मैगी ही नहीं इनमें भी है मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 22, 2015
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Quick Bites

  • मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट का असर दिमाग पर पड़ता है।
  • यह बच्‍चों के मानसिक विकास को रोक सकता है।
  • यह एक सोडियम साल्‍ट है जो कि एक धीमा जहर है।
  • डिब्‍बाबंद और प्रोसेस्‍ड फूड में इसकी अधिक मात्रा होती है।

सिर्फ दो मिनट में बनने वाली मैगी बच्‍चों ही नहीं बड़ों के पसंदीदा व्‍यंजनों में से एक है। लेकिन हाल ही में उत्‍तर प्रदेश में इसपर हुए एक जांच के बाद इसे हेल्‍थ के लिहाज से बहुत ही अनहेल्‍दी पाया गया है। यह मैगी के शौकीनों के लिए बुरी खबर हो सकती है इसमें ऐसे घातक केमिकल होते हैं जिसके सेवन से अवसाद के साथ बच्‍चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी प्रभावित होता है। लेकिन यह खतरनाक मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट केमिकल यानी एमएसजी सिर्फ मैगी में नहीं बल्कि आपके दूसरे पसंदीदा व्‍यंजनों में भी पाया जाता है। इनके बारे में विस्‍तार से यहां जानें।
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क्‍या है मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट

एमएसजी यानी मोनोसोडियम एक तरह का धीमा जहर है। सफेद रंग का चमकीला सा दिखने वाला मोनोसोडि़यम ग्लूटामेट यानी अजीनोमोटो, एक सोडियम साल्ट है। अगर आप डिब्‍बाबंद और चाइनी‍ज डिशेज के शौकीन हैं तो उसमें यह बहुतायत में मिलता है। यह ऐसा मसाला है जो बहुत ही खतरनाक हो सकता है। यह वास्तव में धीमा जहर है जो खाने का स्वाद नहीं बढ़ाता बल्कि हमारी स्वाद ग्रन्थियों के कार्य को दबा देता है जिससे हमें खाने के बुरे स्वाद का पता नहीं लगता।

सामान्‍यतया इसका प्रयोग खाद्-पदार्थों की घटिया गुणवत्ता को छिपाने के लिए किया जाता है। इसके अधिक सेवन से सिरदर्द, पसीना आना और चक्कर आने जैसी समस्‍यायें हो सकती हैं। अगर आप इसके आदी हो चुके हैं और खाने में इसको बहुत प्रयोग करते हैं तो यह आपके दिमाग को भी नुकसान कर सकता है। यह बच्‍चों के विकास को अवरोधित कर सकता है।

मैगी क्‍यों है नुकसानदेह  

सिर्फ 2 मिनट में पकने वाली मैगी को उत्‍तर प्रदेश में हुई जांच के बाद सेहत के लिहाज से हानिकारक पाया गया है। खाद्य नियामक प्राधिकरण ने मैगी की जांच करने पर पाया है कि उसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट केमिकल (एमएसजी) की मात्रा तय सीमा से अधिक है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इसकी जांच के आदेश दिये हैं। जब मैगी के सैंपल की जांच कोलकाता की रेफरल लैबोरेट्री से करवाई तो इसमें मोनोसोडियम ग्लूटामेट केमिकल की मात्रा सामान्‍य से अधिक थी। इसके अलावा मैगी में प्रति दस लाख 17वां भाग लेड पाया गया है।

इन आहारों से बचें

मैगी की तरह ही बहुत ऐसे आहार हैं जिनमें मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट पाया जाता है, और ये फूड आपकी फेवरेट लिस्‍ट में शायद टॉप पर हों। डिब्‍बाबंद आहारों के शौकीन अगर आप हैं तो यह बात जान लीजिए कि इसमें मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट होता है। इसके अलावा सभी तरह की चाइनीज रेसिपी, प्रोसेस्‍ड फूड, चिप्‍स, नमकयुक्‍त स्‍नैक्‍स, आदि में मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट होता है।
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इन प्राकृतिक चीजों में भी

अगर आपको लगता है कि ये आहार स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से हानिकारक हैं जिनमें एमएसजी होता है तो यह जानकर आप चौंक जायें‍गे कि कुछ आहारों में प्राकृतिक रूप से भी मोनोसोडियम ग्‍लूटामेट होता है। आलू, टमाटर, टमाटर जूस, मशरूम, अंगूर, दूसरे जूस, पनीर आदि में एमएसजी होता है।

हालांकि एमएसजी की एक सीमित मात्रा नुकसानदेह नहीं होती, लेकिन अगर इसे अधिक मात्रा में लिया जाये तो यह सेहत के लिहाज से ठीक नहीं है।

 

Image Source - Getty

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टिप्पणियाँ
  • saurabh singh02 Jun 2015

    Its very nice and informative article, ise padhne ke baad mai maggi kabhi nahi khaunga, iske alawa un foods ko bhi nahi jinme MSG hota hai.

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