इसलिए जरूरी है ब्रश करना

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jan 05, 2012
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • ब्रश करना हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है।
  • ब्रश करने से सांसों की तकलीफ व मुंह की अन्‍य बीमारियां नहीं होतीं।
  • 'जर्नल आफ न्यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी एंड साइकाइट्री' में प्रकाशित रिपोर्ट। 
  • दांतों-मसूढ़ों की उचित देखभाल न करने से डिमेंशिया का खतरा पैदा हो सकता है।

सुबह बिस्तर छोड़ते ही हमारा सबसे पहला काम ब्रश करना ही होता है। बचपन से लेकर बुढ़ापे तक दांतों की सफाई व ताजगी के लिए ब्रश करना हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। दांतों की रोज दिन में दो बार सफाई करना बेहद जरूरी है। दांतों की सफाई करने से सांसों की तकलीफ व मुंह की अन्‍य बीमारियां नहीं होतीं। इसके साथ ही एक हालिया शोध कहता है कि याद्दाश्‍त को दुरुस्‍त रखने में भी दांतों की सफाई जरूरी है। हाल में किए एक शोध में बताया गया है कि वयस्कों द्वारा अपने दांतों की उचित देखभाल करना यानी नियमित रूप से ब्रश करना याददाश्त बनाए रखने में मददगार साबित होता है।

 

 

क्या कहता है शोध

पहले के शोधों में भी दांतों की साफ-सफाई न रखने को डिमेंशिया (याददाश्त कम होना) समेत हृदयरोग, स्ट्रोक व डायबिटीज के लिए जिम्मेदार बताया गया था। न्यूयार्क के कोलंबिया कालेज के शोधकर्ताओं के मुताबिक मसूढ़ों की बीमारी मस्तिष्क की क्रियाविधि को प्रभावित करने के साथ पूरे शरीर में जलन पैदा करती है।

 

शोध में 60 साल व उससे ज्यादा उम्र के लोगों को शामिल किया गया। जिन लोगों में मसूढ़ों की बीमारी के लिए जिम्मेदार पैथोजन ज्यादा पाया गया उनमें याददाश्त संबंधी दिक्कतें देखी गईं। प्रमुख शोधकर्ता डा. जेम्स नोबल ने बताया, 'जिन लोगों में पैथोजन का उच्च स्तर पाया गया उनमें याददाश्त की गंभीर परेशानी देखी गई। शोध से साफ है कि दांतों-मसूढ़ों की उचित देखभाल न करने से डिमेंशिया का खतरा पैदा हो सकता है।'

 

'जर्नल आफ न्यूरोलाजी, न्यूरोसर्जरी एंड साइकाइट्री' में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2400 पुरुषों व महिलाओं पर किए गए शोध में दांतों की बीमारियों को याददाश्त पर प्रभाव डालने वाला पाया गया। दांतों की बीमारी से पीडि़त 5.7 फीसदी लोगों को याददाश्त की सामान्य समस्या देखी गई जबकि 6.5 फीसदी लोगों को री-काल (दोबारा याद करना) व 22.1 फीसदी लोगों में लगातार भूलने की परेशानी देखी गई।

 

Image Source - Getty Images

Read More Article On Oral Health in hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES27 Votes 19585 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर