तनाव और हार्मोनल बदलावों से आते हैं चेहरे पर मुंहासे, इस तरह आसानी से पाएं छुटकारा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 27, 2018
Quick Bites

  • त्वचा के नीचे स्थित सिबेशस ग्लैंड्स के कारण भी मुहांसे हो सकते हैं। 
  • शरीर में जरूरत से ज्यादा टॉक्सिन तत्व जमा होने से हो सकते हैं एक्‍ने।
  • तनाव की वजह से हार्मोन में बदलाव होता है जो मुहांसों का कारण है।

यदि चेहरे पर मुंहासों जैसे ढेर सारे दानें गुच्छे की शक्ल में हों और बहुत दिनों तक बने रहें तो सावधान हो जाइए। यह एक्ने हो सकता है। अगर आपके परिवार में एक्ने की हिस्ट्री रही है यानी आपके मां या पिता को भी यह समस्या रही है तो भी आपको इससे बचाव की कोशिशें शुरू कर देनी चाहिए। एक्ने त्वचा का एक डिसऑर्डर है। यह मुंहासों का ही बिगड़ा हुआ रूप है। फर्क यह है कि आमतौर पर मुंहासे जहां बिना किसी विशेष उपचार के किशोरावस्था के बाद स्वयं ही ठीक हो जाते हैं, वहां एक्ने के साथ ऐसा नहीं होता और जब तक इसका सही ढंग से इलाज न हो, यह ठीक नहीं होता। इसके बारे में विस्‍तार से जानिये इस लेख में।

क्यों होता है एक्ने 

त्वचा के नीचे स्थित सिबेशस ग्लैंड्स से त्वचा को नमी देने के लिए तेल निकलता है। ये ग्लैंड्स चेहरे, पीठ, छाती और कंधों पर सबसे ज्यादा होते हैं। अगर ये ज्यादा सक्रिय हो जाएं तो रोमछिद्र चिपचिपे होकर ब्लॉक हो जाते हैं और उनमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जो एक्ने का कारण बनते हैं। सामान्य स्थिति में सूर्य की किरणें इनको पनपने नहीं देतीं। सिबेशस ग्लैंड्स की अति सक्रियता की प्रमुख वजह एंड्रोजन हार्मोन की अधिकता है। एंड्रोजन पुरुष सेक्स हार्मोन है और यह लड़के और लड़कियों दोनों में ही होता है। किशोरावस्था में इसका स्राव ज्यादा होता है।

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कई लड़कियों को पीरियड्स से पहले बार-बार मुंहासे निकल आते हैं जो बिगड़कर एक्ने का रूप ले सकते हैं। ऐसा ओव्यूलेशन के बाद प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन के ज्यादा स्राव के कारण होता है। इससे त्वचा पर छोटे-छोटे दानों के गुच्छे से बन जाते हैं। इसी तरह सिबेशस ग्रंथियों से उत्पन्न सीबम त्वचा के पिगमेंट (रंग निर्धारक तत्व) से मिलकर रोमछिद्रों को ब्लॉक कर देता है तो ब्लैकहेड्स बनते हैं। अगर त्वचा की अंदरूनी परत में सीबम जमा हो जाता है तो व्हाइटहेड्स बनते हैं। कई बार ब्लैकहैड्स और व्हाइटहेड्स त्वचा के भीतर फैलने के बाद फूट जाते हैं, जिससे बाहरी त्वचा पर एक्ने और फैल सकता है। 

टॉक्सिन भी हैं कारण 

शरीर में जरूरत से ज्यादा टॉक्सिन तत्व भी एक्ने का कारण हो सकते हैं। त्वचा का एक महत्वपूर्ण कार्य पसीने के जरिए शरीर से टॉक्सिक तत्वों को बाहर निकालना है। ऐसे में अगर टॉक्सिन यानी विशैले तत्‍व बहुत ज्यादा हो जाएं तो इस पूरी प्रक्रिया में त्वचा के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा एलर्जी, तनाव, जंकफूड, सैचुरेटड फैट, हाइड्रोजेनेटेड फैट और पशु उत्पादों के प्रयोग, कुपोषण और प्रदूषण से भी एक्ने की संभावना बढ़ जाती है। कुछ दवाओं जैसे स्टीरॉयड, ओरल कांट्रेसेप्टिव पिल्स और मिरगी की दवाओं के रिएक्शन से भी एक्ने हो सकता है। 

