गर्भावस्था में योग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Dec 12, 2011
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Quick Bites

  • गर्भ में पल रहे बच्‍चे की सेहत के लिए फायदेमंद होता है योग।
  • नियमित योग से रक्‍तचाप संबंधी समस्‍या से भी मिलती है राहत।
  • योग करने से गर्भवती महिला को कमर दर्द में मिलता है आराम।
  • पेल्विक, हिप्स और पैरों के दर्द को कम करता है योग।

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का हेल्दी और स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में उन्हें ना सिर्फ अपने खानपान का ध्यान रखना चाहिए बल्कि नियमित रूप से योग भी करना चाहिए। क्या आप जानती हैं गर्भावस्था में योग के क्‍या फायदे हैं। इससे ना आप सिर्फ स्वस्थ रहती है बल्कि आपको डिलीवरी के दौरान भी आराम मिलता है। इसके अलावा हेल्दी बच्चे के लिए नियमित रूप से योग करना बहुत जरूरी है।

 

yoga-during-pregnancyगर्भावस्था  के दौरान महिलाओं को कई उतार-चढ़ावों से गुजरना पड़ता है, लिहाजा योग हार्मोंस में संतुलन बनाने में भी लाभकारी है। आइए जानें गर्भावस्था में योग के अन्य फायदों के बारे में।

 

  • योगा के माध्य‍म से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और एनिमिया या फिर पानी की कमी से संबंधित होने वाली समस्या‍एं सुलझाई जा सकती है।
  • योगा से चिंता और तनाव को कम करने में मदद मिलती है, इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान नींद ना आने की समस्या भी दूर हो जाती है। गर्भवती महिला को किसी भी नई सिचुएशन से गुजरने में आसानी होती है।
  • योगा के माध्यम से डायजेस्ट संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सकता है, इसके साथ ही शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद मिलती है।
  • मसल्स और जोड़ों को स्ट्रैच करने में योगा से  बहुत मदद मिलती है और बॉडी बहुत लचीली हो जाती है।
  • प्रतिदिन योगा करने से असामान्य‍ रक्तचाप की समस्या सॉल्व हो जाती है, इसके साथ ही शुगर लेवल भी कंट्रोल रहता है। इससे गर्भावस्था के दौरान होने वाली जेस्टेशनल डायबिटीज या उच्च रक्तचाप की समस्या से आसानी से बचा जा सकता है।
  • योगा को नियमित रूप से जीवन में शामिल कर गर्भवती महिलाएं अपने शरीर और दिमाग की नसों को ब्रिदिंग एक्सरसाइज से नॉर्मल कर सकती हैं। इससे हार्मोंस संतुलित होते हैं और महिलाएं भावनात्मक रूप से मजबूत होती हैं।
  • गर्भवती महिलाओं में आमतौर पर होने वाली कमर दर्द की समस्‍या से निजात योगा के जरिए पाई जा सकती है। योगा के जरिए महिलाएं अपना पोस्चर भी सुधार सकती हैं।
  • लेबर पेन के दौरान पेल्विक, हिप्स और पैरों में दर्द की समस्या बहुत बढ़ जाती है। लेकिन यदि गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के दौरान योगा करेंगी तो रेगुलर प्रैक्टिस से उन्हें पैल्विक, हिप्स और पैरों की मसल्स को स्ट्रैच करने में आसानी होगी।
  • प्रतिदिन ब्रीदिंग एक्सरसाइज से गर्भावस्था के दौरान लगातार बदलने वाले मूड, मॉर्निंग सिकनेस, मितली इत्यादि समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।
  • योगा के जरिए एबडोमिनल मसल्स को स्ट्रेच करने में मदद मिलती है, इससे डिलीवरी के दौरान बेबी को पुश करते समय होने वाले दर्द से गर्भवती महिलाएं बच सकती हैं।
  • प्रतिदिन योगा के माध्यम से आप गर्भावस्था के समय और गर्भावस्था के बाद जल्दी ही पहले जैसी शेप पा सकती हैं।
  • योगा करने से पहले आपको इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि अपने डॉक्टर की सलाह के बिना आप कोई एक्सरसाइज ना करें। इसके साथ ही यदि आप पहली बार योगा करने जा रही हैं तो सही पोस्चर के लिए किसी योगा एक्सपर्ट की देखरेख में ही योगा करें। जिससे आपको अधिक से अधिक योगा के लाभ मिल सकें।
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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • Guddu19 Dec 2011

    if its fine to travel in 7th month of pregnancy, by tarin

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