टखने की मोच के लक्षण, कारण और इलाज

टखने में अगर मोच (Ankle Sprain) आ जाए तो इससे व्यक्ति को कई दर्दनाक लक्षण नजर आ सकते हैं। जानते हैं कारण, लक्षण, बचाव और इलाज।

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Oct 05, 2021
टखने की मोच के लक्षण, कारण और इलाज

अक्सर आपने देखा होगा कि टूटी-फूटी सड़कों पर या खेलने, कूदने, दौड़ने आदि के कारण लोगों का पैर मुड़ जाता है। हालांकि व्यक्ति छोटी मोटी मसाज या सिकाई से मुड़ने के कारण होने वाले दर्द को दूर कर सकता है। लेकिन कभी-कभी मांसपेशियां, जोड़ो या हड्डियों को क्षति पहुंचती है, जिसके कारण पैर में मोच आ सकती है। वैसे तो यह समस्या बेहद आम समस्या है जो किसी भी कारण से पैर मुड़ने की वजह से हो सकती है। लेकिन इसके चलते महिलाओं को काफी समस्या का सामना उठाना पड़ सकता है। ऐसे में जानना जरूरी है कि टखने में मोच के कारण, लक्षण औऱ उपाय क्या हैं। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि टखने में मोच के क्या लक्षण हैं। साथ ही कारण और उपाय के बारे में भी जानेंगे। इसके लिए हमने जॉव्इंट केयर फिजियोथेरेपी एंड रेहाब सेंटर ग्रेटर नोएडा के डॉक्टर अंकुर नागर (Physiotherapist Dr. Ankur Naagar) से बात की है। पढ़ते हैं आगे...

टखने में मोच के लक्षण

टखने में मोच लगने पर व्यक्ति को कई लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जानते हैं इनके बारे में...

1 - टखने में मोच लगने पर व्यक्ति को सूजन का सामना करना पड़ सकता है।

2 - टखने में मोच आने पर जोड़ों में अकड़न की समस्या पैदा हो सकती है।

3 - टखने में मोच लगने पर पैरों की त्वचा में बदलाव आ सकता है।

4 - टखने में मोच लगने पर जो व्यक्ति जब टखने को हिलाता है या उसे स्पर्श करता है तो उसे भयानक दर्द का सामना करना पड़ सकता है।

5 - टखने में मोच के कारण व्यक्ति को मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो सकती है।

6 - टखने में मोच के कारण व्यक्ति के टखनों की त्वचा में जलन महसूस हो सकती है।

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टखने में मोच के कारण

टखने में मोच लगने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। वैसे तो इसका मुख्य कारण पैर मुड़ना है। लेकिन यहां हम बता रहे हैं पैर मुडने के पीछे निम्न कारण क्या हो सकते हैं।

1 - हील्स में पैर मोड़ने के कारण।

2 - खेलकूद के दौरान पैर मुड़ने के कारण।

3 - तेज दौड़ने के कारण।

4 - तेज कूद के कारण

5 - जूते सही से ना पहनने के कारण।

6 - टूटी फूटी सड़क पर ध्यान से ना चलने के कारण

टखने में मोच के बचाव

1 - गलत गतिविधियों को दिनचर्या में जोड़ने से बचें।

2 - टूटी-फूटी सड़कों पर ध्यान से चले।

3 - एक साथ व्यायाम या खेलकूद करने से पहले वर्म-अप या स्ट्रैचिंग का सहारा लें।

4 - नई खेल या गतिविधियों को जोड़ने से पहले ट्रेनिंग लें।

5 - हाई हील्स का इस्तेमाल करने से बचें।

6 - बाहर जानें से पहले जूतों को अच्छे से पहनें।

7 - गीले फर्श पर व्यायाम करने से बचें।

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टखने में मोच का घरेलू इलाज

1 - सेंधा नमक के माध्यम से इस समस्या को दूर किया जा सकता है ऐसे में व्यक्ति एक बाल्टी गर्म पानी में सेना नमक को मिलाएं और प्रभावित शाम को 10:00 से 15 मिनट के लिए उस पानी में डालें कुछ देर बाद पैरों को साफ पानी से धो लें।

2 - मसाज करने से भी समस्या को दूर किया जा सकता है ऐसे में आप लैवंडर ऑयल और ओरिगैनो ऑयल की कुछ बूंदों को एक दूसरे से मिलाए प्रभावित स्थान पर मसाज करें ऐसा करने से जल्दी आराम मिलेगा।

3 - हल्दी और अदरक का लेप भी टखने में मोच की समस्या से छुटकारा दिला सकता है। इससे अलग आप इस लेप में कच्ची प्याज और लहसून की कली को जेड़ सकते हैं। 

4 - सरसों के तेल में लहसून की कली और कच्चे प्याज की कली को जोड़ें और उसमें हल्दी और अदरक को मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएं। सरसों की तेल की जगह आप जैतून के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

टखने में मोच का पता डॉक्टर कैसे लगाते हैं?

टखने में मोच के बाद चलना मुश्किल हो जाए या दर्द महसूस हो तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इससे अलग आराम करने के दौरान, आइस मसाज, दर्द की मेडिसन लेने के बाद भी दर्द महसूस हो तो भी व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

5 से 7 दिनों के बाद भी टखने की चोट में बेहतर महसूस नहीं कर रहे हो।

टखने में कमजोरी महसूस हो रही हो।

चोट के बाद टखने का रंग लाल, काला और नीले में तब्दील होना।

टखने का बार-बार सुन्न होना या झुनझुनी महसूस होना।

1 - सबसे पहले डॉक्टर मौखिक परीक्षण करते हैं। वह पहले यह जानना चाहते हैं कि मोच किस कारण से लगी है।

2 - डॉक्टर मेडिकल हिस्ट्री के माध्यम से भी टखने की चोट का पता लगाते हैं।

3 - एक्स-रे के माध्यम से भी डॉक्टर मोच का पता लगाते हैं।

4 - इसके अलावा एमआरआई में रेडियो तरंगों के जरिए शरीर के अंदर की छवि को देखकर पता लगाया जाता है।

5 - लिगमेंट टेस्टिंग के माध्यम से भी चोट की गंभीरता का पता लगाया जाता है।

6 - सोनोग्राफी के माध्यम से बिना ऑपरेशन शरीर के अंदर की छवि को देखा जाता है।

टखने में मोच लगाकर डॉक्टर इसे ठीक करने के लिए कुछ थेरेपी जैसे एक्सरसाइज थेरेपी, राइस थेरेपी, इलास्टिक बैंडेज आदि के माध्यमों का सहारा लेने की कोशिश करते हैं। 

नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि टखने में मोच के पीछे कई कारण छिपे हो सकते हैं। खासकर बिना देखे लापरवाही से चलना या गलत शारीरिक गतिविधियों के कारण हो सकता है। ऐसे में थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है। इससे अलग यदि इस लेख में बताएगा लक्षण आपको नजर आए और वह लक्षण 1 हफ्ते से ज्यादा दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। टखने में मोच मांसपेशियों और हड्डियों दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। ऐसे में समय रहते डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। ऊपर बता गए घेरलू उपायों का इस्तेमाल करने के दौरान यदि कोई भी समस्या महसूस हो या एलर्जी नजर आए तो तुरंत उस चीजा का इस्तेमाल बंद करें। 

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इस लेख में फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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