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एक्‍ने से बचाव

कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो एक्ने को रोका जा सकता है, कम से कम उसका ज्यादा बढ़ना तो कम किया ही जा सकता है। बेहतर होगा कि आप मुंहासे निकलते ही एक्ने की रोकथाम के उपाय शुरू कर दें -

  • भोजन में ऐसी चीजें लें जिनमें फैट और मसालों की मात्रा बहुत कम हो। अधिक चिकनाई, तेज मीठा, स्टार्चयुक्त और मसालेदार भोजन से एक्ने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
  • रेशेदार पदार्थ अधिक मात्रा में लें। इससे पेट साफ रहता है और शरीर के विषाक्त पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं।
  • ऐसी चीजें अपने भोजन में शामिल करें, जिनमें जिंक काफी मात्रा में हो। जैसे शेलफिश, सोयाबीन, साबुत अनाज, सूरजमुखी के बीज और सूखे मेवे। जिंक एंटी बैक्टीरियल होता है।
  • खट्टी चीजें जैसे लो फैट दही पर्याप्त मात्रा में खाएं। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थो और आयोडीन नमक का प्रयोग कम से कम करें। इनमें आयोडीन बहुत होता है और इससे एक्ने बढ़ता है। मछली और प्याज में भी आयोडीन पाया जाता है, इसलिए इनसे भी दूर रहें।
  • शराब, मक्खन, कॉफी, चीज, चॉकलेट, क्रीम, कोको, अंडे, मांस, पोल्ट्री उत्पाद, सॉफ्ट और ब्रोमिनेटेड वेजिटेबल ऑयल का इस्तेमाल बिलकुल न करें।
  • रोज कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं ताकि विषाक्त पदार्थ बाहर निकल सकें। नियमित व्यायाम करें और ताजी हवा में अधिक देर तक रहें।
  • जितना संभव हो त्वचा को तैलीय होने से बचाएं। बालों को रोजाना शैम्पू करें। एक्ने के लिए खासतौर पर निर्मित हर्बल साबुन इस्तेमाल करें, जिसमें सल्फर हो। त्वचा को अच्छी तरह धोएं, लेकिन ज्‍यादा रगड़ें नहीं। ज्यादा रगड़ने से एक्ने और फैलता है।
  • बालों में डैंड्रफ न होने दें। डैंड्रफ झड़कर जब त्वचा पर गिरता है तो वह भी एक्ने का कारण बनता है।
  • अधिक मेकअप से बचें। अगर मेकअप जरूरी हो तो प्राकृतिक और वॉटर बेस्ड मेकअप प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें। तेज केमिकल, डाई या तेलयुक्त प्रोडक्ट्स से दूर रहें।
  • मेकअप ब्रश और स्पंज को हर बार इस्तेमाल करने के बाद अल्कोहल से धोएं और उन्हें अल्कोहल में ही डुबोकर रखें ताकि संक्रमण न हो।
  • तनाव से दूर रहें। तनाव से हार्मोन परिवर्तन होता है, जिससे एक्ने बढ़ सकता है। कई त्वचा विशेषज्ञ एक्ने होने पर रोज कम से कम 15 मिनट धूप सेंकने, व्यायाम और पूरी नींद की सलाह देते हैं।

लेकिन ध्यान रखें कि मुहांसो के और भी कई कारण हो सकते हैं, इसलिए कोई भी उपाय करने से पहले एतियात के तौर पर त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श जरूर कर लें। वह अपनी त्वचा के प्रकार के हिसाब से व मुहांसो के सही कारण को जांच कर आपको सही समाधान व उपचार देगा।

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