महिलाओं में टाइप वन डायबिटीज के लक्षण

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 05, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

आज डायबिटीज जैसी बीमारी होना आम बात हो गई है। महानगरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी डायबिटीज का खतरा पनपने लगा है। डायबिटीज महिलाओं और बच्चों में खासतौर से पनप रही है। डायबिटीज के कई रूप होते हैं उनमें से एक हैं टाइप 1 डायबिटीज टाइप।

mahilao me type 1 diabetes

 

डायबिटीज़ में शरीर में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है, इसमें पेंक्रियाज़ ग्रंथी सुचारू रूप से काम करना बंद कर देती है। इस ग्रंथि में इंसुलिन के अलावा कई तरह के हार्मोंस निकलते हैं। डायबिटीज के खतरे के संकेतों को आसानी से पहचाना जा सकता है। आइए जानें महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों के बारे में।

[इसे भी पढ़ें : तनाव और मधुमेह टाइप वन]

 

  • टाइप 1 डायबिटीज -टाइप 1 डायबिटीज में इंसुलिन हॉर्मोन बनना बंद हो जाता है। ऐसे में शरीर में ग्लूकोज की बढ़ी हुई मात्रा को कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन की जरूरत होती है। यदि इंसुलिन की मात्रा शरीर में पूर्ण नहीं होती, तो डायबिटीज रोगी कई अन्य भयंकर बीमारियों का शिकार हो सकता है या फिर कोमा में भी जा सकता है।
  • महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षण-महिलाओं में टाइप 1 डायबिटीज के लक्षणों में सबसे मुख्य लक्षण है शरीर में कमजोरी महसूस करना। इसके अलावा भी कई लक्षण है।

 

[इसे भी पढ़ें : गर्भावस्था और टाइप 1 डायबिटीज़]

 

  • बेहोशी होना-डायबिटीज़ 1 में, इंसुलिन की कमी हो जाती है। इससे शरीर में मौजूद सेल्स को शुगर मिलना बंद हो जाता है, जिसके कारण शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है और शरीर में कमजोरी होने लगती है जिससे चक्कर आना और बेहोशी होने लगती है। इन लक्षणों के अलावा कई बार बहुत पसीना आने लगता है और धड़कन तेज हो जाती है।
  • बार-बार पेशाब आना और प्यास लगना-महिलाओं में डायबिटीज के खतरों के संकेत में से अधिक पेशाब आना भी एक है और डायबिटीज़ 1 में प्यास भी बहुत लगती है। दरअसल, रक्त में अत्यधिक शुगर के जमा होने से पेशाब के माध्यम से शुगर बाहर निकलती है। बार-बार पेशाब जाने से व्यक्ति को बार-बार प्यास भी लगने लगती है।
  • सिर दर्द की शिकायत-इंसुलिन बनना बंद होने से शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण सिर दर्द होने लगता है जिससे दिमाग संबंधी बीमारियां होने का भी खतरा बढ़ जाता है। इंसुलिन की कमी से हर समय थकान की शिकायत होने लगती है।

 

[इसे भी पढ़ें : बच्चों में टाइप 1 डायबिटीज़ के कारण]


  • भूख लगना-टाइप 1 डायबिटीज में बहुत ज्या़दा भूख लगती है जिससे वजन बढ़ने का खतरा बना रहता हैं। हालांकि कुछ महिलाओं में इसके विपरीत वजन घटने भी लगता है।
  • दृष्टि में धुंधलापन आना-डायबिटीज़ अपने साथ कई अन्य समस्याएं भी लेकर आता है। टाइप 1 डायबिटीज में महिलाओं को कई बार कम दिखने लगता है और कभी घुंधला दिखाई पड़ता है। कई बार कुछ संक्रमित बीमारियां जैसे स्किन प्रॉब्लम्स  इत्यादि भी होने लगती है।

डायबिटीज  में शरीर में खुजली भी होने लगती है ,इसमें शरीर में चुभन के साथ सनसनाहट  भी होती है , चोट लगने पर घाव देर से भरता है , छोटी सी चोट पर जख्म भी हो सकता है। अगर इन्सुलिन का इंजेक्शन सही समय पर न दिया जाए या डायबिटीज टाइप 1 का सही समय पर इलाज न कराया जाए तो डायबिटिक मरीज कोमा में जा सकता है जिसे कीटोएसीडोसिस कहते है ।

 

 

Read More Article on Diabetes in hindi.

Write a Review
Is it Helpful Article?YES15 Votes 14272 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर