थायराइड की परेशानियों को कम करने में मदद करेंगी ये 4 जड़ी-बूटियां, जानें इस्तेमाल का तरीका

थायराइड के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए आप इस लेख में बताए गए आयुर्वेदिक हर्ब्स का सहारा ले सकते हैं।

Priya Mishra
Written by: Priya MishraUpdated at: Nov 16, 2022 15:00 IST
थायराइड की परेशानियों को कम करने में मदद करेंगी ये 4 जड़ी-बूटियां, जानें इस्तेमाल का तरीका

आजकल थायराइड की समस्या काफी अधिक बढ़ गई है। थायरॉइड गर्दन में पाई जाने वाली एक ग्रंथि है जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने का काम करती है। थायराइड एक ग्रंथि है, जो हमारे गर्दन के आगे कॉलर बोन के पास होती है। थायराइड ग्लैंड से थायरॉक्सिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म और एनर्जी के स्तर को कंट्रोल करता है। जब थायराइड ग्लैंड कुछ महत्वपूर्ण हार्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर पाता है, तो उस स्थिति को हाइपोथायरायडिज्म कहते हैं। थायराइड की बीमारी होने पर व्यक्ति का मेटाबोलिज्म कमजोर हो जाता है, जिससे वजन बढ़ने लगता है। अगर थायराइड की समस्या का इलाज ना किया जाए तो इससे हृदय रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। थायराइड होने पर डॉक्टर की सलाह से दवाईयों का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही, कुछ घरेलू उपायों की मदद से थायराइड की परेशानियों को कंट्रोल किया जा सकता है। थायराइड के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए आप आयुर्वेदिक हर्ब्स (Thyroid ke liye ayurvedic herbs) का भी सहारा ले सकते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के बारे में बता रहे हैं, जो थायरायड के लक्षणों को कम करने में मददगार साबित होंगी (Ayurvedic herbs for thyroid treatment)। 

थायराइड के लिए 4 आयुर्वेदिक हर्ब्स - 4 Ayurvedic Herbs For Thyroid

थायराइड की परेशानियों को कंट्रोल करने के लिए आप कई तरह के आयुर्वेदिक हर्ब्स को अपने रूटीन में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में -

ब्राह्मी - Brahmi

थायराइड में होने वाली समस्याओं को कंट्रोल करने के लिए आप ब्राह्मी का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। थायराइड के लक्षणों को कम करने के लिए ब्राह्मी का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में मददगार होती है। ब्राह्मी में लेवोथायरोक्सिन नामक तत्व पाया जाता है, जो टी3 और टी4 लेवल को बढ़ाने में मदद करता है। ब्राह्मी का सेवन करने से मन को शांत करने में मदद मिलती है और तनाव कम होता है। 

Ayurvedic-Herbs-For-Thyroid

अश्वगंधा - Ashwagandha

थायराइड के लक्षणों को कम करने के लिए अश्वगंधा काफी प्रभावी साबित हो सकता है। अश्वगंधा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन को कम करने में मदद करते हैं। अश्वगंधा के सेवन से थायराइड की स्थिति में होने वाले तनाव और चिंता को कम किया जा सकता है। इसके नियमित सेवन से शरीर में थायराइड हार्मोन के उत्पादन को बढ़ावा मिलता है। थायराइड के रोगियों को अश्वगंधा का सेवन करने की सलाह दी जाती है। 

इसे भी पढ़ें: थायराइड में तेजी से बढ़ रहा है वजन? इन 5 फूड्स की मदद से करें कंट्रोल

मोरिंगा - Moringa

मोरिंगा का पाउडर थायराइड की समस्या में काफी फायदेमंद होता है। यह खून साफ करने के साथ-साथ टी3 और टी4 के उत्पादन को बढ़ाता है। इससे मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और थायराइड हार्मोन के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके नियमित सेवन से तनाव, घबराहट और लो एनर्जी लेवल जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है। 

अपामार्ग - Apamarg

थायराइड में होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए आप अपामार्ग का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका इस्तेमाल आयुर्वेद में पीलिया, अस्थमा, अपच और खांसी को ठीक करने के लिए भी किया जाता है। अपामार्ग को इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाती है। अपामार्ग की पत्तियों का अर्क टी3 और टी4 के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। इसलिए, यह थायराइड के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: थायराइड में सूजन क्यों आती है? एक्सपर्ट से जानें इसे कम करने के घरेलू उपाय

थायराइड की परेशानियों को कम करने के लिए आप ऊपर बताई गई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, इनका इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

Disclaimer