पेट से लेकर त्वचा रोगों में भी फायदेमंद है काली मूसली, जानें इसके 6 असरदार फायदे और उपयोग

काली मूसली एक आयुर्वेद पौधा है। जो शरीर के कई रोगों में फायदा पहुंचाता है। यह एक औषधीय जड़ी-बूटी है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiUpdated at: Mar 30, 2021 18:52 IST
पेट से लेकर त्वचा रोगों में भी फायदेमंद है काली मूसली, जानें इसके 6 असरदार फायदे और उपयोग

काली मूसली (Kali musli)  एक आयुर्वेद पौधा है। इसकी जड़ को ही मूसली कहा जाता है। यह मूसली सफेद और काली दो तरह की होती है। काली मूसली यौन रोगों में बहुत फायदेमंद है। चूंकि काली मूसली की तासीर गर्म होती है इसलिए इसे बिना आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से नहीं लेना चाहिए। काली मूसली बुखार, आंतों की कमजोरी, पेट दर्द, दमा, खांसी आदि रोगों में फायदेमंद है। यह भारत में सभी स्थानों पर पाई जाती है। काली मूसली के पत्ते व जड़ फायदे में आते हैं। काली मूसली की जड़ें बाहर से काले भूरे रंग की और अंदर से सफेद होती हैं। काली मूसली के फूल पीले होते हैं। सफेद मूसली के भी फायदे होते हैं, लेकिन आज हम काली मूसली के फायदों के बारे में जानेंगे।

काली मूसली के फायदे (Benefits of black musli)

काली मूसली को मुख्यत: यौन संबंधी रोगों में इस्तेमाल में लाया जाता है। इसके अलावा इसके अन्य कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

1. मूत्र संबंधी रोगों में फायदेमंद

बार-बार पेशाब का आना, पेशाब करते समय दर्द होना, पेशाब करते समय जलन होना आदि कई रोग मूत्र रोगों में शामिल होते हैं।इन रोगों से निजात दिलाने में काली मूसली बहुत फायदेमंद है। इसके लिए काली मूसली का चूर्ण और समान मात्रा में  मिश्री का सेवन गुनगुने पाने के साथ करना है। ऐसा करने से समस्या में आराम मिलेगा।

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2. पेट के रोगों को करे दूर

पेट में गैस बनना, अफरा हो जाना, अपच होन जाना आदि रोगों में काली मूसली फायदेमंद है। इन रोगों से निजात पाने के लिए काली मूसली के चूर्ण में दालचीनी पाउडर मिलाकर खाने से परेशानी में आराम मिलता है। पेट के कई रोग गलत खानपान की वजह से भी होते हैं। खाद्य पदार्थों में बढ़ते मैदा के प्रकोप से पेट संबंधी परेशानियां बेवजह बढ़ती हैं। गांधी जी हमेशा कहा करते थे कि नियंत्रित रूप से खाना खाया जाए तो पेट के रोगों से छुटकारा मिल सकता है। और दवाओं का सेवन नहीं करना पड़ेगा।

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3. कमर दर्द से छुटकारा

लंबे समय बैठने या ज्यादा काम करने या कम एक्सरसाइज की वजह से कमर में दर्द होने लगता है। कमर दर्द की अन्य वजह भी हो सकती हैं। किडनी रोग के कारण भी कमर में दर्द होता है। काली मूसली किडनी रोग और कमर में दर्द को ठीक करती है। इसके लिए आपको काली मूसली (Black musli uses) के चूर्ण को तुलसी के पत्तों के रस के साथ सेवन करना है।

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4. त्वचा की समस्याओं को करे दूर

बदलते मौसम के साथ तो वहीं, हार्मोनल बदलाव की वजह से त्वचा संबंधी परेशानियां होती हैं। चेहरे पर मुहांसे, चकत्ते, घमोरियां, रंग का दबना, एक्ने जैसा परेशानियां देखने को मिलती हैं। इन परेशानियों से छुटकारा दिलाने में काली मूसली फायदेमंद (Benefits of kali musli) है। इसके लिए काली मूसली की जड़ को पीसकर उसमें थोड़ा दूध और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें, फिर इसे चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरे पर निखार आएगा। त्वचा संबंधी परेशानियां दूर होंगी।

5. खुजली को दूर करे काली मूसली

गर्मी के मौसम में चेहरे पर खुजली या शरीर के किसी भी अंगर पर खुजली की परेशानी हो जाती है। इस परेशानी का घरेलू इलाज है काली मूसली। इसके लिए काली मूसली की जड़ को पीसकर चेहरे पर लगाना खुजली की परेशानी चली जाएगी। तो वहीं, त्वचा संबधी अन्य परेशानियां भी दूर हो जाएंगी। 

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6. यौन शक्ति को बढ़ाए

जिन लोगों में यौन क्षमता की कमी हो गई है, वे लोग काली मूसली का प्रयोग किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह में कर सकते हैं। आजकल की बढ़ती समस्या के रूप में यौन विकार आ रहे हैं, इन विकारों से छुटकारा दिलाने में काली मूसली फायदा करती है।

काली मूसली की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से ही करें। आयुर्वेद में काली मूसली का विशेष स्थान है। इसके उपयोग के कई फायदे हैं।

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