बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों के लिए उनकी उम्र के अनुसार फायदेमंद योगासन

कोई भी योगासन अगर उम्र के अनुसार किया जाए तो उसके ज्यादा फायदे मिल सकते हैं। जानें बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग योगासन 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jun 02, 2021
बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों के लिए उनकी उम्र के अनुसार फायदेमंद योगासन

बच्चे, बड़े हो या बुजुर्ग सभी को बेहतर स्वास्थ्य के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहना बहुत जरूरी होता है। ज्यादातर लोग पहले पार्क जाकर एक्सरसाइज या योगा किया करते थे, लेकिन इन दिनों कोरोना की वजह से सभी घर पर ही अपना समय बिता रहे हैं। ऐसे में कोई भी शारीरिक गतिविधि नहीं हो पा रही है। बच्चे अपनी पढ़ाई और गेम्स में बिजी हैं, तो बड़े अपने वर्क फ्रॉम होम और घर की जिम्मेदारियों में फंसे हुए हैं। वहीं बुजुर्ग टीवी देखकर अपना समय बिता रहे हैं। ऐसे में मानो शारीरिक गतिविधि पूरी तरह से खत्म ही हो गई है। लेकिन ऐसा करना आपके सेहत के साथ खिलवाड़ हो सकता है। भले ही आप पार्क नहीं जा पा रहे हैं, तो घर पर ही थोड़ा सा समय देकर कुछ बेहतरीन योगासन कर सकते हैं। आज हम आपको आपकी उम्र के अनुसार योगासन बता रहे हैं, जिन्हें करना बेहद ही आसन है। योगा एक्सपर्ट दीपक झा से जानें बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों को अपनी उम्र के अनुसार कौन-से योगासन करने चाहिए।

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बच्चों के लिए वृक्षासन (Vrikshasana)

छोटे बच्चों को ऐसे योगासन करवाने चाहिए, जिससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास तेजी से हो। ऐसे में वृक्षासन करवाना फायदेमंद हो सकता है। बच्चों को नियमित रूप से वृक्षासन करवाने से उनकी हाइट अच्छी होती है। इसलिए बचपन से ही अगर आप अपने बच्चे को इस आसन को करवाएंगे, तो उसका कद सही होगा। इसके अलावा वृक्षासन बच्चों के मानसिक विकास के लिए भी काफी अच्छा योगासन है। इससे बच्चों को बड़े होकर छुटनों में दर्द की समस्या नहीं होगी। इस आसन को रोज करने से बच्चों के हाथों, पैरों की मांसपेशियां और रीढ़ की हड्डी मजबूत बनती हैं। बच्चों को नियमित रूप से वृक्षासन कराने से जोड़ों में दर्द की समस्या नहीं होती है। इतना ही नहीं इससे बच्चों का तनाव और स्ट्रेस भी दूर होता है। वजन को नियंत्रण में रखने के लिए आप अपने बच्चे को वृक्षासन नियमित रूप से जरूर कराएं। जानें इसे करने का सही तरीका-

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  • - इसे करने के लिए सबसे पहले एक मैट पर सीधे खड़े हो जाएं।
  • - अपने पैरों को पास-पास रखें। अपने दोनों हाथों को एकदम सीधा रखें।
  • - अब दाएं पैर की एड़ी को बाई जांघ के ऊपरी भाग से जोड़ दें। 
  • - पंजों को नीचे की तरफ रखें और दाएं पैर के तलवे से अपनी जांघ को दबाएं।
  • - अपने हाथों से प्रार्थना की मुद्रा बनाएं। हाथों को धीरे-धीरे सिर के ऊपर ले जाएं।
  • - इस दौरान आपको अपने शरीर का संतुलन बनाना होता है।
  • - कुछ देर इसी अवस्था में रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ सकते हैं।
  • - इसे आप 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
  • - अगर आपके बच्चे के घुटनों में दर्द है या चोट लगी है तो इस स्थिति में उन्हें वृक्षासन न कराएं।
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बड़ों के लिए पश्चिमोत्तानासन (Paschimottanasana)

