जानें टायफायड से शरीर पर क्‍या पड़ता है प्रभाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 01, 2011
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Quick Bites

  • टायफाइड सेलमोनेला टायफाई बेकटीरिया द्वारा फैलता है।
  • इन बीमारी में लापरवाही अन्य बीमारियों को देती है न्योता।
  • आमतौर पर ये बुखार एक से दो हफ्तों तक चलता है।
  • इस बीमारी में कच्चे फल और सब्ज़ियाँ खाने से बचें।

मानसून के चलते, ऐसी कईं बीमारियाँ हैं जो अकसर इस मौसम में आपकी परेशानी का कारण बन जाती हैं| इस मौसम में आपको सामान्य रूप से ज़ुखाम, खांसी, सर-दर्द, बदन दर्द, बुखार जैसी समस्याओं की शिकायत रहती है|

Typhoid fever

टायफाइड बुखार एक ऐसी ही बीमारी है जो आजकल चिंता का विषय है| टायफाइड तेज़ बुखार से जुड़ा रोग है जो सेलमोनेला टायफाई बेक्टीरिया द्वारा फैलता है| यह बेक्टीरिया खाने या पानी से, मनुष्य द्वारा एक जगह से दूसरी जगह अन्य लोगों तक पहुंचता है| 

 

सेलमोनेला पेराटायफाई इसी प्रकार का एक बेकटीरिया है जो आम तौर पर कम गंभीर बीमारी का कारण बनता है| क़ईं बार लापरवाही कि वजह से टायफाइड बुखार बिगड़ जाता है, जिससे कईं और बीमारियाँ आपको घेर सकती हैं| दिल्ली नगर निगम (एम.सी.डी) के सार्वजनिक स्वास्थ्य समिति के चेयरमैन, डॉक्टर वी.के मोंगा के अनुसार “लोगों के चारों ओर छींकने से वायरस तेजी से फैलता है। अगर आप इससे संक्रमित होते हैं,  तो आपको तुरंत ही दवा लेनी चाहिए।”

टायफाइड बुखार कैसे होता है?

जो पेहले से ही बुखार या टायफाइड के मरीज़ हैं, वे अपने मल(stool) द्वारा आस-पास के पानी को दूषित कर देतें हैं, जिसमें अधिक मात्रा में बेक्टीरिया शामिल होता है| इस कारण से खाद्य पदार्थों का दूषित होना और भी आसान हो जाता है, जो टायफाइड के फैलने का एक प्रमुख कारण है|

कईं मरीज़ों को बहुत ही हल्के से बुखार की शिकायत रहती है, जिसे वे गंभीरता से नहीं लेते, ये लोग जीवाणुओं की लंबी अवधि के वाहक बन जाते हैं| ये बेक्टीरिया गाल्ब्लैडर और लिवर में बढ़ता जाता है जो कईं साल बाद टाइफाइड बुखार के नए प्रकोपों का स्रोत हो सकता है|

 

टायफाइड बुखार के लक्षण

आमतौर पर ये बुखार एक से दो हफ्तों तक चलता है| टायफाइड के मरीज़ों को 103 से 104 डिग्री बुखार की शिकायत निरंतर रेह्ती है| कईं मरीज़ों में चेस्ट कंजेशन भी विकसित हो जाता है| इसके अलावा पेट दर्द की परेशानी आम है| पूरी तरह मरीज़ को ठीक होने में 4 से 6 हफ्ते लग जातें हैं| टायफाइड के दौरान मरीज़ को कईं तरह की समस्याओं का अनुभव होता है, जैसे:

  • भूख न लगना
  • सर दर्द
  • शरीर और जोड़ों में दर्द
  • बुखार
  • सुस्ती
  • डाईरिया

टायफाइड बुखार का इलाज एंटीबायोटिक दवाओं द्वारा टायफाइड बुखार का इलाज किया जाता है| एक सही एंटीबायोटिक थेरेपी से टायफाइड के मरीज़ को एक या दो दिन में ही आराम मिल जाता है और 7-10 दिनों में पूरी तरह से स्वस्थ होने की सम्भावना भी रेह्ती है| गंगाराम अस्पताल के ई.एन.टी विशेषज्ञ डॉक्टर शलभ शर्मा का मनना है कि “अगर आपका चिकित्सक आपको किसी भी प्रकार के बैक्टीरिया इनफेक्शन की जानकारी देता है केवल तभी एंटीबायोटिक दवाएँ अपने चिकित्सक की सलह पर लेनी चाहियें।” डाक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं को सही समय पर लें| ज़रा सी भी लापरवाही आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुचा सकती है|

ध्यान रखें ये बातें:

  • एंटीबायोटिक दवाओं का सही समय पर सेवन करें
  • अधिक पेय लें
  • स्वस्थ आहार लें

 

टाइफाइड बुखार की रोकथाम

किसी भी बिमारी से बचने का सबसे आसान तरीका है पेहले से ही कुछ चीज़ों का परहेज़ करना| कुछ आसान दिशा-निर्देशों का ध्यान रखने से आप टाइफाइड बुखार की रोकथाम कर सकते हैं|

ध्यान रखें ये बातें:

  • अपने हाथ थोड़ी-थोड़ी देर में धोते रहें| ऐसा करने से आप इनफेकशन से दूर रह सकते हैं| खास तौर पे खाना बनाते समय, खाना खाते समय और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अपने हाथ धोयें|
  • अनुपचारित पानी पीने से बचें|
  • कच्चे फल और सब्ज़ियाँ खाने से बचें|
  • ज़्यादातर गर्म खाद्य-पदार्थों का सेवन करें| संग्रहित खाद्य-पदार्थों से बचें|
  • घर की चीज़ों को नियमित रूप से साफ करें| दिन में एक बार टोएलेटस, दरवाज़े के हैंडल, टेलीफोन और नलों को साफ करें|
  • टाइफाइड के टीके भी टाइफाइड की रोकथाम में अच्छे साबित हुए हैं|

नार्थ-पाइंट अस्पताल, पंचशील के सलाहकार डॉक्टर सुमन चड्ढा सलह देतें हैं कि “दालें, ताज़ा फल और हरी सब्ज़ियो के सेवन से आपकी प्रतिरक्षा के स्तर में सुधार आता है। इसलिये टायफाइड बुखार के समय इनको अपने आहार का हिस्सा बनायें।”

आपका स्वास्थ्य, आपके और आपके परिवार के लिये बहुत मेहत्वपूण है| यदि आप छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें तो अपनी ज़िंदगी को हस्ता-खेलता बना सकते हैं| मौनसून का मज़ा लें और खुद को स्वास्थ रखने की जिम्मेदारी लें।

 

 

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टिप्पणियाँ
  • Abid Raza12 Mar 2013

    aap ka lekh pdha bahut attcha laga

  • Abid Raza12 Mar 2013

    Jankari Mili Is ke leye Thnks

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