शिशु के जन्म से पहले कुछ सवालों का जवाब पाना है जरूरी

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 01, 2013
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Quick Bites

  • प्रसव से पूर्व देखभाल के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ का चयन महत्‍वपूर्ण सवाल है।
  • गर्भावस्था के पहले और इसके दौरान महत्वपूर्ण है टीकाकरण की जानकारी लेना।
  • प्रेग्‍नेंसी के बाद क्‍या खायें और किससे परहेज करें यह भी जानने की होती है इच्‍छा।
  • गर्भवती होने के बाद कब तक यौन संबंध बना सकती है इसकी भी जानकारी लीजिए।

shishu ke janam se purv char mahatwapurn sawal

जब कोई महिला मां बनने वाली होती है तो उसके मन में अनेक सवाल आने लगते हैं। खासतौर पर पहली बार गर्भधारण के समय तो उनका मन सवालों और जिज्ञासाओं से भरा रहता है। ऐसे में महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान खुद की देखभाल की समुचित जानकारी नहीं होती। वे अपने से बड़ी किसी महिला की सलाह मानकर ही चलती हैं। किंतु कई बार सलाह देने वाली महिला को ही ठीक जानकारी नहीं होती।

आइये हम कुछ ऐसे महत्‍वपूर्ण सवालों के जवाब जानने की कोशिश करते हैं जो लगभग हर गर्भवती महिला के जेहन में आते हैं। इन सवालों के समुचित जवाब किसी भी महिला और गर्भस्‍थ शिशु के अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए काफी मायने रखते हैं।

 

जन्म से पूर्व चार महत्वपूर्ण सवाल

 

शिशु रोग विशेषज्ञ का चयन

प्रसव तथा प्रसव से पूर्व की देखभाल के लिए शिशु रोग विशेषज्ञ का चयन कैसे करें, यह एक विशेष सवाल है। शिशु रोग विशेषज्ञ के चयन के लिए आप और आपके साथी दोनों को मिलकर काम करने की जरूरत होती है। इसके लिए आप अन्य माता-पिता से सलाह ले सकते हैं, साथ ही डॉक्टरों से मिलें और बातचीत कर यह सुनिश्‍चित करें कि आपको किस तरह के बाल रोग विशेषज्ञ की जरूरत है। ऐसा करने से आपको इस बात की जानकारी होगी कि वह डॉक्टर आपकी समस्‍याओं में कितनी रूचि ले रहा है और अस्पताल की कार्यप्रणाली कितनी बेहतर है। यह भी ध्यान रखें कि जो डॉक्टर या अस्पताल आप चुन रहे हैं, वह आपके घर से ज़्यादा दूर ना हो।


हालांकि यह जरूरी नहीं कि एक बार यदि आपने डॉक्टर का चयन कर लिया तो आप संतुष्ट ना होने पर भी उसे बदल नहीं सकते। लेकिन कोश़िश करें कि आप दोनों सलाह व जांच परख कर डॉक्टर का चुनाव करें ताकि बार बार उसे बदलने की असुविधा ना हो।

 

टीकाकरण की जानकारी

गर्भावस्था के पहले और इसके दौरान टीकाकरण बेहद महत्वपूर्ण होता है। कुछ संक्रमण ऐसी बीमारियां पैदा करते हैं जो गर्भवती व शिशु दोनों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। कोई भी टीका चिकित्सक की परामर्श के बिना न लें। गर्भधारण करने से पहले चिकित्सक से परामर्श लें। महिला व शिशु स्वस्थ रहें, इसके लिए गर्भधारण करने से पहले कुछ टीके आवश्यक होते हैं, नहीं तो जटिलताएं हो सकती हैं।

 

स्वस्थ गर्भावस्था के लिए आहार

जब आप मां बनने वाली होती हैं तो आपको अच्छी तरह से खाने की जरूरत होती है। यदि पहले से ही ठीक आहार नहीं ले रही हैं तो यह और भी महत्वपूर्ण है कि आप अब स्वस्थ आहार खाएं। आपको गर्भावस्था में विटामिन और खनिज, विशेष रूप से फोलिक एसिड और आयरन की जरूरत होती है। और साथ ही कुछ अधिक कैलोरी की भी जरूरत होती है। गर्भावस्था के दौरान यह जरूरी है कि आप सही खायें तथा जंक फूड और अधिक तले भुने खाने से दूर रहें। इस तरह के खाद्य पदार्थों में कैलोरी अधिक होती है और पोषक तत्व कम। धूम्रपान या मदिरापान बिल्कुल ना करें। दूध और डेयरी उत्पाद, अनाज, साबुत अनाज, दाल, और मेवे, सब्जियां और फल तथा मांस, मछली और मुर्गी साथ में तरल जैसे नारियल पानी, जूस, सूप आदि खूब लें।

 

गर्भावस्‍था के दौरान सम्‍भोग

जब आप गर्भवती हों तब यौन सम्बन्ध नुकसानदेह नहीं है, लेकिन इसे किस तरह किया जाए कि शिशु और आप दोनों स्वस्थ रहें, यह जानना ज़रूरी है। एक सामान्य गर्भावस्था में आप प्रसव तक यौन सम्बन्ध बना सकती हैं। बहरहाल, कुछ भारतीय समुदायों में यह माना जाता है कि गर्भावस्था के अंतिम कुछ हफ्तों के दौरान सम्‍भोग नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे समय से पहले प्रसव पीड़ा हो सकती है।

 

सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी तरह की समस्‍या अथवा संशय होने पर अपने डॉक्‍टर से सम्‍पर्क करें। उचित समय पर ली गयी डॉक्‍टरी सलाह न केवल आपके बल्कि आपके होने वाले शिशु के लिए महत्‍वपूर्ण साबित हो सकती है।

 


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