डॉक्टर से जानें प्रेगनेंसी में अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान

प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा खाने से महिलाओं को कई फायदे और नुकसान होते हैं। यहां डॉक्टर से जानें इसके फायदे और नुकसान के बारे में। 

 
Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraPublished at: Jul 14, 2021Updated at: Jul 14, 2021
डॉक्टर से जानें प्रेगनेंसी में अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान

प्रेगनेंसी में अक्सर खान-पान का विशेष ध्यान रखना होता है। प्रेगनेंसी के दौरान खाए जाने वाले हर खाद्य पदार्थों को जांचकर ही खाना चाहिए। बहुत सी महिलाओं में इस बात को लेकर भी कंफ्यूजन होती है कि प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा खाना चाहिए या नहीं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। इस लेख के माध्यम से हम आपको प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बताएंगे। दरअसल, अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है, प्रेगनेंसी के दौरान इसका सेवन करने से आपकी शरीर में उर्जा आती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी इजाफा होता है। लेकिन ज्यादा मात्रा या फिर गलत तरीके से लेने से आपको कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसी विषय पर अधिक जानकारी लेने के लिए हमने हरियाणा के सिरसा जिले के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर श्रेय शर्मा (Dr. Shrey Sharma, Ayurvedacharya, Sirsa) से बातचीत की। चलिए जानते हैं प्रेगनेंसी के दौरान अश्वगंधा खाने के कुछ फायदे और नुकसान के बारे में। 

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1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए (Improves Immunity)

आयुर्वेदाचार्य डॉ. श्रेय शर्मा ने बताया कि प्रेगनेंसी के दौरान अच्छी इम्यूनिटी होना बेहद जरूरी होती है। अश्वगंधा में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज के साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो प्रेगनेंसी के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यह आपकी सेल मेडियेटेड इम्यूनिटी में इजाफा करता है। यही नहीं इसमें पेप्टीसाइड्स, न्यूक्लिक एसिड्स और एमीनो एसिड्स पाए जाते हैं, जो प्रेगनेंसी में इम्यूनिटी बढ़ाने के रूप में महिलाओं की मदद करते हैं। डॉ. श्रेय ने बताया कि प्रेगनेंसी के दौरान आपको अश्वगंधा का सेवन केवल एक से 3 ग्राम तक ही करना है। इससे अधिक का सेवन आपको नुकसान भी पहुंचा सकता है। 

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2. उर्जावान बनाए (Makes Energetic)

डॉ. श्रेय ने बताया कि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में बहुत से प्राकृतिक बदलाव होते हैं। इनसे लड़ने के लिए महिलाओं को पर्याप्त उर्जा की आवश्यकता होती है। अश्वगंधा उर्जा का भंडार है। इसके सेवन से तमाम प्रकार की शारीरिक समस्याएं दूर होती हैं। इसमें स्ट्रेस रिड्यूसिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं, जो स्ट्रेस को कम कर शरीर की कमजोरी भी दूर करता है। इसके लिए आप दिन में दो बार भी इसका सेवन कर सकते हैं। 

3. नींद के लिए बेहतर (Beneficial for Sleep)

प्रेगनेंसी के दौरान जहां खान-पान का ध्यान रखना जरूरी होता है वहीं पर्याप्त नींद लेना भी अनिवार्य होता है। ट्रिथलीन ग्लायकोल नामक एलिमेंट पाया जाता है, जो आपको सुकूनभरी नींद देने में मदद करता है। इसमें पाई जाने वाली एंटी स्ट्रेस प्रॉपर्टीज आपकी नींद टूटने की बजाय एक स्थिर और संतुलित नींद देती है। आमतौर पर प्रेगनेंसी के दौरान भी नींद प्रभावित हो सकती है। तो अगर आपकी शरीर में भी कुछ ऐसे बदलाव हो रहे हैं तो रात के समय दूध के साथ एक से दो ग्राम अश्वगंधा ले सकते हैं। 

4. बच्चे के विकास के लिए फायदेमंद (Beneficial for Development of Children)

प्रेगनेंसी के दौरान मां और बच्चे दोनों को लाभ मिलते हैं। इसमें नर्वाइन टॉनिक पाया जाता है। इसमें नर्वाइन टॉनिक होता है, जो मां के साथ साथ बच्चे को भी स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है। बच्चों में व्याधीश बल को भी बढ़ाता है। इससे बच्चे की भी रोग प्रतिरोधक क्षमता दुरुस्त होती है। इसलिए प्रेगनेंट महिलाएं अश्वगंधा का लाभ उठाने के लिए दिन में दो बार भी अश्वगंधा का सेवन कर सकती हैं। 

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5. थायरॉयड के खतरे को कम करे (Reduces Thyroid Risk)

प्रेगनेंसी के दौरान कई बदलावों में कई बार थायरॉयड होने का भी खतरा शामिल रहता है। इसमें मां और शिशु दोनों को खतरा हो सकता है। ऐसे में जब आप अश्वगंधा का सेवन करती हैं तो आपके थायरॉयड होने की आशंका भी कम हो जाती है। 

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प्रेगनेंसी में अश्वगंधा खाने के नुकसान (Side Effects of Eating Ashwadandha in Pregnancy)

1. ब्लड शुगर हो सकता है कम (Can Reduces Blood Sugar Level)

डॉ. श्रेय शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाएं अगर अश्वगंधा का सेवन सीमित मात्रा में न करकर अधिक करें तो इससे उन्हें नुकसान हो सकता है। या फिर कई बार महिलाओं में जेस्टेशनल डायबिटीज की भी समस्या रहती है, हालांकि यह आम बात है, लेकिन ऐसे में अगर अश्वगंधा का सेवन किया जाए तो महिलाओं में ब्लड शुगर लेवल भी कम हो सकता है। इसलिए ऐसी समस्या होने पर चिकित्सक की सलाह अनुसार ही इसका सेवन करें। 

2. डायरिया (Diarrhea)

अश्वगंधा की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका सेवन ज्यादा नहीं करना चाहिए। इससे आपको डायरिया होने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए इसका सेवन कम मात्रा में ही करने की सलाह दी जाती है। इसे केवल 3 ग्राम तक ही लेने की सलाह दी जाती है। 

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3. शारीरिक तापमान बढ़ सकता है (Can Increase Body Temperature)

अश्वगंधा का अत्यधिक सेवन करने से आपका शारीरिक तापमान भी बढ़ सकता है। इससे कब्ज, उल्टी, मतली आदि जैसी भी समस्या कई बार हो सकती है। कई मामलों में बुखार भी हो सकता है। इसलिए इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करें। 

प्रेगनेंट महिलाओं के लिए अश्वगंधा का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है, लेकिन इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए इसे सीमित मात्रा में अपने चिकित्सक की सलाह से ही लें। 

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