दरअसल, वयस्कों को दिन भर ऑफिस में बैठना होता है। इन दिनों ज्यादातर लोगों का वर्क फ्रॉम होम चल रहा है लेकिन इसमें भी उन्हें लंबे समय तक सीटिंग वर्क ही करना होता है। ऐसे में ज्यादातर लोगों को गैस और एसिडिटी की समस्या हो रही है। सीटिंग वर्क की वजह से लोग फिजिकली इतने एक्टिव नहीं हो पाते हैं, ऐसे में पेट से जुड़े रोग उन्हें घेर लेते हैं। इसमें गैस, एसिडिटी के साथ की अपच और कब्ज भी शामिल हैं। इतना ही नहीं दिनभर बैठे-बैठे मांसपेशियों और रीढ की हड्डी को भी नुकसान हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी सीटिंग वर्क कर रहे हैं, तो आपको अपनी जीवनशैली में योगासन को जरूर शामिल करना चाहिए। इससे आपको इन सभी समस्याओं में आराम मिल सकता है। नियमित रूप से पश्चिमोत्तानासन योगासन को करने से तनाव दूर होता है। जानें इसे करने का तरीका-

  • - इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर एक मैट बिछा लें।
  • - इस पर आराम से बैठ जाएं। अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ रखें।
  • - सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं।
  • - अब सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकने की कोशिश करें।
  • - अपने दोनों हाथों से दोनों पैरों की उंगुलियों को पकड़ने की कोशिश करें।
  • - अपनी नाक को घुटने से छुएं।
  • - इस अवस्था में धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें।
  • - कुछ सेकेंड बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • - इस योगासन को आप 3-5 बार दोहरा सकते हैं।
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बुजुर्गों के लिए सूक्ष्म व्यायाम (Light Exercise)

ज्यादातर बुजुर्गों को जोड़ों से संबंधित रोग होते हैं। साथ ही वे शारीरिक रूप से इतने दुरुस्त भी नहीं होते हैं कि मुश्किल योगासन कर सके। ऐसे में बुजुर्गों के लिए सूक्ष्म व्यायाम करना सबसे बेहतर होता है। इसे सभी बुजुर्ग बैठे-बैठे आसानी से कर सकते हैं। सूक्ष्म व्यायाम से हाथों, पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव होता है, जिससे वे मजबूत बनती हैं। साथ ही इससे बॉडी अच्छे से स्ट्रेच भी हो जाती है। सूक्ष्म व्यायाम को इन तरीकों से किया जा सकता है।

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  • - इसे करने के लिए आप एक मैट पर आरामदायक अवस्था में बैठ जाएं।
  • - अपने दोनों पैरों को सामने की तरफ फैला लें। अब दोनों पैरों की उंगुलियों और अंगुष्ठों को आगे की तरफ धीरे-धीरे दबाने की कोशिश करें। फिर पीछे की तरफ ले आएं। इसे आप 5-8 बार दोहरा सकते हैं।
  • - सूक्ष्म व्यायाम में आप तितली आसन भी कर सकते हैं। इसके लिए अपने दोनों पैर घुटनों से मोड़ें और तलवों को आपस में जोड़ लें। अपने हाथों की उंगुलियों को इंटरलॉक करके पैरों के पंजों को पकड़ लें। अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को ऊपर-नीचे करें। ऐसा आप 8-10 बार कर सकते हैं।
  • - हाथों के लिए भी सूक्ष्म व्यायाम किया जा सकता है। आप अपने दोनों हाथों को सामने की तरफ रखें। अपनी सारी उंगुलियों को धीरे-धीरे मोडें और सीधा करें। इससे उंगुलियों की मासंपेशियां मजबूत होंगी। 

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सभी उम्र के लोग कर सकते हैं प्राणायाम (Pranayama) 

प्राणायाम सभी उम्र के लोगों को जरूर करना चाहिए। धीरे-धीरे सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को प्राणायाम कहा जाता है। आप अपने पूरे परिवार के साथ इसे कर सकते हैं। इसे बच्चे, बड़े और बुजुर्गे सभी कर सकते हैं। प्राणायाम में आप भस्त्रिका, कपालभाती, अनुलोम-विलोम आदि कर सकते हैं। इससे शरीर को ऑक्सीजन मिलता है और रक्त संचार बेहतर होता है। साथ ही नियमित रूप से प्राणायाम करने से मन और दिमाग शांत होता है। इससे तनाव और स्ट्रेस दूर होता है। आप चाहें तो इसमें ॐ का उच्चारण भी कर सकते हैं। इसके लिए लंबी सांस लें और ॐ का उच्चारण करते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें। प्राणायाम सबसे बेहतर योग है, जिसे आसानी से किया जा सकता है।

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