हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन की वजह से हो सकता है ब्रेस्‍ट कैंसर

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 15, 2013
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Quick Bites

  • गुड कोलेस्‍ट्रॉल बन सकता है ब्रेस्‍ट कैंसर का कारण।
  • थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी ने इस पर किया शोध।
  • हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन को गुड कोलेस्ट्रॉल भी कहते हैं।
  • केशिकायें एचडीएल संपर्क में ज्‍यादा सक्रिय होते हैं।

Risk Of Breast Cancerगुड कोलेस्‍ट्रॉल वजन घटाने से लेकर हृदय स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध के अनुसार गुड कोलेस्‍ट्रॉल ब्रेस्‍ट कैंसर का कारण बन सकता है।


थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी के जरिए हुए एक शोध के अनुसार, शरीर में हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एचडीएल), जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल भी कहते हैं, की अधिकता से ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं को फैलने में मदद मिलती है।


शोधकर्ता फिलिप फ्रैंक के अनुसार, "अगर हम किसी तरह एचडीएल रिसेप्टर की गतिविधियों को रोकने में कामयाब हो जाएं तब एचडीएल का कोई खतरा नहीं होगा, नहीं तो इसकी सीमित मात्रा में सेवन करना ही शरीर के लिए फायदेमंद है।"


इस शोध के दौरान अध्‍ययनकर्ताओं ने एचडीएल का संपर्क ब्रेस्ट कैंसर की कोशिकाओं से कराने से पाया कि उसमें मौजूद रिसेप्टर एसआर-बीआई के संपर्क में आते ही कोशिकाएं अधिक सक्रिय हो जाती हैं।


इसके बाद शोधकर्ताओं ने इस रिसेप्टर को बीएलटी-1 नामक दवा से ब्लॉक किया और पाया कि इसे ब्लॉक करने के बाद कोशिकाओं से लड़ने वाले प्रोटीन सक्रिय हो जाते हैं। यह अध्‍ययन ब्रेस्ट कैंसर रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुआ है।

 

 

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