फैटी लिवर के होते हैं ये 4 मुख्य स्टेज, डॉक्टर से जानें इन स्टेज के खतरे और बचाव के लिए उपाय

    फैटी लिवर की समस्या मोटे लोगों, अधिक शराब पीने वालों और ऑयली फूड्स खाने वालों को ज्यादा होती है। समझें क्यों खतरनाक है ये बीमारी।

Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraUpdated at: Apr 07, 2021 09:30 IST
फैटी लिवर के होते हैं ये 4 मुख्य स्टेज, डॉक्टर से जानें इन स्टेज के खतरे और बचाव के लिए उपाय

मोटापा शरीर के लिए कितना नुकसानदेह है यह तो आप सभी जानते ही होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि मोटापा आपकी शरीर के किसी भी हिस्से में पहुंचकर उस अंग को क्षतिग्रस्त कर सकता है। ऐसी ही स्थिति लिवर के साथ भी होती है, जब हमारी शरीर का फैट लिवर में जमकर उसे प्रभावित करता है। इस स्थिति को फैटी लिवर कहा जाता है। लीवर हमारे शरीर में खाना पचाने से लेकर मोटापा कम करने में भी असरदार माना गया है। लिवर हमारे शरीर में विषैले तत्वों को निकालने में भी मददगार है। लिवर में वसा की थोड़ी मात्रा होना आम है, यह कई लोगों के लिवर में पाई जाती है। लेकिन लिवर में मौजूद अधिक वसा आपकी सेहत को बुरी तरह हानि पहुंचा सकता है। जंक फूड और अधिक शराब पीने वालों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। इसलिए इस स्थिति में शराब से बचने की सलाह दी जाती है। फैटी लिवर के स्टेजों तक पहुंचने से अच्छा है कि अपना मोटापा और अपने खान पान संबंधी कुछ आदतों में पहले ही सुधार कर लिया जाए। दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल के इंटर्नल मेडिसिन के डायरेक्टर डॉक्टर तरुण साहनी आपको बता रहे हैं फैटी लिवर के चार स्टेज के बारे में। 

liver

कैसे होता है फैटी लिवर (How Fatty Liver Occurs)

डॉ. साहनी के अनुसार किसी भी व्यक्ति के खून में कोलेस्ट्रोल (Cholesterol in Blood) की अधिक मात्रा मौजूद होने से शरीर के अन्य हिस्सों में भी जम जाता है। इन अंगों में से सबसे जल्दी प्रभावित होने वाला अंग लिवर है। जिसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। यदि लिवर में वसा या फैट (Fat) की मात्रा जम जाए तो इस अवस्था को फैटी लिवर के नाम से जाना जाता है। फैटी लिवर आपकी शरीर में ज्यादा फैट या चर्बी होने का ही एक उदाहरण है। यदि पता लगने के बाद इस स्थिति को नजरअंदाज किया जाए तो यह धीमी गति से आपके लिवर को अंदर ही अंदर कमजोर और कुछ मामलों में नष्ट करने की प्रक्रिया को शुरू कर देती है। कुछ गंभीर मामलों में इस स्थिति के होने से लिवर फेलियर (Liver Failure) की भी संभावनएं बढ़ जाती हैं। 

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फैटी लिवर के 4 स्टेज (4 Stages of Fatty Liver)

1. सिंपल फैट डिपोजिशन (Simple Fat Deposition)

डॉ. साहनी के मुताबिक सिंपल फैट डिपोजिशन (Simple Fat Deposition) फैटी लिवर (Fatty Liver) का पहला स्टेज है, जो ज्यादा खतरनाक नहीं है। लेकिन यदि शरीर में फैट की मात्रा अधिक बन जाए या नियंत्रित न हो तो इसे अगले स्टेज तक पहुंचने में समय नहीं लगता है। यह कम उम्र के युवाओं को भी हो सकता है। इसका सीधा संबंध शरीर के बाहरी मोटापे (External Fat) से होता है। यदि आपके शरीर की बाहरी चर्बी कम हो जाती है तो आपके लिवर का फैट भी खुद ब खुद कम होने की अवस्था में आ जाता है। 

liver pain

2. नॉन एलकॉहलिक स्टेटोहेपेटाइटिस (Non -Alcoholic Steatohepatitis)

