बुखार से लेकर आंखों के रोगों तक कई समस्याओं में फायदेमंद होता है नागरमोथा, जानें इसके फायदे

नागरमोथा एक असरदार आयुर्वेदिक औषधी है। इसके उपयोग से आंख, त्वचा जैसे कई अन्य रोग ठीक होते हैं।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiUpdated at: Mar 30, 2021 06:49 IST
बुखार से लेकर आंखों के रोगों तक कई समस्याओं में फायदेमंद होता है नागरमोथा, जानें इसके फायदे

नागरमोथा को मोथा भी कहा जाता है। यह एक आयुर्वेदिक औषधि है। इसके फल, जड़ और फूल उपयोग में लाए जाते हैं। आयुर्वेद धीरे-धीरे तरक्की कर रहा है। प्राकृतिक चिकित्सका का मोल लोगों को समझ आ रहा है। नागरमोथा आमतौर पर भारत में पाया जाने वाला पौधा है। यह खरपतवारनुमा पौधा है। अक्सर फसलों के साथ उग जाता है। गांव में बच्चे इसके बीज को छोटा नारियल समझकर भी खाते हैं। क्योंकि इसका बीज नारियल की तरह दिखता है। नागरमोथा के पौधे ज्यादा लंबे नहीं होते हैं। इनकी लंबाई 7-40 सेमी के करीब होती है। इनके पत्ते हरे और जड़ें ब्राउन रंग की होती हैं। नागरमोथा अक्सर नदियों किनारे पाया जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है। बुखार, पेट के कीड़े, आंख, सूखी खांसी आदि रोगों में नागरमोथा फायदा पहुंचाता है। आइए नागरमोथा के फायदे विस्तार से जानते हैं।

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नागरमोथा के फायदे (Benefits of nagarmotha)

त्वचा रोगों को भगाए

आयुर्वेदिक औषधी के रूप में उपयोग में लाया जाने वाला नागरमोथा कई बार खरपतवार के साथ कट जाने के कारण अपनी पहचान नहीं ले पाता है। वरना आयुर्वेद में इसके कई फायदे हैं। नागरमोथा में एंटी-इंफ्लामेंटरी गुण पाए जाते हैं जो त्वचा रोगों को नष्ट करते हैं। नागरमोथा झुर्रियों को भगाने में काम करता है। 

आंखों की समस्या को करे दूर

आजकल बढ़ते स्क्रीन एक्सपोजर की वजह से आंखों में लालपन, ड्राइनेस, रात में कम दिखना या धुंधला दिखना जैसी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। इन परेशानियों को नागरमोथा दूर करता है। इसके लिए नागरमोथा को बकरी दूध और पानी के साथ घिस लें। फिर इसे आंखों में काजल की तरह लगाएं। हालांकि यह काम आप किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से करें। यहां सिर्फ आपको सलाह दी जा रही है। 

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सूखी खांसी करे ठीक

सूखी खांसी कहने को मामूली लगती है, लेकिन जिन लोगों को होती है उन्हें दिक्कत पहुंचाती है। सूखी खांसी गले से लेकर छाती तक को परेशान कर देती है। इस खांसी से बचने के लिए भी नागरमोथा (Uses of cyperus rotundus) का इस्तेमाल किया जा सकता है। नागरमोथा का काढ़ा बनाकर उसे शहद के साथ खाएं। इससे परेशानी में आराम मिलता है।

बुखार में फायदेमंद

बुखार एक आम परेशानी है। अगर आपको कहीं नागरमोथा मिल जाता है तो आप इसका उपयोग बुखार को भगाने में कर सकते हैं। इसके लिए आपको नागरमोथा का काढ़ा बनाना है और उसे गिलोय के साथ पीना है। दोनों को मिलाकर काढ़ा बनाना है। इस काढ़े से बुखार जल्दी ही भाग जाता है। इसके अलावा नागरमोथा, काली मूसली और सोंठ का काढ़ा बनाकर प्रयोग में लाने पर भी बुखार ठीक होता है। नागरमोथा टायफायड बुखार में भी फायदा पहुंचाता है।

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पेट के रोगों में फायदेमंद

पेचिश होने या दस्त होने पर नागरमोथा का उपयोग (Uses of nagarmotha) किया जा सकता है। पेचिश और दस्त किसी भी वजह से हो जाते हैं। कई बार ज्यादा खाने की वजह से तो कई बार खाना ठीक से नहीं पचने की वजह से, इन रोगों से निपटारा पाने के लिए नागरमोथा को अदरक और शहद के साथ खाया जा सकता है। 

माहवारी से संबंधित परेशानियां करे दूर

जिन महिलाओं को माहवरी के समय पेट में दर्द, ज्यादा ब्लीडिंग जैसी परेशानियां होती हैं, उन्हें नागरमोथा का प्रयोग करना चाहिए। मासिक विकार से संबंधित परेशानियों में नागरमोथा का काढ़ा फायदेमंद होता है।

आयुर्वेद में ऐसी हजारों जड़ी-बूटियां हैं, जिनके सही उपयोग से कई रोगों को ठीक किया जा सकता है। यहां नागरमोथा के जो भी फायदे बताए गए हैं, उनका उपयोग करने से पहले अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह अवश्य ले लें।

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