World Kidney Day 2020: महिलाओं को क्यों रहता है किडनी रोग का खतरा? जानें 5 बड़ी बातें

किडनी की बीमारी एक विश्‍वव्‍यापी समस्‍या बन गई है। जिससे दुनियाभर में भारी संख्‍या में लोग प्रभावित हैं। जानें ये महिलाओं को कैसे प्रभावित करता है।

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Mar 14, 2019Updated at: Mar 12, 2020
World Kidney Day 2020: महिलाओं को क्यों रहता है किडनी रोग का खतरा? जानें 5 बड़ी बातें

किडनी की बीमारी धीरे-धीरे पूरी दुनिया में फैल रही है। इससे दुनियाभर के लोग भारी संख्‍या में प्रभावित हो रहे हैं। गंभीर किडनी रोग (Chronic kidney disease) को किडनी की एक बीमारी के तौर पर जाना जाता है। यह एक लंबी अवधि तक रहने वाली बीमारी है जो कम उम्र में मौत का कारण बन सकती है। गंभीर किडनी रोग का मतलब यह होता है कि आपकी किडनी पूरी तरह से क्षतिग्रस्‍त और काम करना बंद कर चुकी है। आज के समय में किडनी की बीमारी तेज गति से बढ़ती हुई एक बीमारी बन गई है, जिसकी चपेट में पूरी दुनिया है। इस बीमारी से लोगों को उबारने के लिए और लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए वर्ल्‍ड किडनी डे मनाया जाता है। आपको बता दें कि, इस साल वर्ल्‍ड किडनी डे (World Kidney Day 2020) हर साल मार्च माह के पहले गुरूवार को मनाया जाता है। आज हम आपको किडनी के स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ी 5 ऐसी बातें बता रहे हैं जो प्रत्‍येक महिला को जाननी चाहिए।

1. किडनी की बीमारी महिलाओं में ज्‍यादा

कुछ अध्‍ययनों के मुताबिक, महिलाओं में पुरूषों की तुलना में गंभीर किडनी रोग की समस्‍या अधिक देखने को मिलती है। दोनों का औसत निकाला जाए तो महिलाओं गंभीर किडनी रोग की समस्‍या 14 प्रतिशत है तो वहीं पुरूषों में इस बीमारी का प्रतिशत 12 प्रतिशत आंका गया है।

2. गंभीर किडनी रोग से महिलाओं की मौत ज्‍यादा

वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, गंभीर किडनी रोग की वजह से औसतन 6 लाख महिलाओं की मौत उपचार के आभाव में हो जाती है। आमतौर महिलाओं में गंभीर किडनी रोग यूटीआई इंफेक्‍शन (मूत्र मार्ग में संक्रमण) की वजह से होता है। इसकी वजह से ब्‍लैडर और ट़यूब भी प्रभावित होती हैं।

3. इन कारणों से ज्‍यादा प्रभावित होती हैं महिलाएं

महिलओं में गंभीर किडनी रोग का मुख्‍य कारण प्रतिकूल गर्भावस्‍था परिणाम और कम प्रजनन क्षमता भी है। हालांकि, गंभीर किडनी रोग के बावजूद भी महिलाओं को गर्भावस्था और जन्म दोनों के दौरान पूर्व-एक्लम्पसिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा हो सकता है जो रक्तचाप बढ़ाने से गुर्दे पर तनाव पैदा कर सकते हैं। इसी कारण से, सभी गर्भवती महिलाओं के लिए उचित देखभाल महत्वपूर्ण है।

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4. गंभीर किडनी रोग का निदान है मुश्किल

की‍डनी की बीमारी के लक्षण धीरे धीरे विकसित होते हैं। प्रारंभिक लक्षण जैसे कि कम बार पेशाब करना, भूख की कमी, नींद की कमीं, थकान आदि संकेत हैं। वहीं कुछ लक्षण ऐसे हैं जो दिखाई नहीं देते हैं, जिसकी वजह से ये बीमारी गंभीर हो सकती है। ऐसी स्थिति में चिकित्‍सक की सलाह लेनी चाहिए।

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5. किडनी की बीमारी रोकने के लिए क्‍या करें

किडनी रोग किसी को भी प्रभावित कर सकता है और महिलाओं को को यह खतरा ज्‍यादा है। अगर आप इस समस्‍या से खुद को दूर रखना चा‍हती हैं तो जीवन में एक स्वस्थ विकल्प बनाकर किडनी की बीमारी के अवसरों को कम कर सकती हैं। इसके लिए नियमित रूप से व्यायाम करने या शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, धूम्रपान न करने, शराब से दूर रहने आदि जैसी आदतों को अपनी लाइफस्‍टाइल में शामिल करेंगी तो निश्चित रूप से आप इस बीमारी से दूर रहेंगी। इसके अलावा यदि आपका उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय की समस्याएं, किडनी रोग का पारिवारिक इतिहास रहा है तो आपको यह सुनिश्‍चित करना चाहिए कि आप हर छोटी-बड़ी समस्‍या के दौरान एक्‍सपर्ट की सलाह जरूर लें।

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