ब्रेन ट्यूमर क्यों मानी जाती है खतरनाक बीमारी? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण, खतरे और इलाज के तरीके

ब्रेन ट्यूमर बहुत ही गंभीर बीमारी है जो किसी के लिए भी जानलेवा हो सकता है। एक्सपर्ट से जानिए क्या है इसके कारण, लक्षण और इलाज के तरीके।

Vishal Singh
अन्य़ बीमारियांWritten by: Vishal SinghPublished at: Dec 11, 2020Updated at: Dec 11, 2020
ब्रेन ट्यूमर क्यों मानी जाती है खतरनाक बीमारी? एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण, खतरे और इलाज के तरीके

ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) कैंसर या गैर-कैंसर हो सकता है, जब ये आपकी खोपड़ी में बढ़ना शुरू होते हैं तो ये उतना ही दबाव बढ़ाते हैं। इसके कारण आपको बहुत ज्यादा मानसिक हानि हो सकती है। जिसका सही तरीके से इलाज न किए जाने पर ये जानलेवा भी हो सकता है। ब्रेन ट्यूमर आपके मस्तिष्क में धीरे-धीरे बनता है जो एक समय पर काफी गंभीर हो जाता है। ब्रेन ट्यूमर, जिसे मेटास्टैटिक ब्रेन ट्यूमर के रूप में भी जाना जाता है, तब होता है जब कैंसर कोशिकाएं आपके मस्तिष्क में किसी अन्य अंग से फैलती हैं। इसमें आपके फेफड़े या स्तन कैंसर शामिल हो सकते हैं। लोग अक्सर ब्रेन ट्यूमर के नाम से घबरा जाते हैं, जिसमें उन्हें ये लगता है कि वो इस स्थिति से बाहर निकलने में असफल हो सकते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ब्रेन ट्यूमर के इलाज उपलब्ध है जिसकी मदद से आप खुद को एक गंभीर स्थिति से बचा सकते हैं। ब्रेन ट्यूमर का इलाज आपका डॉक्टर उस ट्यूमर की स्थिति, आकार देखकर ही करता है। इस विषय पर हमने डॉक्टर ईश आनंद से बात की जो सर गंगा राम अस्पताल में न्यूरोलॉजी विभाग के उपाध्यक्ष हैं।

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ब्रेन ट्यूमर के कारण (Causes Of Brain Tumor In Hindi)

ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) के कारण सभी में अलग हो सकते हैं, ब्रेन ट्यूमर कई मामलों में अपने आप बनने लगता है। वहीं, कुछ मामलों में ये तब हो सकता है जब आपके परिवार में पहले से किसी को हुआ हो। जिन लोगों को स्तन कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, किडनी कैंसर जैसे कैंसर होते हैं उन लोगों में इसका ज्यादा खतरा होता है।

लक्षण

  • सिरदर्द।
  • लंबे समय से उल्टी होना।
  • शरीर में संतुलन की कमी।
  • देखने में परेशानी होना।
  • याददाश्त की कमी होना।
  • सोचने में क्षमता में कमी।
  • बोलने में घबराहट या समस्या पैदा होना।
  • हाथ या पैर में सुन्न होने की समस्या।

किस आधार पर होता है इलाज 

  • ट्यूमर का आकार, प्रकार और स्थिति।
  • मस्तिष्क में मौजूद ट्यूमर कितना नुकसान पहुंचा रहा है या पहुंचा चुका है। 
  • ट्यूमर सीएनएस या दूसरे हिस्सों में कितना फैल रहा है।
  • ट्यूमर से होने वाले अन्य दुष्प्रभाव।
  • रोगी के पूर्ण स्वास्थ्य की स्थिति।

एक्सपर्ट्स की मानें तो कई ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) काफी धीरे-धीरे बढ़ते हैं जिसका प्रभाव बहुत धीरे-धीरे या कई महीनों में दिखता है, वहीं कुछ ऐसे ब्रेन ट्यूमर भी होते हैं जो बहुत तेजी से बढ़ते हैं जिसके कारण आपको बहुत हानि हो सकती है। इसकी जांच डॉक्टर द्वारा की जाती है और डॉक्टर आपको जांच के बाद ये बता सकता है कि आपकी स्थिति क्या है और इसके लिए इलाज का कौन सा विकल्प बेहतर है। 

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ब्रेन ट्यूमर के लिए इलाज के विकल्प (Treatment Options For Brain Tumors)

