डाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है सफेद चावल, जानें डायबिटीज में कौन सा चावल है बेहतर विकल्प

हाल ही में 21 देशों पर एक अध्ययन किया गया, जिसमें ये सामने आया है कि सफेद चावल डायबिटीज के खतरे से जुड़ा हुआ है। 

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Written by: सम्‍पादकीय विभागUpdated at: Nov 20, 2020 17:19 IST
डाइप 2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है सफेद चावल, जानें डायबिटीज में कौन सा चावल है बेहतर विकल्प

चावल आमतौर पर हमारी रोज की डाइट का हिस्सा रहा है। पर डायबिटीज के मरीजों को चावल खाने से मना किया जाता है। इसके पीछे एक विशेष तर्क ये दिया जाता है कि सफेद चावल में स्टार्ट और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शरीर का ब्लड शुगर बढ़ सकता है। साथ ही विशेषज्ञों का ये भी मानना है कि सफेद चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी ज्यादा होता है, जो कि डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। तो, ऐसे कुछ शोध भी हैं, जो ये बताते हैं कि चावल खाने से टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। वो कैसे? इससे जानने के लिए आइए सबसे पहले जानते हैं क्या कहता है ये शोध और फिर जानेंगे कि डायबिटीज में कौन सा चावल खाना एक बेहतर विकल्प है।

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डाबिटीज और सफेद चावल से जुड़ा शोध

सफेद चावल पर पॉपुलेशन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट हैमिल्टन हेल्थ साइंसेज और मैकमास्टर यूनिवर्सिटी, कनाडा  द्वारा किए गए शोध की मानें, तो सफेद चावल डाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है। 21 देशों में पिछले 10 सालों में 1,30,000 वयस्कों पर किए गए शोध में पता चलता है कि कैसे चावल खाना शरीर में ब्लड शुगर को तुरंत प्रभावित करता है। इस अध्ययन को चीन, ब्राजील, भारत, उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं के बीच एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ हुआ किया गया। इसके अलावा 2012 में किए गए एक पुराने अध्ययन में भी ये पाया गया कि जितनी बार आप चावल खाएंगे, उतनी बार डायबिटीज का खतरा 11 प्रतिशत तक बढ़ेगा। हालांकि, जिन देशों में यह अध्ययन किया गया, उनके आधार पर निष्कर्षों में बदलाव हुआ है। 45,000 प्रतिभागियों, जिन्होंने सफेद चावल का सेवन किया उनमें डायबिटीज को लेकर कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं देखी गई। 

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मिलावटी सफेद चावल होते हैं ज्यादा खतरनाक?

इस अध्ययन में ये भी बताया गया है कि नेचुरल रूप से उगने वाले चावल की तुलना में मिलावटी चावल अधिक खतरनाक होते हैं।  अध्ययन में बताया गया है कि सफेद चावल की पिसाई और चमकाने की प्रक्रिया इसमें से पोषक तत्वों को निकाल देती है जैसे कि इसका विटामिन बी। उसके बाद अधिक प्रोसेसिंग के कारण इसका उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स बढ़ जाता है, जो कि ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देता है।

डायबिटीज में कौन सा चावल बेहतर है?

ब्राउन राइस

सिर्फ 1/2 कप चावल में 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है इसलिए खाने का चयन करते समय चावल का प्रकार बहुत महत्वपूर्ण है। डायबिटीज की बात आते ही  विशेषज्ञ ब्राउन राइस का नाम लेते हैं। दरअसल, ब्राउन राइस में सफेद चावल की तुलना में 

  • -अधिक फाइबर
  • - अधिक पोषक तत्व
  • - अधिक विटामिन शामिल होते हैं
  • -जीआई स्कोर भी कम होता है।

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सफेद चावल का जीआई स्कोर 70 के करीब होता है, जिसका अर्थ है कि यह डायबिटीक लोगों के लिए फायदेमंद नहीं है। चावल और स्टार्च के अन्य रूपों की तुलना में ब्राउन राइस का न्यूट्रिशनल वैल्यू भी ज्यादा है। बात अगर बासमती चावल की करें, तो इसका जीआई 56 से 69 होता है। ये आमतौर पर मॉडरेशन में खाने के लिए ठीक हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि खाना पकाने का समय जीआई स्कोर को बदल सकता है, इसलिए सावधान रहें कि आपके चावल को ओवरकुक न करें। इसलिए सही तरीका ये है कि शुरुआत से ही कम जीआई वाले फूड्स का चुनाव करें। साथ ही चावल के साथ खाने या इसकी किसी भी रेसिपी में आप हाई प्रोटीन और कम स्टार्च युक्त सब्जियों सहित कम जीआई खाद्य पदार्थों का चुनाव करें ताकि आखिरी में खाने का टोटल जीआई न बढ़ जाए। 

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