मेनोपोज जैसे लगने वाले लेकिन उससे भी खतरनाक संकेतों के बारे में जानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 17, 2016
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Quick Bites

  • प्रीमेनोपॉज के समय आमतौर पर पीरियड्स के चक्र में परिवर्तन आते हैं।
  • कई बार मेनोपॉज के लगने वाले संकेत किसी गंभीर बीमारी के भी हो सकते हैं।
  • मेनोपॉज के समय महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से नीचे गिरता है।
  • उपरोक्त के अलावा जोड़ों में दर्द होना भी मेनोपॉज का एक लक्षण होता है।

जब आप उम्र के एक खास पड़ाव पर पहुंचती हैं (मेनोपॉज़ की आयु) तो हॉट फ्लैश, रात को अधिक पसीना आना, मिजाज में बदलाव और ऐसी अन्य कष्टप्रद समस्याओं को मेनोपोज का कारण मान सकती हैं। लेकिन बात यहां खत्म नहीं होती है। कई बार ये संकेत केवल मोनोपोज के ही नहीं बल्कि किसी बड़ी गंभीर समस्या की ओर भी इशारा कर रहे होते हैं। आज हम ऐसे ही कुछ लक्षणों की बात कर रहे हैं जो लगते जरूर मेनोपॉज के हैं, लेकिन किसी गंभीर बीमारी के भी हो सकते हैं।

पीरियड्स चक्र में बदलाव

गर्भधारण की क्षमता के अंतिम सालों में (प्रीमेनोपॉज का समय) पीरियड्स के साइकिल में परिवर्तन आते हैं। ऐसे में आपके पीरियड्स जल्दी-जल्दी आ सकते हैं, देरी से आ सकते हैं, ज्यादा या फिर कम बहाव हो सकता है आदि। और ऐसा मेनोपॉज होने के 10 साल पहले से शुरू हो सकता है।

लेकिन सावधान- लेकिन यदि आपको जरूरत से अधिक रक्तस्राव हो रहा है, पीरियड्स 3 हफ्ते से भी जल्दी आ रहे हैं, या सेक्स के बाद ब्लीडिंग हो रही है तो ये सामान्य लक्षण नहीं हैं और आपको ऐसे में अपने डॉक्टर से तुरंत मिलने की जरूरत होती है। ये गर्भाशय फाइब्रॉएड, पॉलीप्स (polyps), या यहां तक कि गर्भाशय ग्रीवा या गर्भाशय के कैंसर तक के लक्षण हो सकते हैं।

 

इसे भी पढ़ें: मेनोपॉज के दौरान होने वाली घबराहट को कैसे दूर करें

 

menopause

 

हॉट फ्लैश होना या रात में तेज पसीना

प्रीमेनोपॉजल (perimenopausal) महिलाओं में से लगभग 80 प्रतिशत को हॉट फ्लैश होना या रात को तेज पसीना आने जैसे लक्षण होते हैं। कुछ महिलाओं में तो ये 7 साल तक भी रहता है। एस्ट्रोजन हार्मोन में गिरावट की वजह से अक्सर शरीर तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता खो देता है।

लेकिन सावधान - हॉट फ्लैश होना या रात को तेज पसीना आना, हापरथायरॉइडिज़्म (ओवर ऐक्टिव  थायरॉइड) का संकेत भी हो सकता है। इसके अलावा बाल झड़ना या वजन कम  होना आदि मेनोपॉज के साधारण संकेत लगते हैं, लेकिन इन्हें हल्के में न लें। ये भ्रामक संकेत ओवर ऐक्टिव थायरॉइड के भी हो सकते हैं। तो ऐसे किसी भी लक्षण के लंबे समय या बार-बार दिखाई देने पर देर न करें और ब्लड टेस्ट करवाकर पुष्टि करें। पुष्टि होने पर आपको दवाओं या तत्काल सर्जरी की जरूरत भी पड़ सकती है।

अगर आपके बाल झड़ रहे हैं तो

मेनोपॉज के समय एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर तेजी से नीचे गिरता है और मेनोपॉज से गुजर रही कई महिलाएं बालों के पतले होने या इसके झड़ने का अनुभव करती हैं। खसतौर पर वे महिलाएं, जिनके परिवार में मेनोपॉज के दौरान बाल अधिक झड़ने का इतिहास रहा है, उनके बाल भी इस दौरान अधिक झड़ते हैं।
 
याद रखिए - थोड़े बहुत बालों का गिरना मेनोपॉज का सामान्य लक्षण है, लेकिन यदि बाल ज्यादा झड़ रहे हैं और शावर लेने के बाद रोज आपको बालों का झड़ा हुआ गुच्छा नजर आता है तो यह संभवतः ग्लैंड के ओवर ऐक्टिव होने के कारण हो रहा है। जरूरत से ज्यादा बाल झड़ना ओवर ऐक्टिव थायरॉयड का लक्षण होता है। तो ऐसे में लापरवाही न बरतें और तुंरत अपने डॉक्टर से सलाह लें और जांच कराएं।


उपरोक्त के अलावा जोड़ों में दर्द होना भी मेनोपॉज का एक लक्षण होता है, लेकिन यदि जोड़ों का दर्द लगातार हो रहा है और इसकी वजह से रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया है तो ये अर्थराइटिस, फाइब्रोम्यल्गिया, लुपस या लयमे बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। इसके अलावा अधिक वजन या डिप्रेशन वाली महिलाएं भी जोड़ों के दर्द से पीड़ित हो सकती हैं। ऐसे में आपको डॉक्टर से मिलकर जांच जरूर करा लेनी चाहिए।

 

Image Source: top10homeremedies.com&latin-wife.com

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