Yoga For Fertility : अगर आप भी कर रही हैं बेबी प्‍लानिंग तो जरूर करें ये 5 योगासन, गर्भधारण में मिलगी मदद

जो महिलाएं गर्भवती होने की योजना बना रही हैं, तो उन्हें यहां दिए कुछ फर्टिलिटी योगा करने चाहिए, जो उन्‍हें गर्भधारण में मदद कर सकते हैं। 

Sheetal Bisht
Written by: Sheetal BishtUpdated at: May 01, 2020 07:30 IST
Yoga For Fertility : अगर आप भी कर रही हैं बेबी प्‍लानिंग तो जरूर करें ये 5 योगासन, गर्भधारण में मिलगी मदद

इन दिनों हम जिस तरह का जीवन जी रहे हैं, वह हमारे स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। यह न केवल हमें गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे में डाल रहा है, बल्कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता या फर्टिलिटी को भी प्रभावित कर रहा है। हमारे गलत खानपान और गतिहीन जीवन शैली मुख्‍य रूप से स्वास्थ्य समस्‍याओं के लिए जिम्मेदार कारक हैं, जिनमें प्रजनन स्वास्थ्य भी शामिल है। ऐसे में जब महिला और पुरूष बच्चे के लिए योजना बनाते हैं, तो डॉक्टर दंपतियों को उनके खानपान और जीवनशैली को सुधारने की सलाह देते हैं। इससे उन्हें कम जटिलताओं के साथ जल्द ही गर्भ धारण करने में मदद मिलती है। प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए फर्टिलिटी योगा सबसे अच्छे उपचारों में से एक है। यह गर्भधारण की गारंटी नहीं देता है लेकिन इससे निश्चित रूप से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

फर्टिलिटी योग क्या है?

फर्टिलिटी योग कुछ चयनित पोज़ के साथ योग की एक श्रृंखला है, जो शरीर से तनाव को दूर करने में मदद करता है और रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है। यह आपके आंतरिक स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए डिटॉक्सिफिकेशन करता है और गर्भवती होने की संभावना को बढ़ाता है।

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Yoga For Fertility

  • योग पेट के निचले हिस्‍से में रक्त के प्रवाह को बढ़ाकर प्रजनन प्रणाली को उत्तेजित करता है।
  • बढ़ा हुआ प्रवाह पोषक तत्वों को प्रजनन अंगों तक पहुंचने में मदद करता है। 
  • यह श्रोणि भाग की ओर परिसंचरण को आसान बनाता है, जिससे अंतःस्रावी तंत्र या एंडोक्राइन सिस्‍टम को विनियमित किया जाता है, जो हार्मोनल कार्यों के लिए जिम्मेदार है।
  • इस प्रकार, यह प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा।
  • हालांकि, यदि आपको गर्भधारण करने में समस्या हो रही है, तो आपको स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर मिलें। 

बेस्‍ट फर्टिलिटी योगा पोज़ 

भ्रामरी प्राणायाम 

Bhramri Pranayam

  • आराम की स्थिति में बैठें और अपनी आँखें बंद करें।
  • अब, अपने कानों को अंगूठे से बंद करें
  • तर्जनी उंगली को अपनी भौंहों पर रखें और अपनी नाक को अन्य उंगलियों से दबाएं।
  • श्वास लें और मधुमक्खी की तरह गुनगुना कर आवाज करें। 
  • इसे आप जितना संभव हो करें और 10-15 बार दोहराएं।

पश्चिमोत्तानासन 

Paschimottanasana

  • आप पहले जमीन पर बैठें और अपने पैरों को फैलाएँ।
  • फिर आप अपने हाथों को जांघों पर रखें।
  • अब साँस लें और अपनी हाथों को सिर के ऊपर उठाएँ।
  • सांस छोड़ें और धीरे-धीरे आगे झुकें और अपने पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश करें।
  • अपनी पीठ को सीधा रखें और अपने सिर को घुटनों के करीब लाएं।
  • 5 सेकंड तक रुकें और फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

हस्तपादासन 

Hastapadasana

  • सबसे पहले खड़े हो जाएं और अपनी पीठ को सीधा रखें और अपने पैरों को मिलाकर खड़े रहें। 
  • एक गहरी सांस लें और अपने हाथों को ऊपर उठाते हुए 180 डिग्री लाइन बनाएं
  • साँस छोड़ते समय, आगे झुकें और अपने पैर की उंगलियों को छूने की कोशिश करें।
  • पीठ सीधी रखें और इस स्थिति को 10 सेकंड तक बनाए रखने की कोशिश करें और फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

बद्ध कोणासन

Baddha Konasana

  • सबसे पहले बैठें और अपने पैरों को सीधा रखें।
  • अपने घुटनों को विपरीत दिशा में मोड़ें ताकि आपके पैरों के तलवे एक दूसरे से सामने आपस में जुड़ जाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों से अपने पैर की उंगलियों को पकड़ें और पैरों को अपने करीब लाने की कोशिश करें।
  • अब, अपनी जांघों और घुटनों को तितली के पंखों की तरह ऊपर-नीचे करें। 
  • गति को धीरे-धीरे बढ़ाएं और फिर कम करें।
  • आप अपनी जांघों को फैला हुआ महसूस करेंगे।
  • इसके बाद आप सीधे अपने पैरों के साथ मूल स्थिति में वापस जाएं।

भुजंगासन

Bhujangasana

इसके लिए आप अपने पेट के बल लेटें।

अब अपने पैरों को मिलाएं और हाथों को आराम दें।

अपने हाथों पर दबाव डालें और पीठ को ऊपर खींचते हुए शरीर को ऊपर उठाने की कोशिश करें।

10-15 सेकंड के लिए स्थिति में रहें और फिर सामान्य स्थिति में वापस आएं।

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