बच्चे की पॉटी के रंग से जानें उनकी सेहत का हाल, डॉक्टर से जानें बेबी स्टूल से जुड़ी जरूरी बातें

आपके बच्चे के स्टूल का रंग उनकी सेहत के बारे में बहुत से संकेत देता है जिनके बारे में आज हम बात करने वाले हैं।

Monika Agarwal
बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: Monika AgarwalPublished at: Jun 27, 2021Updated at: Jun 27, 2021
बच्चे की पॉटी के रंग से जानें उनकी सेहत का हाल, डॉक्टर से जानें बेबी स्टूल से जुड़ी जरूरी बातें

पैदा होने के बाद से ही बच्चे में बाहरी और अंदरूनी बदलाव आने शुरू हो जाते हैं जो नेचुरल हैं। लेकिन कुछ बातें जैसे कि बच्चे का बार-बार मल त्याग करना या उसके रंग में बदलाव होना यह सब आपकी और आपके बच्चे की डाइट पर निर्भर करते हैं। यही नहीं बच्चे के मल के गंध व आकार आपको बच्चे के स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ बातों की ओर इशारा भी करती हैं। जिनको अक्सर मां या घर में अन्य सदस्य समझ नहीं पाते। खासकर जब आपके जीवन में बच्चे का साथ पहली बार हुआ हो। डॉ सुमित गुप्ता (Dr. Sumit Gupta), पीडियाट्रिशन, कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल, गाजियाबाद के अनुसार, असल में बच्चे का स्टूल (Stool) या पूप उनकी सेहत से जुड़ी बहुत सी चीजों के बारे में बताता है। 

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बच्चे के जन्म से एक साल तक उसके स्टूल (Stool) का रंग बदलता रहता है। क्योंकि इसमें उसकी डाइट में बदलाव होते रहते हैं। बड़ों के स्टूल से जुड़ी सभी बातें बच्चों के स्टूल पर अप्लाई नहीं होती हैं। इसलिए अगर आपको आपसे और उनसे कुछ मिलता जुलता लगता है तो जरूरी नहीं है वह भी उसी स्थिति से जूझ रहे हैं जिस से आप जूझ रहे हैं। इसलिए आज हम बच्चों के स्टूल के रंग से जुड़े संकेतों के बारे में जानेंगे कि किस रंग के स्टूल (Stool) का क्या अर्थ होता है। तो आइए जानते हैं।

मस्टर्ड येलो ( Mustar Yellow)

जब आपका बच्चा थोड़ा बड़ा होता है और जब मेकोनियम का समय निकल जाता है तो बच्चे का स्टूल(Stool) आम तौर पर मस्टर्ड येलो ही देखने को मिलता है और यह पूरी तरह से सामान्य होता है।

ऑरेंज स्टूल (Orange Stool)

यह भी दूध पीते बच्चों में देखने को मिलता है और ऑरेंज रंग डाइजेस्टिव ट्रैक्ट के पिगमेंट के कारण बन जाता है और आम तौर पर यह भी पूरी तरह से नॉर्मल ही होता है।

ब्राइट येलो (Bright Yellow)

जो बच्चे अपनी मां का दूध पी रहे हों उनमें ब्राइट येलो रंग का स्टूल(Stool) देखने को मिलना आम होता है। लेकिन अगर यह दिन में अधिक बार होता है और इसका टेक्सचर थोड़ा पतला होता है तो यह डायरिया हो सकता है और इसका मतलब होता है कि आपके बच्चे में डिहाइड्रेशन की स्थिति बन गई है।

काला स्टूल (Black Stool)

जब बच्चे का जन्म होता है तो उसका स्टूल आम तौर पर काला ही होता है और उसे मेकोनियम कहते हैं क्योंकि इसमें म्यूकस, स्किन सेल्स, एम्नायोटिक फ्लूइड होता है। ब्लैक स्टूल(Stool) केवल जन्म होने के कुछ दिनों तक ही दिखता है। अगर बच्चे के जन्म के कुछ दिनों तक यह रंग दिखता है तो यह नॉर्मल है लेकिन बाद में यह सामान्य नहीं होता है।

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गाढ़ा हरा (Dark Green) 

अगर आपका बच्चा आयरन से भरपूर चीजें खा रहा है या हरे रंग की कोई ठोस चीजें खा रहा है तो यह बिल्कुल सामान्य है।

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लाल स्टूल (Red Stool)

कई बार जब आप अपने बच्चों को कुछ लाल रंग का खाने को दे देते हैं तो उनका स्टूल(Stool) लाल रंग का हो जाता है। अगर यह एक बार होता है तो सामान्य है लेकिन अगर यह एक से अधिक बार होता है तो डॉक्टर से चेक करवाएं। अगर आप अपने बच्चे को कुछ लाल खाने पीने को नहीं दे रहे हैं तो हो सकता है उसे दूध से या किसी अन्य चीज से एलर्जी हो गई हो इसलिए आपको एक बार डॉक्टर की राय जरूर ले लेनी चाहिए।

सफेद स्टूल (White Poop)

सफेद रंग का स्टूल अगर आपको देखने को मिलता है तो यह नॉर्मल नहीं होता है। यह बच्चों के लीवर से जुड़ी समस्या को दर्शा सकता है और आपके बच्चे का जब पाचन अच्छे से नहीं हो पाता है तो भी उन्हें सफेद स्टूल आता है। इस स्थिति में बच्चों के डॉक्टर से जरूर बात करें।

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थोड़ा हरा और थोड़ा ब्राउन (Green & Brown)

इस रंग का स्टूल फॉर्मूला फीड बच्चों में देखने को मिलता है और यह भी वैसे तो सामान्य ही होता है और इसमें कोई चिंता करने योग्य बात नहीं होती है।

ग्रे स्टूल (Grey Poop)

सफेद रंग के स्टूल की तरह ही ग्रे स्टूल भी सामान्य नहीं होता है और यह भी पाचन से जुड़ी समस्या का ही एक संकेत होता है। इसलिए ग्रे स्टूल दिखने पर भी आपको बच्चों के डॉक्टर से दिखाना चाहिए।

कई बार बच्चों का स्टूल नॉर्मल होकर भी उन्हें किसी तरह की समस्या हो जाती है इसलिए बच्चों के स्टूल के साथ साथ उनके व्यवहार को भी चेक करें। अगर कुछ असामान्य लग रहा है तो जरूर डॉक्टर को दिखाएं और साथ ही स्टूल के टेक्सचर को भी ध्यान में रखें।

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