सर्जरी

ज्यादातर ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) के मामलों में हानि का बहुत ज्यादा खतरा होता है जिसके कारण ये अहम हो जाता है कि और हानि से बचने के लिए सर्जरी बेहतर विकल्प मानी जाती है। सर्जरी की मदद से डॉक्टर आपकी खोपड़ी या मस्तिष्क के हिस्से से ट्यूमर को हटा सकता है। इसके अलावा जब आपके ट्यूमर हटाने के बाद भी कुछ मात्रा में रह जाए तो उसके लिए डॉक्टर रेडिएशन थैरेपी और कीमोथैरेपी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कुछ मामले ही ऐसे होते हैं जिनमें बाद में रेडिएशन और कीमोथैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर मामलों में सर्जरी की मदद से आसानी से ट्यूमर को पूरी तरह से बाहर किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये सर्जरी किसी के लिए भी काफी चुनौतीपूर्ण होनी चाहिए इसके लिए जरूरी है कि शुरुआती जांच अच्छी तरीके से की गई हो। वहीं, जब रीढ़ की हड्डी के संपर्क या हड्डी के पास हो तो ये स्थिति गंभीर हो सकती है जिसके कारण सर्जरी और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण बन सकती है। 

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रेडिएशन थैरेपी

ब्रेन ट्यूमर जो कैंसर के साथ होते हैं उन ट्यूमर के लिए रेडिएशन थैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। जिससे कि कैंसर कोशिकाओं को किसी भी तरह से आगे बढ़ने या ज्यादा नुकसान पहुंचाने से रोका जा सके। आपको बता दें कि आमतौर पर रेडिएशन थैरेपी का इस्तेमाल ट्यूमर के ऊतकों को नष्ट करने क लिए किया जाता है, ये उन ट्यूमर के साथ किया जाता है जो पूरी तरह से सर्जरी के द्वारा नहीं निकाले जा सकते। जिसके लिए आखिरी में रेडिएशन थैरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। रेडिएशन थैरेपी कई हफ्तों में अलग-अलग बार दी जाती है। 

कीमोथैरेपी

कीमोथैरेपी भी आपने अक्सर सुना होगा, ये भी कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। ये एक दवा के जरिए दी जाने वाली थैरेपी है जिसकी मदद से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के साथ आगे बढ़ने से और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सकता है। कीमोथैरेपी को रक्त वाहिका या मांसपेशियों में इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है। इसके लिए आपका डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर ही कीमोथैरेपी का समय तय कर सकता है। 

किन लोगों को है ब्रेन ट्यूमर का खतरा

परिवार का इतिहास

ब्रेन ट्यूमर आनुवंशिक है जो परिवार के सदस्यों से दूसरों में जा सकता है, उन लोगों को ब्रेन ट्यूमर का खतरा ज्यादा होता है। जिन लोगों के परिवार में पहले से किसी सदस्य को ब्रेन ट्यूमर हुआ हो। 

उम्र

कई मामलों में ये भी देखा गया है कि बढ़ती उम्र के साथ ब्रेन ट्यूमर अपने आप ही बनने लगता है, जिसका कोई दूसरा कारण नहीं होता।

रसायनों के संपर्क में 

रसायनों के संपर्क में लगातार आने वाले लोगों को कैंसर और ब्रेन ट्यूमर का खतरा काफी होता है, इससे आपके मस्तिष्क के कैंसर और ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor) होने की संभावना ज्यादा हो जाती है।

ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कैसे करें कम 

कीटनाशकों के संपर्क में आने से बचें

कीटनाशक आपके स्वास्थ्य को कई मायनों में हानि पहुंचा सकते हैं, ये आपको कई कैंसरों के खतरों में डालने के साथ ब्रेन ट्यूमर की समस्या पैदा कर सकते हैं। इसलिए आपको हमेशा कीटनाशक दवाओं के संपर्क में आने से बचना चाहिए और इसका इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए। 

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रसायनों से दूर रहें

रसायन भी कीटनाशक दवाओं की तरह आपको कई तरह से स्वास्थ्य हानि पहुंचाते हैं, जिसके कारण आपको कई कैंसर का खतरा बढ़ता है और ब्रेन ट्यूमर भी बन सकता है। आमतौर पर देखा जाता है कि जो लोग अक्सर रसायनों वाली जगहों पर काम करते हैं उन लोगों को ब्रेन ट्यूमर और कैंसर का खतरा ज्यादा होता है। इन स्थितियों से बचने के लिए आपको रसायनों जैसी जगह और इनसे दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए। 

धूम्रपान कम से कम करें

धूम्रपान आपके स्वास्थ्य में कई स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं को पैदा करने के साथ आपको गंभीर स्थिति में भेज सकते हैं। ज्यादा धूम्रपान करने के कारण आप कई कैंसर के साथ ब्रेन ट्यूमर का शिकार हो सकते हैं। आपको अपने धूम्रपान की आदत को कम से कम करना चाहिए जिससे आप कैंसर और ब्रेन ट्यूमर जैसी स्थिति से दूर रह सकें। 

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