नाश्ते में अप्पम खाकर अपने दिन की करें हेल्दी शुरुआत, जानें इसके 5 स्वास्थ्य लाभ

नाश्ते के लिए दक्षिण भारतीय भोजन को चुनना आपको एसिडिटी या कब्ज जैसी गैस्ट्रिक समस्याओं से बचा सकता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jan 31, 2020Updated at: Mar 22, 2021
नाश्ते में अप्पम खाकर अपने दिन की करें हेल्दी शुरुआत, जानें इसके 5 स्वास्थ्य लाभ

अप्पम मुख्य रूप से तमिलनाडु, केरल और श्री लंका में दक्षिण भारत का एक बहुत पुराना और पारंपरिक नुस्खा है। यह थोड़ी अलग रेसिपी है जिसे केवल अप्पम पैन पर पकाया जाता है जो विशेष रूप से इस पर ऐप्पल पकाने के लिए बनाई जाती है। सालों पहले ये दक्षिण भारत के स्थानीय ताड़ की शराब का इस्तेमाल करके इसे बनाया जाता था। अप्पम को इस फर्मेंट किया जाता था, जो कि एक प्रकार का स्वाद देता है और यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। इसमें अच्छे पोषक तत्व और प्रोटीन होते हैं।इसमें कैलोरी कम होती है इसलिए यह मोटापे को दूर रखने में मदद करता है और अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखता है। साथ ही साथ ये शरीर से कोलेस्ट्रॉल और वसा के जमाव को कम करता है, जिससे हार्ट स्ट्रोक की संभावना कम होने लगती है। इसी तरह इसे नाश्ते में भी खाने के कई फायदे हैं। आइए जानते हैं उन फायदों के बारे में।

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आंतों के स्वास्थ्य के लिए है फायदेमंद

दिन को सिर्फ सही भोजन के साथ शुरू किया जाए, तो आपका पूरा दिन आसानी से और ऊर्जावान तरीके से बीत सकता है। अप्पम वास्तव में पूरी तरह से स्वस्थ है और पौष्टिक नाश्ते के लिए एक सही भोजन है। दक्षिण भारतीय व्यंजनों से कई खाद्य पदार्थों, जैसे अप्पम को फर्मेंट किया जाता है और इस प्रकार ये विटामिन बी- 12 से समृद्ध होता है। इसलिए ये आसानी से पच सकते हैं और आपकी आंत के लिए अच्छे हैं। इस तरह ये आपके पूरे पाचन तंत्र के लिए हर तरह से फायदेमंद है।

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इम्यूम सिस्टम के लिए है लाभकारी

दक्षिण भारतीय व्यंजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली ताजी और पारंपरिक सामग्री में मसाले जैसे हल्दी, करी पत्ता, राई इत्यादि में औषधीय गुण होते हैं। इनमें हीलिंग गुण होते हैं। इस तरह ये आपके चोट और दर्द को भी हील कर सकता है। वहीं इम्यूम सिस्टम को ठीक रखने और इसे मजबूत बनाने में भी ये काफी मददगार है। वहीं इसके एंडिऑक्सीडेंट गुण भी शरीर के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। इसके साथ ही आप अप्पम को वर्कडाइट के बाद के डाइट में भी शामिल कर सकते हैं।

यह आपको वजन कम करने में मदद कर सकता है

दक्षिण भारतीय खाद्य पदार्थों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाने वाली दालें, नट्स और वेजी प्रोटीन, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट के एक उत्कृष्ट स्रोत के लिए बनते हैं।यह सब इसे संतुलित, स्वस्थ नाश्ता बनाता है, जो पचाने में आसान होता है। जिससे आप लंबे समय तक तृप्त और ऊर्जावान बने रह सकते हैं। इस प्रकार अनावश्यक भोजन से बचते हैं। इससे आपको बार-बार भूख नहीं लगेगी और वजन कम करने में भी सहायता मिलेगी। वहीं इस व्यंजन से अधिकांश वस्तुएं कैलोरी में भी कम होती हैं, जो उन लोगों के लिए उत्तम नाश्ता बनाती हैं जो अपना वजन कम करना चाह रहे हैं।

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अप्पम में 120 कैलोरी होती है

एक अप्पम में केवल 120 कैलोरी होती है और उनमें से दो खाने से आपका पेट आसानी से भर सकता है। वहीं इसे पकाने की विधि इसे और बेहतर बनाती है आमतौर पर दक्षिण भारतीय भोजन नारियल तेल में पकाया जाता है, जो आपकी त्वचा, बालों और हृदय के स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होता है।इसके अतिरिक्त, इस व्यंजन की कई वस्तुओं को पकाने के लिए उपयोग की जाने वाली भाप खाना पकाने की विधि सुनिश्चित कर सकती है कि आपके तेल का सेवन नियंत्रण में है। इस तरह आप अपने कैलोरी इनटेक का खास ख्याल रख सकते हैं।

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कब्ज जैसी गैस्ट्रिक समस्या वाले लोगों के लिए है फायदेमंद

जब यह आपके आहार की बात आती है, तो आपको यह याद रखना चाहिए कि संयम महत्वपूर्ण है क्योंकि अधिक से अधिक स्वास्थ्यप्रद भोजन खाने से आप अपनी आवश्यक कैलोरी का सेवन कर सकते हैं और यहां तक कि आपको ये गैस्ट्रिक की समस्या भी दे सकते हैं। ऐसे में माश्ते में अप्पम कब्ज जैसी गैस्ट्रिक समस्या वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है। अप्पम की ही तरह इडली उत्तपम, रोवा डोसा, पोहा, और उपमा नाश्ते का एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं। ये कम तले हुए, उच्च कैलोरी वाले और पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। साथ ही साथ कम तेल और अधिक सब्जियों का उपयोग करके आप अपने दक्षिण भारतीय नाश्ते की अच्छाई को और बढ़ा सकते हैं।

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