्या हो सकती है।
  • तरबूज में मौजूद फ्रुक्टोज शुगर कुछ लोगों में गैस और पेट दर्द का कारण बन सकती है।
  • जिन लोगों का डाइजेस्टिव सिस्टम सेंसिटिव होता है, उन्हें ज्यादा तरबूज खाने से दस्त की समस्या भी हो सकती है।
  • इसके अलावा, तरबूज को अगर खाली पेट या बहुत ठंडा खाया जाए, तो यह पाचन पर और भी ज्यादा असर डाल सकता है।

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Can Watermelon Cause Digestive IssuesCan Watermelon Cause Digestive Issues

डॉक्टर की सलाह

डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, जिन लोगों को पहले से गैस, एसिडिटी या IBS जैसी समस्याएं हैं, उन्हें तरबूज सीमित मात्रा में खाना चाहिए। डायबिटीज के मरीजों को भी इसका सेवन कंट्रोल करना चाहिए क्योंकि इसमें नेचुरल शुगर मौजूद होती है। तरबूज को हमेशा ताजा और सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसे दिन के समय खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि रात में इसका सेवन पाचन को धीमा कर सकता है। साथ ही, इसे अन्य भारी भोजन के साथ नहीं खाना चाहिए।

निष्कर्ष

तरबूज एक बेहद फायदेमंद और हाइड्रेटिंग फल है, लेकिन इसका ज्यादा सेवन पाचन तंत्र के लिए समस्याएं पैदा कर सकता है। डॉक्टर शरद मल्होत्रा के अनुसार, संतुलित मात्रा में तरबूज खाना ही सबसे सुरक्षित तरीका है। सही समय और सही मात्रा का ध्यान रखकर आप इसके सभी फायदे ले सकते हैं और किसी भी तरह की पाचन समस्या से बच सकते हैं।

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FAQ

  • क्या तरबूज वजन बढ़ाता है?

    सीमित मात्रा में तरबूज वजन नहीं बढ़ाता है, लेकिन ज्यादा खाने से कैलोरी बढ़ सकती है।
  • तरबूज कब खाना चाहिए सुबह या शाम?

    दिन के समय, खासकर दोपहर में तरबूज का सेवन सबसे अच्छा माना जाता है।
  • क्या डायबिटीज मरीज तरबूज खा सकते हैं?

    डायबिटीज मरीज तरबूज खा सकते हैं, लेकिन बहुत सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    May 06, 2026 17:52 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • May 06, 2026 17:52 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Sharad Malhotra