महिलाओं में हेपेटाइटिस सी के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 20, 2014
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Quick Bites

  • गर्भवती महिला को हेपेटाइटिस सी होने पर उसके बच्चे को भी हो सकता है।
  • पुरुषों में महिलाओं की अपेक्षा लिवर की समस्या ज्यादा होती है।
  • चक्कर आना, भूख कम लगना इसके लक्षण हो सकते हैं।
  • रोगी के रक्त के संपंर्क में आने पर यह समस्या हो सकती है।  

हेपेटाइटिस सी की वायरस रक्त के जरिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रवेश करता है। यह समस्या ज्यादातर उन सुईयों के जरिए होती है जो एक बार प्रयोग किए जाने के बाद फिर से प्रयोग में लायी जाती है।

 

महिलाओं में हेपेटाइटिस सी होने का मुख्य कारण है कि वो उन्हीं सुईयों का प्रयोग करती हैं जो उनके पार्टनर द्वारा प्रयोग की जा चुकी होती है। या उन दवाओं का प्रयोग करती हैं जो सुईयों के जरिए नसों के अंदर ली जाती है। इससे हेपेटाइटिस सी के वायरस महिलाओं के शरीर में प्रवेश कर  जाते हैं। अगर गर्भवती महिला को हेपेटाइटिस सी है तो उसके होने वाले बच्चे को यह समस्या जरूर होती है।

hepatitis c in women

हेपेटाइटिस के ज्यादातर लक्षण पुरुषों में देखे जाते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के अनुसार लिवर का क्षतिग्रस्त होना जो कि हेपेटाइटिस का मुख्य लक्षण है पुरुषों में देखा जाता है। जर्मन में हुए शोध के मुताबिक भी पुरुषों में महिलाओं के मुकाबले इसके लक्षण ज्यादा देखे जाते हैं क्योंकि महिलाओं में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन होता है जो लिवर की रक्षा करता है।

महिलाओं और पुरुषों में इसके एक ही तरह के लक्षण देखे जाते हैं जैसे

  • जी मिचलाना।
  • उल्टियां आना।
  • भूख कम लगना।
  • बुखार आना।
  • पेट के ऊपरी दाहिने भाग में दर्द होना।
  • पीलिया ग्रस्त होना।
  • पेशाब का गाढ़ा पीले रंग का होना।
  • कुछ रोगियों के मल का रंग पीला होता है।
  • रोग की गंभीर अवस्था में एक्यूट लिवर फेल्यर हो सकता है।

 

जोखिम कारक


कई कारकों के कारण हेपेटाइटिस सी होने का खतरा बढ़ जाता है। जैसे सुई (नीडल) से लगी चोट, इंजेक्शन द्वारा ड्रग लेना और कई कारणों से हेपेटाइटिस से संक्रमित किसी व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आना। उदाहरण के लिए जांच किए बगैर हेपेटाइटिस से संक्रमित व्यक्ति का रक्त परीक्षण किए बिना उसके खून को दूसरे व्यक्ति को चढ़ाना। इसके अलावा टैटू गुदवाना, किसी संक्रमित व्यक्ति का टूथब्रश और रेजर इस्तेमाल करना और असुरक्षित यौन संपर्क से भी हेपेटाइटिस के इन दोनों प्रकारों के होने का जोखिम बढ़ जाता है।
hepatitis c in women

बचाव

 

  • हेपेटाइटिस सी में सावधानी के बारे में अगर हम बात करें तो हम जानते हैं कि हेपेटाइटिस सी का संक्रमण काफी समय तक छुपा रह सकता है यानी हेपेटाइटिस सी का इलाज करने की ज़रूरत पड़ने में काफी साल का समय लग सकता है। इस दौरान संक्रमित व्यक्ति ऐसे उपाय कर सकता है जिसमें लिवर को नुक़सान पहुंचने से रोका जा सके। इन उपायों में शराब पीना या तो बिल्कुल बन्द कर दिया जाए या फिर उसकी मात्रा कम कर दी जाए।
  • जो भी व्यक्ति सुइयों के ज़रिए दवा लेते हैं, उन्हें हेपेटाईटिस सी संक्रमण की जांच जरूर करानी चाहिए।

 

इलाज

 

  • जो रोगी हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त हैं, उनका इलाज एंटी वायरल दवाओं से किया जाता है। ओरल एंटीवाइरल दवाएं भी दी जाती हैं,जो रक्त से हेपेटाइटिस के वाइरस को दूर करती हैं।
  • इस प्रकार लिवर सिरोसिस और लिवर कैंसर होने का जोखिम कम हो जाता है। हेपेटाइटिस सी के कारण होने वाली लिवर की बीमारी की गंभीर अवस्था में लिवर ट्रांसप्लांट ही इलाज का एकमात्र कारगर विकल्प शेष बचता है।

 

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