नॉन एलकॉहलिक स्टेटोहेपेटाइटिस (Non -Alcoholic Steatohepatitis) फैटी लिवर का वह स्टेज है, जिसमें मरीज के लिवर का फैट कम होने की बजाय बढ़ता जाता है और लिवर पर इसका जमाव हो जाता है। इस स्थिति में मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। इसका कारण शराब का अधिक सेवन करना भी हो सकता है। शराब का अधिक सेवन करने वालों में इस स्थिति की संभावनाएं अधिक रहती हैं। हालांकि यह काफी कम मरीजों में देखा जाता है। इसमें लिवर की जांच करने के लिए लिए गए रक्त में ही कमी दिखनी शुरू हो जाती है, इससे आसानी से पता लगाया जा सकता है कि आप फैटी लिवर के दूसरे सटेज से गुजर रहे हैं। इस स्थिति को नैश के नाम से भी जाना जाता है। 

3. लिवर सेल डैमेज (Liver Cell Damage)

लिवर सेल डैमेज (Liver Cell Damage) की स्थिति तक पहुंचने के बाद भी यदि मरीज द्वारा ध्यान नहीं दिया गया तो यह लिवर सोरॉसिस का रूप ले सकता है। लिवर सेल डैमेज की स्थिति में माइक्रोस्कैन के जरिए जांच कर पता लगाया जा सकता है कि मरीज के शरीर में लिवर सेल डैमेज की शुरूआत हो चुकी है। इस स्थिति में लिवर काफी हद तक काम करने में असमर्थ हो जाता है। 

liver problem

4. लिवर सेरॉसिस (Liver Cirrhosis)

यह लिवर का सबसे खतरनाक स्टेज है। इस स्थिति में आकर लिवर अपनी कार्यक्षमता प्रदर्शित करने में असमर्थ हो जाता है। ऐसे में लिवर में सिकुड़न बढ़ने लगती है और लिवर की कई कोशिकाएं (Cells) एक साथ नष्ट होने लगती हैं। यह स्थिति धीमी गति से आपके लिवर को नष्ट करती है। इस स्थिति में आने के बाद लिवर 95 प्रतिशत तक डैमेज हो जाता है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता है। डॉक्टर के अनुसार ऐसे में केवल लिवर ट्रांसप्लांट करकर ही मरीज की जान बचाई जा सकती है। 

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फैटी लिवर के कारण (Causes of Fatty Liver)

  • शराब का सेवन अधिक मात्रा में करना
  • संतुलित आहार का सेवन नहीं करना
  • डायबिटीज के कारण भी यह समस्या होती है
  • स्टेरॉइड या कुछ खास दवाओं के प्रयोग करना
  • हाई ब्लड शुगर 
  • मोटापा बढ़ना 

फैटी लीवर से कैसे करें बचाव (How to Prevent From Fatty Liver)

  • जीवनशैली में लाएं बदलाव
  • शराब और सिगरेट का सेवन बिलकुल न करें
  • कोलेस्ट्रोल युक्त खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं 
  • शारीरिक श्रम यानि व्यायाम को डेली रूटीन में शामिल करें
  • वसा की मात्रा घटाने के लिए खाने में लहसुन का प्रयोग करें
  • डाइट में हरि सब्जियां और फल शामिल करें
  • खाने में अधिक नमक का प्रयोग न करें
  • यह समस्या डायबिटीज के कारण भी होती है इसलिए मीठा खाने से बचें
  • पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए हल्का और समुचित मात्रा में आहार का प्रयोग करें

फैटी लिवर के स्टेजों को नजरअंदाज किया जाए तो यह गंभीर रूप भी ले सकता है। ऐसी स्थिति होने पर तत्काल रूप से चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। इस लेख में दिए गए सुझावों से आप खुद को इस समस्या से बचा सकते हैं। 

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